गोरखपुर : पूर्वोत्तर रेलवे का वाणिज्य कार्यालय हो या फिर कोई अन्य विभाग, अब यह साइबर हमले से सुरक्षित रहेगा. यहां एसओसी (सिक्योरिटी ऑपरेशन सिस्टम) की स्थापना होने के साथ इस खतरे को टाला जा सकेगा. इससे रेलवे के सिस्टम हैक नहीं होंगे और राष्ट्रीय मानक सुनिश्चित होगा.
बताया गया कि भारतीय रेलवे के क्षेत्र में आने वाली करीब 1.20 लाख से अधिक संपत्तियां पर साइबर अटैक खतरा बना रहता था. अब एसओसी की स्थापना ऐसे अटैक को रोकने में कामयाबी मिल सकेगी. अब भारतीय रेलवे में IT से जुड़ी संपत्तियां जैसे सर्वर, नेटवर्क डिवाइस और अन्य डिजिटल सिस्टम सुरक्षित हो जाएंगी. इस सिस्टम के स्थापना का उद्देश्य विभिन्न रेलवे इकाइयों के बीच थ्रेट इंटेलिजेंस साझा करने की मजबूत व्यवस्था विकसित करना है. इससे साइबर घटनाओं के कारण होने वाले डाउन टाइम में भी उल्लेखनीय कमी आने की उम्मीद है. सिक्योरिटी ऑपरेशन केंद्र स्थापित करने के लिए रेलवे बोर्ड ने 509 करोड़ का बजट भी अवमुक्त किया हुआ है.
इसका संचालन निजी कंपनियों के हाथ होगा. सिक्योरिटी ऑपरेशन केंद्र की नजर में मुख्यालय गोरखपुर ही नहीं, लखनऊ, वाराणसी और इज्जत नगर मंडल के कंप्यूटर सिस्टम होंगे. डिजिटल प्लेटफॉर्म पर कार्य कर रहे रेलकर्मी के सामने अनाधिकृत सूचना, मेल, मैसेज या लिंक आ जाते ही सिक्योरिटी ऑपरेशन सिस्टम उसे पकड़ लेगा. साथ ही रेलकर्मियों को आगाह कर समय रहते उसे समाप्त कर देगा.
मुख्य वाणिज्य प्रबंधक जेपी जायसवाल ने कहा कि इसका संचालन बहुत ही जल्द होगा. लोकार्पण के साथ यह प्रभावी हो जाएगा. भारतीय रेलवे के बढ़ते डिजिटल कारण के साथ संचालन, रखरखाव, उत्पादन, खरीद और राजस्व प्रबंधन अब सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी पर तेजी से निर्भर हो गए हैं. सभी कार्य ई-ऑफिस पर हो रहे हैं. ऐसे में साइबर खतरों की आशंका भी बढ़ी है. इन्हीं चुनौतियों से निपटने के लिए सिक्योरिटी ऑपरेशन सेंटर को स्थापित किया जा रहा है.
सिक्योरिटी ऑपरेशन सेंटर रेलवे के इनफॉरमेशन सिस्टम “क्रिस” के सहयोग से स्थापित किया गया है जो साइबर खतरों को समय रहते पता लगा लेगा. रेलवे बोर्ड के निर्देश पर पूर्वोत्तर रेलवे प्रशासन ने अपने डिजिटल नेटवर्क और सूचना प्रणाली की सुरक्षा को और अधिक सशक्त बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए, मुख्यालय गोरखपुर स्थित वाणिज्य विभाग में सिक्योरिटी ऑपरेशन केंद्र स्थापित कर दिया है, जो साइबर हमलों की 24 घंटे निगरानी करेगा.







