नई दिल्ली। ट्रेन का टिकट बुक करते समय लंबी वेटिंग देखकर परेशान होने वाले यात्रियों के लिए रेलवे की नई तैयारी अहम हो सकती है. रेलवे अब उन मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों में यात्रियों के लिए ज्यादा जगह बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है, जिनमें सीटों की मांग लगातार बनी रहती है. योजना के तहत मौजूदा 22 कोच वाली ट्रेनों में दो और कोच जोड़े जाने हैं. इसका मतलब है कि कई ट्रेनों में यात्रियों को 24 कोच की क्षमता मिल सकती है.
बढ़ती वेटिंग को कम करने की है कोशिश
रेलवे की इस पहल का सबसे बड़ा असर टिकट की उपलब्धता पर पड़ने की उम्मीद है. जिन प्रमुख ट्रेनों में भीड़ के समय वेटिंग 100 से 150 तक पहुंच जाती है, वहां दो अतिरिक्त कोच जुड़ने के बाद वेटिंग करीब 20 से 25 तक सिमट सकती है. इससे उन यात्रियों के लिए कन्फर्म सीट मिलने की संभावना बढ़ेगी, जिन्हें अभी लंबी वेटिंग के कारण यात्रा की अनिश्चितता झेलनी पड़ती है.
160 यात्रियों के लिए बढ़ सकती है क्षमता
दो अतिरिक्त कोच लगाने पर जिस श्रेणी की क्षमता बढ़ाई जाएगी, उसमें करीब 160 यात्रियों को सीधा लाभ मिलेगा. इसका फायदा एसी और स्लीपर जैसी उन श्रेणियों में खास तौर पर महत्वपूर्ण हो सकता है, जहां टिकट की मांग अधिक रहती है. एसी थर्ड में सामान्य तौर पर वेटिंग 60 से 70 तक पहुंचती है, जबकि स्लीपर में यह 100 से भी ऊपर चली जाती है. ऐसे में यदि दो एसी थर्ड कोच जोड़े जाते हैं तो इस श्रेणी की वेटिंग लगभग खत्म होने की स्थिति बन सकती है.
गोरखपुर-एलटीटी सुपरफास्ट से शुरू हुआ परीक्षण
रेलवे बोर्ड के फैसले को जमीन पर उतारने की प्रक्रिया पूर्वोत्तर रेलवे में शुरू हो चुकी है. गोरखपुर से लोकमान्य तिलक टर्मिनस जाने वाली ट्रेन संख्या 20104 एलटीटी सुपरफास्ट में दो अतिरिक्त कोच लगाए गए हैं. यह व्यवस्था फिलहाल परीक्षण के तौर पर की गई है. रेलवे के यांत्रिक विभाग ने आगे की तैयारियों पर काम शुरू कर दिया है. बोर्ड के निर्देश के मुताबिक दो कोच स्थायी तौर पर जोड़े जाने हैं.
सभी ट्रेनों को एक साथ नहीं मिलेगा यह बदलाव
रेलवे की योजना का मतलब यह नहीं है कि हर मेल और एक्सप्रेस ट्रेन में एक साथ कोच बढ़ा दिए जाएंगे. अधिकारियों के मुताबिक पहले उन ट्रेनों को प्राथमिकता दी जाएगी, जिनमें सामान्य दिनों में भी यात्रियों की संख्या ज्यादा रहती है. त्योहारों के दौरान अचानक बढ़ने वाली भीड़ के साथ-साथ पूरे साल अधिक यात्री दबाव वाली ट्रेनों को इस व्यवस्था में पहले शामिल किए जाने की बात कही गई है.
17 जोन से मांगी गई थी जानकारी
दो अतिरिक्त कोच लगाने का निर्णय लेने से पहले रेलवे बोर्ड ने सभी 17 जोन से मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों में मौजूदा कोच व्यवस्था को लेकर जानकारी जुटाई थी. 22 की जगह 24 कोच करने के प्रस्ताव पर कई दिनों तक विचार-विमर्श हुआ. इसके बाद कोचों की संख्या बढ़ाने पर सहमति बनी. हालांकि, इस व्यवस्था को लागू करने से पहले कुछ जरूरी बुनियादी व्यवस्थाएं पूरी करने का सुझाव भी दिया गया है.
यात्रियों के लिए सीटों की उपलब्धता बढ़ने के साथ इस फैसले का आर्थिक फायदा रेलवे को भी मिल सकता है. दो अतिरिक्त कोच जुड़ने से अधिक यात्रियों को टिकट मिल सकेगा, जिससे रेलवे की अतिरिक्त कमाई होगी.
सावन के अंतिम सोमवार के लिए अलग इंतजाम
उधर, सावन के अंतिम सोमवार पर हरिद्वार और ऋषिकेश जाने वाले श्रद्धालुओं की संभावित भीड़ को देखते हुए मुरादाबाद रेल मंडल ने भी अपनी तैयारी तेज की है. जलाभिषेक के लिए बड़ी संख्या में यात्रियों के पहुंचने की संभावना के मद्देनजर रेलवे ने यात्री सुविधा बढ़ाने के लिए कई व्यवस्थाएं की हैं.
प्रमुख ट्रेनों में अतिरिक्त जनरल कोच उपलब्ध कराए गए हैं. इसके साथ ही तीन जोड़ी कांवड़ मेला स्पेशल ट्रेनें चलानी शुरू की गई हैं. दिल्ली-हरिद्वार मेमू सेवा का भी अस्थायी विस्तार किया गया है.
इन ट्रेनों में बढ़ी सामान्य श्रेणी की क्षमता
यात्रियों की भीड़ को देखते हुए ट्रेन संख्या 54481, 54482, 54483, 54484, 54464, 54463, 54342 और 54341 में अतिरिक्त सामान्य श्रेणी के कोचों की व्यवस्था की गई है.







