हरिद्वार: सावन महीने की शुरुआत के साथ ही उत्तराखंड का प्रसिद्ध कांवड़ मेला शुरू हो गया है. इस बार हरिद्वार में पिछले वर्षों की तुलना में अधिक श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना जताई गई है. जिला प्रशासन का अनुमान है कि पूरे मेले के दौरान 5 से 6 करोड़ कांवड़िए हरिद्वार पहुंचकर गंगाजल लेकर अपने गंतव्य की ओर रवाना होंगे. इसी को देखते हुए प्रशासन और पुलिस ने सुरक्षा, यातायात और श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए व्यापक तैयारियां की हैं.
पहली बार कांवड़ मेले में साइबर कमांडो की तैनाती
इस बार कांवड़ मेले की सबसे खास बात यह है कि पहली बार साइबर कमांडो तैनात किए गए हैं. हरिद्वार के एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर ने बताया कि साइबर कमांडो सोशल मीडिया पर 24 घंटे निगरानी रखेंगे. उन्होंने बताया कि मेले से जुड़े फर्जी, भ्रामक और एआई से तैयार किए गए वीडियो पर तुरंत कार्रवाई की जाएगी. सामान्य भ्रामक वीडियो को 36 घंटे के भीतर हटाने का प्रयास होगा, जबकि एआई से बनाए गए फर्जी वीडियो को करीब तीन घंटे के भीतर हटाने की व्यवस्था की गई है. इसके लिए सोशल मीडिया कंपनियों और संबंधित एजेंसियों के साथ समन्वय स्थापित किया गया है.
2027 कुंभ मेले की तैयारी का भी हिस्सा
एसएसपी के अनुसार, कांवड़ मेले में तैनात साइबर कमांडो को आईआईटी जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों से विशेष प्रशिक्षण दिया गया है. इस मेले में मिलने वाला अनुभव अगले वर्ष हरिद्वार में प्रस्तावित कुंभ मेले की सुरक्षा व्यवस्था में भी काम आएगा. इसके अलावा कुंभ मेले की तैयारी कर रहे पुलिसकर्मियों को भी इस बार कांवड़ मेले में तैनात किया गया है, ताकि उन्हें भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था का व्यावहारिक अनुभव मिल सके.
5 से 6 करोड़ श्रद्धालुओं के लिए विशेष इंतजाम
जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने बताया कि इस बार 5 से 6 करोड़ श्रद्धालुओं के आने की संभावना को देखते हुए सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं. मेला क्षेत्र को पूरी तरह अतिक्रमण मुक्त कर दिया गया है और चरणबद्ध तरीके से यातायात योजना लागू की जाएगी, ताकि भीड़ का दबाव आसानी से संभाला जा सके.
11 अगस्त तक स्कूल-कॉलेज बंद, ऑनलाइन होगी पढ़ाई
भीड़ और यातायात को देखते हुए प्रशासन ने 30 जुलाई से 11 अगस्त तक हरिद्वार जिले के सभी स्कूल और कॉलेज बंद रखने का निर्णय लिया है. इस दौरान विद्यार्थियों की पढ़ाई ऑनलाइन कराई जाएगी. जिलाधिकारी ने शिक्षा विभाग को इसके लिए आवश्यक निर्देश भी जारी कर दिए हैं.
मांस की दुकानें बंद, खाद्य पदार्थों की होगी सख्त जांच
कांवड़ मेले के दौरान मेला क्षेत्र में मांस की दुकानों को बंद रखने के निर्देश दिए गए हैं. साथ ही सभी दुकानदारों को अपनी दुकानों पर मूल्य सूची लगाना अनिवार्य किया गया है. खाद्य सुरक्षा विभाग मिलावटी दूध, मावा, पनीर और अन्य खाद्य पदार्थों के खिलाफ लगातार अभियान चला रहा है. हाल ही में श्यामपुर क्षेत्र से करीब 50 क्विंटल नकली पनीर बरामद कर नष्ट किया गया और संबंधित दुकानदार के खिलाफ कार्रवाई की गई.
6 हजार से अधिक पुलिसकर्मी और 13 कंपनियां तैनात
कांवड़ मेले की सुरक्षा के लिए 6 हजार से अधिक पुलिसकर्मी और 13 कंपनियां केंद्रीय अर्धसैनिक बलों की तैनात की गई हैं. पूरे मेला क्षेत्र को बेहतर निगरानी के लिए 18 सुपर जोन, 40 जोन और 141 सेक्टर में विभाजित किया गया है. इसके अलावा गढ़वाल और कुमाऊं से अतिरिक्त पुलिस बल और पीएसी के जवान भी तैनात किए गए हैं.
ड्रोन और सीसीटीवी से होगी निगरानी
पूरे मेला क्षेत्र की निगरानी 10 ड्रोन कैमरों और बड़ी संख्या में लगाए गए सीसीटीवी कैमरों से की जा रही है. साथ ही पुलिस, फायर ब्रिगेड और स्वास्थ्य विभाग के सहायता केंद्र 24 घंटे सक्रिय रहेंगे. पुलिस ने मेला ड्यूटी में बेहतर कार्य करने वाले जवानों को प्रतिदिन सम्मानित करने की भी योजना बनाई है. इसके अलावा श्रद्धालुओं की सहायता के लिए पुलिस वेलफेयर टीम भी लगातार सेवा में रहेगी.
डीजे और कांवड़ के आकार पर भी रहेगी सख्ती
एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर ने बताया कि डीजे वाहनों और कांवड़ की लंबाई को लेकर निर्धारित नियमों का सख्ती से पालन कराया जाएगा. जो भी व्यक्ति या वाहन तय मानकों का उल्लंघन करेगा या कानून-व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश करेगा, उसके खिलाफ तत्काल कार्रवाई की जाएगी. प्रशासन का कहना है कि इस बार का लक्ष्य श्रद्धालुओं को सुरक्षित, सुगम और व्यवस्थित कांवड़ यात्रा का अनुभव देना है, ताकि पूरा मेला शांतिपूर्ण और सफलतापूर्वक संपन्न हो सके.







