नई दिल्ली। दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए छात्रों के प्रदर्शन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक वीडियो शेयर किया था. खास बात यह थी कि पीएम मोदी ने सेल्फी मोड में यह वीडियो रिकॉर्ड किया था और उन्होंने युवाओं को संबोधित किया था. मेटा कंपनी के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पीएम मोदी के इस पहले वीडियो को भारत में रिस्ट्रिक्ट कर दिया था, लेकिन जब एबीपी न्यूज ने सवाल किया तो उसने सफाई पेश की. अहम बात यह भी है कि केंद्र सरकार के आईटी मंत्रालय ने मेटा और इंस्टाग्राम के वैश्विक प्रमुखों (ग्लोबल हेड्स) को तलब किया है.
फेसबुक ने पीएम मोदी के सीजेपी प्रदर्शन के दौरान अपलोड की गई पहली वीडियो को भारत में देर रात रिस्ट्रिक्ट कर दिया. जब रात 1 बजकर 25 मिनट पर See Why ऑप्शन पर क्लिक किया गया तो लिखा हुआ मिला कि कानूनी रिक्वेस्ट का पालन करते हुए इसे रेस्ट्रिक्ट किया गया है. एबीपी न्यूज को भेजे गए जवाब में मेटा ने कहा की प्रधानमंत्री की वीडियो गलती से हटा दी गई थी, जिसे अब ठीक कर दिया गया है. मेटा ने बवाल बढ़ता देख अपना फैसला बदल लिया.
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को लेकर बवाल
कॉकरोच जनता पार्टी के समर्थकों ने जंतर-मंतर पर कई दिनों तक प्रदर्शन किया. सीजेपी ने 20 जुलाई को संसद मार्च रखा था. इस दौरान भीड़ संसद की ओर बढ़ ही थी, लेकिन पुलिस ने लाठीचार्ज करके रोक दिया. इस दौरान पूर्व केंद्रीय शिक्षामंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के विवाद को बढ़ता देख पीएम मोदी ने जेन-जी के लिए वीडियो शेयर किया था. पीएम मोदी ने कहा था कि उन्होंने पेपर लीक के मामले को गंभीरता से लिया है और एक्शन भी लिया है.
पीएम मोदी ने दूसरे वीडियो में की थी अहम घोषणा
प्रधानमंत्री मोदी ने परीक्षाओं में सुधार के लिए इन्फोसिस के सह-संस्थापक नंदन नीलेकणि की अध्यक्षता में एक उच्चाधिकार प्राप्त कार्यबल के गठन की घोषणा की थी. उन्होंने एक दूसरे वीडियो कहा था कि सरकार कार्यबल के सुझावों को लागू करेगी, जिससे यह पक्का होगा कि परीक्षा प्रणाली भरोसेमंद हो और प्रौद्योगिकी का ज्यादा से ज्यादा इस्तेमाल करके उसमें पारदर्शिता लाई जा सके.






