नई दिल्ली। कच्चे तेल शांत होने लगा है.1 अक्टूबर को क्रूड की कीमत 3 हफ्ते से निचले स्तर पर पहुंच गई है. तेल की कीमतों में गिरावट ग्लोबल इकोनॉमी के लिए राहत की खबर है. गुरुवार को इंटरनेशनल ऑयल मार्केट में कच्चे तेल की कीमत में 1.30 फीसदी से अधिक की गिरावट आई है.
कच्चे तेल की कीमत कहां पहुंची
ग्लोबल ऑयल मार्केट में आज यानी गुरुवार, 1 अक्टूबर को कच्चे तेल की कीमतों में बड़ी गिरावट देखने को मिली है.ब्रेंट क्रूड की कीमत गिरकर 96 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच चुकी है. WTI Crude 88 डॉलर पर पहुंच गया है. सितंबर में कच्चे तेल की कीमतें हाई लेवल पर बनी रहीं. हालांकि ये गिरावट कितना स्थिर है, ये सबसे बड़ा सवाल है. अमेरिका-ईरान के बीच समझौते पर अब तक सस्पेंस बना हुआ है, युद्ध कब भड़क जाए, किसी को नहीं पता, ऐसे में तेल की कीमत में गिरावट कितनी स्थिर है, ये देखने वाली बात है.
क्या तेल के दाम अब गिरेंगे
तेल के बाजार में आगे की दिशा को लेकर अभी भी कई सवाल बने हुए हैं. अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत पर अब तक सहमति नहीं बनी है. अमेरिका ने ईरान के प्रस्ताव को ठुकरा दिया है. दूसरी ओर होर्मुज से जहाजों की आवाजाही सामान्य होने पर भी स्थिति स्पष्ट नहीं है. होर्मुज ग्लोबल ऑयल सप्लाई के लिए बेहद अहम समुद्री मार्ग है, लेकिन फरवरी के बाद से ही ये रास्ता तनाव का सेंटर बना हुआ है.
अमेरिका का दावा-तेल की कीमतें जल्द गिरेंगी
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप लगातार दावे कर रहे हैं कि जल्द ही कच्चे तेल की कीमत गिरेंगी. ट्रंप का दावा है कि अमेरिका जल्द ही ईरान के साथ युद्ध जीत जाएगा. युद्ध खत्म होते ही दुनियाभर में तेल की कीमतें तेजी से गिरेंगी. ग्लोबल मार्केट में तेल की कीमतों में तेजी की सबसे बड़ी वजह बाजार में युद्ध को लेकर अनिश्चतता,होर्मुज बंद होने से सप्लाई संकट, तेल सप्लायर खाड़ी देशों की रिफाइनरियों और तेल उत्पादन को नुकसान की वजह से प्रोडक्शन घटना है. 28 फरवरी से शुरू हुए खाड़ी युद्ध के बाद से सप्लाई संकट बढ़ा है, जिसने कच्चे तेल की कीमत को दोगुने से भी अधिक बढ़ा दिया है.







