प्रकाश मेहरा
एग्जीक्यूटिव एडिटर
महाराष्ट्र: पुणे जिले के लोहागढ़ किले में 24 वर्षीय केतन अग्रवाल की मौत का मामला अब एक साधारण दुर्घटना से बदलकर संभावित साजिश और हत्या की जांच के दायरे में आ गया है। शुरुआत में इसे ट्रेकिंग के दौरान हुआ एक हादसा माना गया था, लेकिन पुलिस जांच में सामने आए कुछ तथ्यों के बाद मामले की दिशा बदल गई है।
मंगेतर के साथ लोहागढ़ किले पर ट्रेकिंग
मृतक केतन अग्रवाल अपने दोस्तों और मंगेतर के साथ लोहागढ़ किले पर ट्रेकिंग के लिए गए थे। शुरुआती रिपोर्ट के अनुसार, बताया गया कि “फोटो खींचते समय उनका संतुलन बिगड़ा और वे करीब 350 फीट गहरी खाई में गिर गए। इस घटना को पहले एक दुर्भाग्यपूर्ण हादसा माना गया था, और परिवार को भी इसी जानकारी से अवगत कराया गया था।”
निजी जीवन और शादी की तैयारियां
परिजनों के अनुसार, केतन की शादी अगले महीने तय थी और घर में तैयारियां चल रही थीं। जयपुर में एक भव्य शादी समारोह की योजना बनाई गई थी, जिसमें एक पैलेस बुक किया जा चुका था और मेहमानों के लिए व्यवस्थाएं की जा रही थीं। इसके अलावा, परिवार का कहना है कि जन्मदिन के अवसर पर एक बड़े समारोह की भी योजना थी, जिसमें महाबलेश्वर के एक रिसॉर्ट में कई कमरों की बुकिंग की गई थी।
शादी से पहले विदेश यात्रा
परिवार के मुताबिक, शादी से पहले विदेश यात्रा की भी योजना बनाई गई थी। इसी दौरान पासपोर्ट से जुड़ी एक घटना सामने आई, जिसमें दावा किया जा रहा है कि दस्तावेज गुम होने या नष्ट होने की बात कही गई थी। हालांकि, इस पहलू की भी पुलिस जांच कर रही है।
जांच में आया नया मोड़
पुलिस की प्रारंभिक जांच में मोबाइल रिकॉर्ड, सोशल मीडिया गतिविधियों और घटनास्थल से जुड़े साक्ष्यों के आधार पर संदेह गहराया है। इसके बाद इस मामले को केवल दुर्घटना न मानकर संभावित आपराधिक साजिश के रूप में भी जांचा जा रहा है। जांच के केंद्र में मृतक की मंगेतर और एक अन्य युवक का नाम सामने आ रहा है। हालांकि, पुलिस ने अब तक किसी भी व्यक्ति के खिलाफ आधिकारिक रूप से अंतिम निष्कर्ष घोषित नहीं किया है और जांच जारी है।
फिलहाल पुलिस सभी पहलुओं- घटना स्थल, डिजिटल साक्ष्य और गवाहों के बयान—की बारीकी से जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।







