प्रकाश मेहरा
नई दिल्ली (स्पेशल डेस्क)। महाराष्ट्र में 28 जून को आयोजित होने वाली शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी-2026) पेपर लीक होने के आरोपों के बाद रद्द कर दी गई है। परीक्षा रद्द होने के बाद कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) ने केंद्र और राज्य की बीजेपी सरकार पर तीखा हमला बोला है। पार्टी के नेता अभिजीत दीपके ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में सरकार पर युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने का आरोप लगाया।
अभिजीत दीपके का सरकार पर हमला
प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए अभिजीत दीपके ने कहा, “कल टीईटी की परीक्षा होने वाली थी, लेकिन परीक्षा से ठीक एक दिन पहले उसे रद्द कर दिया गया। इससे साफ साबित हो गया है कि चाहे राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा हो या राज्य स्तर की, बीजेपी सरकार इस देश में एक भी परीक्षा निष्पक्ष तरीके से नहीं करा पा रही है।” उन्होंने आगे कहा कि “इनका डबल इंजन अब डबल लीक बन चुका है।”
दीपके ने आरोप लगाया कि पेपर लीक की घटनाएं अब सामान्य होती जा रही हैं और सरकार छात्रों के भविष्य को लेकर गंभीर नहीं है। उन्होंने कहा “यह पहली बार नहीं हुआ है। मैं देश के युवाओं से कहना चाहता हूं कि बीजेपी सरकार को आपके भविष्य, आपकी पढ़ाई और आपके करियर से कोई लेना-देना नहीं है।”
148 पेपर लीक होने का दावा
सीजेपी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में दावा किया कि साल 2015 से अब तक देशभर में 148 परीक्षाओं के पेपर लीक हो चुके हैं, जिससे करोड़ों छात्रों का भविष्य प्रभावित हुआ है। पार्टी का कहना है कि “पिछले 20 वर्षों में 10 करोड़ से अधिक छात्रों की जिंदगी पेपर लीक और परीक्षा घोटालों से प्रभावित हुई है। यदि आपको लगता है कि यह आपकी समस्या नहीं है, तो दोबारा सोचिए। यदि आज हम अपने अधिकारों के लिए खड़े नहीं हुए, तो यह व्यवस्था कभी नहीं बदलेगी।”
महाराष्ट्र TET परीक्षा क्यों हुई रद्द ?
महाराष्ट्र राज्य परीक्षा परिषद ने पुष्टि की है कि 28 जून को आयोजित होने वाली महाराष्ट्र शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) को पेपर लीक की आशंका के चलते रद्द कर दिया गया है। राज्यभर में इस परीक्षा के लिए कुल 1,028 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे।
परीक्षा से जुड़े प्रमुख आंकड़े
- कुल पंजीकृत अभ्यर्थी: 4,28,122
- सेवारत शिक्षक (इन-सर्विस टीचर्स): 2,26,363
- परीक्षा केंद्र: 1,028
- निर्धारित परीक्षा तिथि: 28 जून 2026
- स्थिति: पेपर लीक के बाद परीक्षा रद्द
लगातार बढ़ रहे पेपर लीक के मामले
गौरतलब है कि “इससे पहले मई 2026 में आयोजित नीट-2026 परीक्षा भी पेपर लीक की शिकायतों के बाद रद्द कर दी गई थी। लगातार सामने आ रहे परीक्षा घोटालों ने प्रतियोगी परीक्षाओं की पारदर्शिता और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
महाराष्ट्र टीईटी परीक्षा रद्द होने के बाद विपक्ष ने सरकार को निशाने पर लेते हुए परीक्षा प्रणाली में बड़े सुधारों की मांग की है। वहीं लाखों अभ्यर्थियों में परीक्षा रद्द होने से भारी निराशा और असमंजस का माहौल है। अब सभी की नजर महाराष्ट्र सरकार और परीक्षा परिषद के अगले फैसले पर टिकी हुई है, जिसमें नई परीक्षा तिथि और आगे की प्रक्रिया की घोषणा की जाएगी।







