नई दिल्ली। दिल्ली में पानी की बर्बादी रोकने और लोगों को पानी की किल्लत से बचाने के लिए सरकार ने बड़ा कदम उठाया है. इसके तहत राजधानी में वॉटर मास्टर प्लान पर काम शुरू किया गया है. दिल्ली को कुल 8 जोन में बांटकर पानी से जुड़ी सुविधाओं को मजबूत किया जाएगा. पहले चरण में वेस्ट और साउथ वेस्ट जोन के लिए 11,427 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई है.
वहीं मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और जल मंत्री प्रवेश साहिब सिंह ने मंगलवार को इस योजना की जानकारी दी. सरकार के अनुसार, दोनों जोन में जलापूर्ति व्यवस्था मजबूत होने से 20 विधानसभा इलाकों की 36 लाख से ज्यादा आबादी को फायदा मिलेगा. सरकार का लक्ष्य पानी की सप्लाई को बेहतर बनाने के साथ-साथ पाइपलाइन में होने वाले पानी के नुकसान को कम करना है.
वेस्ट जोन में 14 लाख से ज्यादा लोगों को फायदा
वेस्ट जोन के लिए 4,330.72 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई है. इस जोन में 8 UGR कमांड एरिया और 9 विधानसभा क्षेत्र शामिल हैं. सरकार के अनुसार, योजना पूरी होने के बाद इस इवाके में 14.16 लाख से ज्यादा लोगों को बेहतर जलापूर्ति का फायदा मिलेगा. इस योजना में पानी की पाइपलाइन और अन्य जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने पर जोर दिया जाएगा. इससे पानी की सप्लाई को ज्यादा व्यवस्थित बनाने में मदद मिलेगी.
साउथ वेस्ट जोन के लिए 7096 करोड़
साउथ वेस्ट जोन के लिए सरकार ने 7,096 करोड़ रुपये की मंजूरी दी है. इस क्षेत्र में 11 विधानसभा क्षेत्र शामिल हैं और करीब 22.23 लाख लोगों को इसका फायदा मिलने की उम्मीद है. सरकार ने वॉटर इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के लिए एशियन डेवलपमेंट बैंक (ADB) से 2,500 करोड़ रुपये का लोन भी मंजूर कराया है. इसके तहत 1741 करोड़ रुपये की दो परियोजनाओं पर काम किया जाएगा.
हर बूंद की होगी निगरानी
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के अनुसार, सरकार दिल्ली में ऐसी जलापूर्ति व्यवस्था तैयार करना चाहती है, जिसमें लोगों को 24 घंटे और सातों दिन पूरा दबाव के साथ पानी मिल सके. साथ ही पानी की हर बूंद का हिसाब रखा जाएगा. इसके लिए स्मार्ट मीटरिंग और NRW यानी नॉन-रेवेन्यू वाटर की निगरानी बढ़ाई जाएगी. राजधानी में 131 डिस्ट्रिक्ट मीटर एरिया बनाए जाएंगे. इनकी मदद से ये पता लगाया जा सकेगा कि सिस्टम में कितना पानी डाला गया, कितना पानी उपभोक्ताओं तक पहुंचा और पाइपलाइन या अन्य कारणों से कितना पानी रास्ते में बर्बाद हुआ.
इन इलाकों को मिलेगा फायदा
वॉटर मास्टर प्लान से मुखर्जी नगर, मॉडल टाउन, जहांगीरपुरी, आजादपुर, केशवपुरम, पीतमपुरा, शालीमार बाग, त्रिनगर, पश्चिम विहार, रानी बाग, वजीरपुर और अशोक विहार समेत कई इलाकों को फायदा मिलने की उम्मीद है. सरकार का कहना है कि इस योजना का मुख्य उद्देश्य दिल्ली की जलापूर्ति व्यवस्था को आधुनिक बनाना, पानी की बर्बादी कम करना और लोगों को नियमित एवं बेहतर पानी उपलब्ध कराना है.







