नई दिल्ली। लिथियम को उसकी अत्यधिक आर्थिक और तकनीकी महत्व के कारण सफेद सोना कहा जाता है। इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए यह किसी वरदान से कम नहीं है। भारत इसके लिए काफी हद तक चीन पर निर्भर है लेकिन वह अलग विकल्प भी तलाश ला रहा है। इसी कड़ी में चिली काफी महत्वपूर्ण है। पिछले दिनों यह खबर आई थी कि भारत और चिली के बीच ट्रेड डील को लेकर बातचीत काफी तेज गति से आगे बढ़ रही है। चिली दुनिया का सबसे बड़ा कॉपर उत्पादक देश है और यहां दुनिया के सबसे बड़े लिथियम भंडार मौजूद हैं। अब यह खबर सामने आ रही है कि भारत और चिली के बीच ट्रेड एग्रीमेंट (व्यापार समझौते) को लेकर बातचीत अपने आखिरी दौर में है।
चीन पर निर्भरता काफी हद तक कम होगी
दोनों देशों के बीच होने वाली यह डील भारत की मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को अगले स्तर तक ले जा सकती है और चीन पर उसकी निर्भरता काफी हद तक कम कर सकती है। एक सूत्र ने बताया कि भारत और चिली के बीच ट्रेड एग्रीमेंट अपने आखिरी दौर में है। कॉमर्स सेक्रेटरी के इसी महीने दक्षिण अमेरिकी देश की यात्रा करने की उम्मीद है। भारत के लिए कॉपर और लिथियम जैसे जरूरी मिनरल्स तक पहुंच एक अहम प्राथमिकता बन गई है।
दोनों देशों के बीच बढ़ता व्यापार
सूत्रों के मुताबिक प्रस्तावित कॉम्प्रिहेंसिव इकोनॉमिक पार्टनरशिप एग्रीमेंट (CEPA) से भारतीय एक्सपोर्टर्स को ज्यादा मार्केट एक्सेस मिलने की उम्मीद है। चिली दुनिया का सबसे बड़ा कॉपर उत्पादक देश है और यहां दुनिया के सबसे बड़े लिथियम भंडार मौजूद हैं। यह देश अन्य मिनरल्स का भी एक बड़ा उत्पादक है, जो इंडस्ट्रियल और क्लीन-एनर्जी सप्लाई चेन के लिए जरूरी हैं। भारत के हालिया ट्रेड डेटा से इस रिश्ते की बढ़ती अहमियत का पता चलता है। डेटा के मुताबिक जून तिमाही में दोनों देशों के बीच व्यापार लगभग 74% बढ़कर 2.06 अरब डॉलर हो गया, जो पिछले साल की इसी अवधि में 1.19 अरब डॉलर था।
पिछले साल शुरू हुआ बातचीत का दौर
भारत और चिली ने 8 मई, 2025 को CEPA बातचीत के लिए नियम और शर्तें तय कीं और उसी महीने के आखिर में नई दिल्ली में बातचीत का पहला दौर शुरू हुआ। तब से दोनों देशों के बीच बातचीत के चार दौर हो चुके हैं और आखिरी दौर 5 दिसंबर को नई दिल्ली में खत्म हुआ। मई में भारत दौरे के दौरान चिली के विदेश मंत्री फ्रांसिस्को पेरेज मैककेना और व्यापार से जुड़े वरिष्ठ अधिकारियों ने वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल और अग्रवाल के साथ CEPA को जल्द पूरा करने पर बातचीत की।







