नई दिल्ली। दिल्ली मेट्रो राजधानी की लाइफलाइन मानी जाती है। रोजाना लाखों यात्री मेट्रो से सफर करते हैं। इनमें महिलाएं, बच्चे, बुजुर्ग और परिवार के साथ यात्रा करने वाले लोग भी शामिल हैं। ऐसे में मेट्रो परिसर में सुरक्षित, स्वच्छ और गरिमापूर्ण वातावरण बनाए रखना दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (DMRC) की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। लेकिन हाल के दिनों में मेट्रो परिसर से जुड़ी कुछ ऐसी तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए हैं, जिनको लेकर सार्वजनिक शालीनता, सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी प्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
वायरल वीडियो और तस्वीरों ने बढ़ाई चिंता
दिल्ली मेट्रो के विभिन्न स्टेशनों और परिसर से कथित अश्लील एवं आपत्तिजनक गतिविधियों से संबंधित तस्वीरें और वीडियो समय-समय पर सोशल मीडिया पर सामने आते रहे हैं। इन वीडियो को लेकर यात्रियों और आम लोगों के बीच चिंता देखी जा रही है।
सवाल यह है कि “यदि मेट्रो परिसर में इस तरह की गतिविधियां हो रही हैं और उनके वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर प्रसारित किए जा रहे हैं, तो मेट्रो की सुरक्षा और CCTV निगरानी व्यवस्था कितनी प्रभावी है? क्या ऐसे मामलों की जानकारी DMRC तक पहुंचने के बाद उनकी जांच की जाती है और संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई होती है?
प्रमुख स्टेशनों पर भी उठ रहे सवाल
शिकायत में विशेष रूप से राजीव चौक, कश्मीरी गेट और दिल्ली हाट-आईएनए जैसे प्रमुख मेट्रो स्टेशनों का उल्लेख किया गया है। इन स्टेशनों पर यात्रियों की बड़ी संख्या को देखते हुए सुरक्षा और अनुशासन बनाए रखना और भी महत्वपूर्ण हो जाता है।
शिकायतकर्ता का कहना है कि “यदि सार्वजनिक स्थानों पर अनुचित गतिविधियों की शिकायतें सामने आती हैं, तो DMRC को इन स्थानों की निगरानी व्यवस्था की समीक्षा करने के साथ-साथ यह भी स्पष्ट करना चाहिए कि ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए मौके पर तैनात सुरक्षा कर्मियों और संबंधित एजेंसियों की क्या जिम्मेदारी है।
शौचालयों की स्थिति भी सवालों के घेरे में
मेट्रो परिसर में सार्वजनिक सुविधाओं को लेकर भी यात्रियों की परेशानियां सामने आती रही हैं। शिकायत में विभिन्न स्टेशनों के शौचालयों में स्वच्छता, रखरखाव और यात्रियों की सुविधा से संबंधित समस्याओं का मुद्दा उठाया गया है।
सवाल यह भी है कि मेट्रो स्टेशनों के शौचालयों की नियमित सफाई और रखरखाव की जिम्मेदारी किस एजेंसी की है ? इन सुविधाओं का निरीक्षण कितनी नियमितता से किया जाता है और यात्रियों की शिकायतों के निस्तारण के लिए क्या व्यवस्था है?
DMRC से पूछे गए ये अहम सवाल
- शिकायत के माध्यम से DMRC से कई महत्वपूर्ण सवालों के जवाब मांगे गए हैं— मेट्रो परिसर में अश्लील एवं आपत्तिजनक गतिविधियों को रोकने के लिए अब तक क्या ठोस कदम उठाए गए हैं ?
- सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो और तस्वीरों की जानकारी मिलने के बाद DMRC की ओर से क्या प्रक्रिया अपनाई जाती है ?
- प्रमुख मेट्रो स्टेशनों पर CCTV निगरानी की नियमित समीक्षा होती है या नहीं ?
- ऐसी घटनाओं की स्थिति में DMRC, सुरक्षा एजेंसी और पुलिस की जिम्मेदारी क्या निर्धारित है ?
- क्या संवेदनशील स्थानों पर CCTV मॉनिटरिंग, सुरक्षा कर्मियों की तैनाती और गश्त बढ़ाई गई है ?
- राजीव चौक, कश्मीरी गेट और दिल्ली हाट-आईएनए जैसे स्टेशनों पर यात्रियों की सुरक्षा और गरिमा के लिए क्या विशेष व्यवस्था है ?
- मेट्रो शौचालयों की सफाई एवं रखरखाव की निगरानी किस एजेंसी के जिम्मे है ?
- नियमों का उल्लंघन करने वाले यात्रियों के खिलाफ DMRC की निर्धारित कार्रवाई क्या है ?
नियम तो हैं, लेकिन पालन कितना प्रभावी ?
मेट्रो परिसर में यात्रियों के व्यवहार और अनुशासन से संबंधित दिशा-निर्देश और चेतावनी संबंधी नोटिस लगाए जाते हैं। इसके बावजूद यदि नियमों के उल्लंघन की घटनाएं सामने आती हैं, तो निगरानी और नियमों के प्रभावी क्रियान्वयन पर सवाल उठना स्वाभाविक है।
शिकायत में यह भी जानना चाहा गया है कि “नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ अब तक कितने मामलों में जुर्माना, मेट्रो परिसर से निष्कासन अथवा पुलिस कार्रवाई की गई है।”
सुरक्षा और गरिमा के साथ स्वच्छता भी जरूरी
मामला केवल कथित अश्लील गतिविधियों तक सीमित नहीं है। यह दिल्ली मेट्रो जैसे सार्वजनिक परिवहन तंत्र में यात्रियों की सुरक्षा, गरिमा, स्वच्छता और प्रशासनिक जवाबदेही से भी जुड़ा हुआ है।
यात्रियों का कहना है कि मेट्रो परिसर में CCTV कैमरों की मौजूदगी तभी प्रभावी मानी जाएगी, जब उनकी नियमित मॉनिटरिंग हो और शिकायत मिलने पर त्वरित कार्रवाई भी सुनिश्चित की जाए। इसी तरह सार्वजनिक शौचालयों की नियमित सफाई और रखरखाव भी यात्रियों की बुनियादी सुविधा का हिस्सा है।
DMRC से मांगा तथ्यात्मक जवाब
इस पूरे मामले को लेकर DMRC से संबंधित स्टेशनों की CCTV निगरानी, सुरक्षा व्यवस्था और सार्वजनिक सुविधाओं की स्थिति की समीक्षा करने तथा सोशल मीडिया पर सामने आने वाले आपत्तिजनक वीडियो की सत्यता की जांच करने की मांग की गई है।
साथ ही यह भी अपेक्षा की गई है कि यदि जांच में नियमों का उल्लंघन सामने आता है तो संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए। शिकायत के माध्यम से DMRC से अब तक की गई कार्रवाई और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए उठाए जा रहे कदमों की तथ्यात्मक जानकारी उपलब्ध कराने का अनुरोध किया गया है।
अब देखना होगा कि यात्रियों की सुरक्षा, सार्वजनिक शालीनता और मेट्रो की सुविधाओं से जुड़े इन सवालों पर DMRC की ओर से क्या जवाब सामने आता है।







