नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली की लैंडफिल साइट्स को वैज्ञानिक तरीके से साफ किया जा रहा है। इन साइट्स को साफ कर दोबारा उपयोग में लाने की दिशा में लगातार काम चल रहा है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इस महत्वपूर्ण पहल के बारे में जानकारी दी।
सीएम रेखा ने बताया कि अब तक ओखला, भलस्वा और गाजीपुर लैंडफिल साइट्स से करीब 85-95 एकड़ जमीन पुनः प्राप्त की जा चुकी है। इस प्रयास से आसपास के इलाकों में पर्यावरण काफी बेहतर हुआ है। साथ ही, स्थानीय लोगों के जीवन की गुणवत्ता में भी सुधार आया है।
मुख्यमंत्री ने इस कार्य को बीजेपी का कार्य करने का मॉडल बताया है। यह मॉडल आज किए गए वादों को पूरा करने के साथ भविष्य की जरूरतों की भी तैयारी करता है। यह सुनिश्चित करता है कि विकास टिकाऊ और दूरगामी हो।
लैंडफिल साइट्स की सफाई और पर्यावरणीय प्रभाव
लैंडफिल साइट्स की वैज्ञानिक सफाई दिल्ली के लिए एक बड़ी चुनौती थी। इस अभियान से शहर को कचरे के ढेर से मुक्ति मिल रही है। पुनः प्राप्त की गई जमीन का उपयोग हरित क्षेत्रों और अन्य सामुदायिक सुविधाओं के लिए किया जा सकेगा। इन क्षेत्रों में प्रदूषण का स्तर काफी कम हुआ है। इससे वायु गुणवत्ता में सुधार आया है और भूजल भी बेहतर हुआ है।
कचरा प्रबंधन और भविष्य की योजनाएं
इसी कड़ी में दिल्ली में चार नए वेस्ट-टू-एनर्जी प्लांट स्थापित किए जाएंगे। ये प्लांट राजधानी में रोजाना निकलने वाले कचरे के निस्तारण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि वैज्ञानिक और टिकाऊ तरीके से कचरा प्रबंधन किया जा रहा है। दिल्ली को स्वच्छ और बेहतर बनाने के लिए लगातार काम जारी है। ये नए प्लांट कचरे से ऊर्जा उत्पादन कर बिजली की जरूरतों को भी पूरा करेंगे।







