नई दिल्ली। अयोध्या राम मंदिर में कथित चंदा चोरी और जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारी छात्रों पर पुलिस कार्रवाई को लेकर गृह मंत्री अमित शाह के बयान की मांग को लेकर कांग्रेस समेत विपक्षी पार्टियों के हंगामे के कारण मंगलवार को भी लोकसभा की कार्यवाही शुरू होने के महज 4 मिनट के भीतर ही दोपहर 2 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई।
संसद के मॉनसून सत्र का 17वें दिन भी काफी हंगामेदार रहा और सदन में प्रश्नकाल नहीं हो सका। इस बीच पूर्व केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने LoP राहुल गांधी पर जमकर हमला बोला है। उन्होंने कहा ‘राहुल गांधी छात्रों को लेकर झूठ फैला रहे हैं, वो न तो संसद में आना चाहते हैं और नहीं जवाब सुनना चाहते हैं।’
कांग्रेस लगातार झूठ फैला रही-धर्मेंद्र प्रधान
धर्मेंद्र प्रधान ने एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा ‘कांग्रेस छात्रों के हितों के बारे में लगातार झूठ फैला रही है। राहुल गांधी के पास तथ्यों का अभाव है, और विपक्ष के नेता, जो आदतन झूठ बोलते हैं, न तो संसद में आना चाहते हैं और न ही जवाब सुनना चाहते हैं। वे सिर्फ अपना झूठ फैलाना चाहते हैं और मगरमच्छ के आंसू बहाना चाहते हैं।’
सरकार हर मुद्दे पर संसद में चर्चा के लिए तैयार
उन्होंने आगे कहा ‘माननीय गृहमंत्री गृह मंत्री अमित शाह जी पर बेवजह बिना किसी तथ्य के झूठे आरोप लगाना राहुल गांधी और कांग्रेस की राजनीतिक हताशा को दिखाता है। सरकार हर मुद्दे पर संसद में चर्चा के लिए तैयार है, मगर कांग्रेस लोकतंत्र के मंदिर ‘संसद भवन’ को बाधित कर देश और युवाओं के हितों को कुचलने का काम कर रही है।
क्योंकि इनकी मंशा देश हित नहीं, स्वयं के हितों को पहले प्राथमिकता देने की है। जब सदन में चर्चा होती है तो ये लोग बाहर हंगामा करते हैं, क्योंकि सदन में जवाब सुनने की इतनी क्षमता नहीं है।
झारखंड में छात्रों के साथ बर्बरता पर राहुल चुप
उन्होंने आगे कहा ‘कांग्रेस का लोकतंत्र भी ‘Selective’ है, जहां अपनी सरकार हो, वहां युवाओं पर हिंसा और जहां राजनीति चमकानी हो, वहां झूठ और हंगामा। झारखंड में छात्रों के साथ जो बर्बरता हुई है, उसे पूरे देश ने देखा है।
लेकिन, सवाल ये है कि हर मुद्दे पर प्रेस कॉन्फ्रेंस करने वाले राहुल गांधी आज चुप्पी क्यों साधे हुए हैं? देश का युवा कांग्रेस के इस दोहरे चरित्र को अच्छी तरह समझ चुका है। लोकतंत्र में तानाशाही के लिए कोई जगह नहीं, ये राहुल गांधी और आपातकाल वाली सोच से चलने वाली कांग्रेस पार्टी को अच्छी तरह समझ लेना चाहिए।







