नई दिल्ली। आर.के. पुरम स्थित माधवपुरम के चौधरी झंडू सिंह पार्क में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की माधव शाखा द्वारा रक्षाबंधन उत्सव उत्साह, आत्मीयता और संस्कारपूर्ण वातावरण में मनाया गया। कार्यक्रम में स्वयंसेवकों ने रक्षासूत्र के माध्यम से आपसी भाईचारे, सामाजिक समरसता, राष्ट्रभक्ति और समाज के प्रति अपने दायित्व को और मजबूत करने का संकल्प लिया।

कार्यक्रम का शुभारंभ पूज्य भगवा ध्वज को रक्षा सूत्र अर्पित कर किया गया। इसके पश्चात शाखा के स्वयंसेवकों ने एक-दूसरे को रक्षासूत्र बांधा। इस अवसर पर स्वयंसेवकों ने कहा कि “रक्षाबंधन केवल भाई-बहन के प्रेम का पर्व ही नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति में सामाजिक एकता, आत्मीयता, विश्वास और परस्पर जिम्मेदारी का संदेश देने वाला महत्वपूर्ण पर्व है।
उत्सव के दौरान स्वयंसेवकों में विशेष उत्साह देखने को मिला। सभी ने राष्ट्र और समाज के प्रति अपने कर्तव्यों का निर्वहन करने तथा समाज में आपसी प्रेम, सहयोग और भाईचारे की भावना को मजबूत करने का संकल्प लिया।
समाज की एकता और समरसता ही राष्ट्र की शक्ति : जिला प्रचारक सतीश जी
इस अवसर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के जिला प्रचारक सतीश जी ने रक्षाबंधन पर्व के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि “रक्षाबंधन भारतीय संस्कृति का ऐसा पर्व है, जो समाज में आत्मीयता, विश्वास, भाईचारे और सामाजिक समरसता की भावना को मजबूत करता है। रक्षासूत्र हमें यह स्मरण कराता है कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति के सुख-दुःख में सहभागी होना और एक-दूसरे की रक्षा एवं सहायता के लिए सदैव तत्पर रहना हमारा दायित्व है।
रक्षासूत्र समाज को जोड़ने का संदेश देता है : प्रकाश जी
माधव शाखा के मीडिया प्रमुख प्रकाश जी ने रक्षाबंधन के महत्व पर अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि “रक्षासूत्र केवल एक धागा नहीं है, बल्कि यह विश्वास, आत्मीयता, सुरक्षा, सामाजिक समरसता और राष्ट्र के प्रति समर्पण का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि भारतीय परंपरा में पर्व केवल व्यक्तिगत उत्सव नहीं होते, बल्कि उनके माध्यम से समाज को जोड़ने और एक-दूसरे के प्रति अपने दायित्व का बोध कराने का कार्य भी किया जाता है।”
उन्होंने कहा कि “आज आवश्यकता है कि हम रक्षाबंधन के मूल भाव को व्यापक सामाजिक जीवन से जोड़ें। समाज के प्रत्येक वर्ग के बीच प्रेम और भाईचारा बढ़े, आपसी भेदभाव समाप्त हो और राष्ट्रहित सर्वोपरि रखते हुए सभी लोग मिलकर देश की प्रगति में अपना योगदान दें। रक्षासूत्र हमें इसी एकता और समर्पण की भावना का स्मरण कराता है। मजबूत समाज की नींव आपसी विश्वास, संस्कार और समरसता पर टिकी होती है। जब समाज का प्रत्येक व्यक्ति अपने दायित्व को समझकर राष्ट्रहित में कार्य करता है, तभी एक सशक्त और संगठित राष्ट्र का निर्माण संभव होता है।”
रक्षाबंधन हमें एकता और भाईचारे का संदेश देता है : मथुरा जी
जिला श्रमिक प्रमुख मथुरा जी ने कहा कि “रक्षाबंधन केवल रक्षासूत्र बांधने का पर्व नहीं, बल्कि आपसी प्रेम, विश्वास, भाईचारे और सामाजिक एकता का प्रतीक है। हमें इस पर्व के माध्यम से समाज में समरसता और सहयोग की भावना को मजबूत करने का संकल्प लेना चाहिए। राष्ट्र की मजबूती के लिए समाज का संगठित और एकजुट रहना आवश्यक है।”
संस्कार और समरसता का पर्व है रक्षाबंधन : किशोर जी
मुख्य शिक्षक किशोर जी ने कहा कि “रक्षाबंधन हमें आपसी प्रेम, आत्मीयता और भाईचारे का संदेश देता है। यह पर्व हमें अपने सामाजिक दायित्वों को समझने और एक-दूसरे के प्रति सहयोग एवं सम्मान की भावना रखने की प्रेरणा देता है। हमें मिलकर समाज में संस्कार, समरसता और राष्ट्रभाव को मजबूत करना चाहिए।”
रक्षाबंधन आत्मीयता और एकता का पर्व है : रामवीर जी
शाखा पालक रामवीर जी ने कहा कि “रक्षाबंधन हमें आपसी प्रेम, विश्वास और भाईचारे की भावना को मजबूत करने की प्रेरणा देता है। रक्षासूत्र समाज को एकजुट रखने और राष्ट्र के प्रति अपने दायित्व को समझने का संदेश देता है। हमें मिलकर संगठित और संस्कारित समाज के निर्माण के लिए कार्य करना चाहिए।”
भाईचारे की भावना को मजबूत करने का संदेश: शूरवीर जी
स्वयंसेवक शूरवीर जी ने कहा कि “रक्षाबंधन केवल भाई-बहन के प्रेम का पर्व नहीं, बल्कि यह समाज में प्रेम, विश्वास, एकता और भाईचारे की भावना को मजबूत करने का संदेश देता है। हमें संकल्प लेना चाहिए कि हम समाज के हर व्यक्ति की सुरक्षा, सम्मान और सहयोग के लिए सदैव तत्पर रहेंगे। यही रक्षाबंधन का सच्चा भाव है।”
अनेक स्वयंसेवकों की रही गरिमामयी उपस्थिति
रक्षाबंधन उत्सव में मुख्य शिक्षक किशोर जी, शाखा पालक रामवीर जी, जिला श्रमिक प्रमुख मथुरा जी, देवेंद्र जी, वरिष्ठ स्वयंसेवक महेंद्र जी, जिला प्रचारक सतीश जी, प्रकाश जी, प्रदीप जी, योगेंद्र जी, शूरवीर जी सहित बड़ी संख्या में स्वयंसेवकों की गरिमामयी उपस्थिति रही। कार्यक्रम के दौरान स्वयंसेवकों ने रक्षाबंधन पर्व के माध्यम से समाज में प्रेम, सद्भाव, सेवा, समरसता और राष्ट्रभाव को मजबूत करने का संदेश दिया। उत्सव का वातावरण पूरे समय आत्मीयता और उत्साह से भरा रहा।
अंत में सभी स्वयंसेवकों ने संकल्प लिया कि वे समाज में भाईचारे, सामाजिक समरसता, सेवा और राष्ट्रभक्ति की भावना को आगे बढ़ाने के लिए निरंतर कार्य करेंगे। माधव शाखा का यह रक्षाबंधन उत्सव भारतीय संस्कृति और राष्ट्रभाव के प्रति समर्पण का प्रेरणादायी संदेश देते हुए संपन्न हुआ।







