नई दिल्ली। नेपाल घूमने या बिजनेस के लिए जाने वाले भारतीयों के लिए अच्छी खबर है. नेपाल सरकार ने लगभग एक दशक पुराना बैन हटाते ₹200 और ₹500 मूल्यवर्ग के नए भारतीय नोटों के इस्तेमाल को मंजूरी दे दी है. नेपाल राष्ट्र बैंक (NRB) ने 23 जुलाई 2026 को इस संबंध में एक आधिकारिक अधिसूचना की. इस फैसले के बाद अब भारतीय और नेपाली नागरिक आसानी से ₹200 और ₹500 के नए नोट नेपाल ले जा सकेंगे.
नेपाल राष्ट्र बैंक के नए नियमों के मुताबिक, यह छूट केवल 9 नवंबर 2016 के बाद जारी किए गए ₹200 और ₹500 के नए भारतीय करेंसी नोटों पर ही लागू होगी.नोटबंदी से पहले जारी हुए ₹500 और ₹1,000 के पुराने नोट नेपाल में पहले की तरह ही पूरी तरह से प्रतिबंधित रहेंगे.
नेपाल सरकार ने कितने मूल्यवर्ग के भारतीय नोटों के इस्तेमाल को मंजूरी दी है?
- ₹100 और ₹200
- ₹100 और ₹500
- ₹500 और ₹1000
- ₹200 और ₹500
नकद ले जा पाएंगे बस ₹25,000
नेपाल जाने या वहां से वापस आने वाले यात्रियों के लिए भारतीय मुद्रा ले जाने की एक सीमा तय की गई है. एक व्यक्ति अधिकतम ₹25,000 तक ही भारतीय नोट नेपाल ले जा सकता है. इसी तरह नेपाल से भी बस इतनी ही मुद्रा भारत लाई जा सकती है. नेपाल से किसी तीसरे देश में भारतीय करेंसी ले जाना पूरी तरह से गैर-कानूनी रहेगा.
कस्टम डिक्लेरेशन के नियम भी जारी
विदेशी मुद्रा को लेकर भी नेपाल राष्ट्र बैंक ने गाइडलाइंस जारी की हैं. नेपाली नागरिक और विदेशी यात्री 5,000 अमेरिकी डॉलर (या इसके बराबर विदेशी मुद्रा) तक बिना किसी कस्टम घोषणा (Custom Declaration) के नेपाल ला सकते हैं. यदि आपके पास ₹100 तक के छोटे भारतीय नोट हैं, तो आप 5,000 डॉलर के मूल्य के बराबर राशि बिना कस्टम घोषणा के ले जा सकते हैं. 5,000 डॉलर से अधिक की विदेशी मुद्रा या तय सीमा से ज्यादा कैश है, तो कस्टम ऑफिस में इसकी लिखित घोषणा करनी होगी.







