नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत के स्पेस सेक्टर को दुनिया के लिए आकर्षण का केंद्र बनाने पर जोर दिया है. स्पेस स्टार्टअप्स के CEO और फाउंडर्स के साथ बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि भारत को ऐसा माहौल तैयार करना चाहिए, जहां दुनिया भर के लोगों को लगे कि अगर वे स्पेस सेक्टर में अपना करियर बनाना चाहते हैं तो उन्हें भारत आना चाहिए.
प्रधानमंत्री ने कहा कि विदेशी टैलेंट को भारतीय स्पेस स्टार्टअप्स और भारतीय स्पेस एजेंसियों के साथ काम करने के लिए आकर्षित किया जा सकता है. उनका मानना है कि दुनिया के अलग-अलग हिस्सों से प्रतिभाओं को भारत की ओर खींचना देश के लिए बड़ी ताकत साबित हो सकता है.
ग्लोबल टैलेंट के लिए भारत बने पसंदीदा जगह
पीएम मोदी ने कहा कि भारत को स्पेस सेक्टर में ऐसा इकोसिस्टम तैयार करने की जरूरत है, जो दुनिया के टैलेंट को आकर्षित कर सके. इसके लिए देश में ऐसे अवसर और माहौल तैयार किए जाने चाहिए, जहां अंतरराष्ट्रीय स्तर के विशेषज्ञ भारत आकर काम करना पसंद करें. उन्होंने कहा कि अगर भारत दुनिया भर के प्रतिभाशाली लोगों को आकर्षित करने में सफल होता है तो इसका फायदा देश के स्पेस इंडस्ट्री को लंबे समय तक मिल सकता है.
लागत के मामले में भारत की बड़ी ताकत
प्रधानमंत्री ने भारत की कम लागत में काम करने की क्षमता को भी स्पेस सेक्टर की बड़ी ताकत बताया. उन्होंने कहा कि भारत कॉस्ट-कॉम्पिटिटिव है और देश के पास उच्च गुणवत्ता वाला टैलेंट मौजूद है. स्पेस मिशन में लागत को कंट्रोल रखना काफी जरूरी माना जाता है. भारत पहले भी कम लागत में अंतरिक्ष अभियानों को पूरा करने की क्षमता दिखा चुका है. इससे भारतीय स्पेस कंपनियों और स्टार्टअप्स के लिए वैश्विक बाजार में प्रतिस्पर्धा करने के अवसर बढ़ सकते हैं.
जोखिम उठाने की क्षमता को बताया अहम
पीएम मोदी ने भारतीय युवाओं और देश के लोगों की जोखिम लेने की क्षमता को भी भारत की ताकत बताया. उनके मुताबिक, नए विचारों और तकनीक के साथ काम करने के लिए जोखिम उठाने की क्षमता जरूरी है. उन्होंने कहा कि बेहतर टैलेंट, प्रतिस्पर्धी लागत और जोखिम लेने की क्षमता जैसे फायदे भारत को ग्लोबल स्पेस सेक्टर में तेजी से अपनी जगह बनाने में मदद कर सकते हैं.







