विकाश शुक्ला
उमरिया ( मध्य प्रदेश)। कोल ब्लॉक के सर्वे को लेकर ग्राम गिठौरी में हुए विवाद ने अब नया मोड़ ले लिया है। मंगलवार को बड़ी संख्या में ग्रामीण कांग्रेस नेताओं के साथ पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचे और घटना को लेकर अपनी बात रखी। ग्रामीणों ने अपनी मांगों को लेकर एसपी कार्यालय के सामने कुछ देर धरना भी दिया। ग्रामीणों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर कार्रवाई की मांग की।
पुलिस अधीक्षक ने ग्रामीणों की बात सुनने के बाद मामले की जांच डीएसपी आजाक विजय परस्ते से कराने का निर्देश दिया है। एसपी के अनुसार करीब 3-4 दिन में जांच पूरी करने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने ग्रामीणों को आश्वस्त करते हुए कहा कि जो लोग किसी अपराध में संलिप्त नहीं हैं, उन्हें डरने की आवश्यकता नहीं है।

ग्रामीणों ने यह दी जानकारी
जिले के गिठौरी गांव में श्री बजरंग पावर एंड इस्पात लिमिटेड कंपनी को कोल ब्लॉक आवंटित हुआ है। जिसकी प्रक्रिया के लिए कंपनी के लोग क्षेत्र में पहुंचे थे। जबकि ग्रामीणों का आरोप है, कि कंपनी के 8-10 लोग वहां गए थे और उन्हें डराने धमकाने की कोशिशें की। साथ ही बदसलूकी से बात किये और बोले कि जल्दी ही यहां हम कोयला खनन करेंगे तुम लोगों को घर और जगह छोड़ना होगा। इसी दौरान ही ग्रामीणों और कंपनी के अधिकारियों के बीच विवाद की स्थिति बनी। घटना के बाद दोनों पक्षों की ओर से शिकायतें हुई। और पाली थाना में तकरीबन 21 ग्रामीणों पर कंपनी कर्मचारी की शिकायत पर एफआईआर दर्ज की गई।

जमीन विवाद की पृष्ठभूमि भी अहम
ग्राम गिठौरी में जिस जमीन को लेकर विवाद सामने आया है, उसे लेकर ग्रामीण पहले से अपनी आपत्ति जताते रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि जमीन को लेकर न्यायालयीन मामला भी चल रहा है। ऐसे में सर्वे की कार्रवाई को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी बनी हुई है।
एसपी कार्यालय में ग्रामीणों ने रखी पूरी बात
मंगलवार को ग्रामीणों ने कांग्रेस नेताओं के साथ एसपी कार्यालय पहुंचकर अधिकारियों के सामने अपना पक्ष रखा। ग्रामीणों ने कहा कि घटना के पूरे तथ्य सामने लाए जाएं और किसी भी पक्ष के साथ एकतरफा कार्रवाई न हो। इस दौरान ग्रामीण कुछ समय तक एसपी कार्यालय के सामने धरने पर भी बैठे।
दोनों पक्षों के आरोप, जांच में सामने आएगा सच
ग्रामीणों की ओर से कंपनी के अधिकारियों और कर्मचारियों पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि उनके साथ अनुचित व्यवहार किया गया और मामले में उनकी शिकायत पर भी कार्रवाई होनी चाहिए। वहीं कंपनी पक्ष की ओर से भी सर्वे के दौरान अधिकारियों-कर्मचारियों के साथ विवाद और मारपीट के आरोप लगाए गए हैं। पुलिस ने कंपनी पक्ष की शिकायत पर प्रकरण दर्ज किया है। जिसे लेकर आक्रोशित ग्रामीणों की मांग थी, कि वे कई घंटे तक पाली थाना में डटे रहे लेकिन उनके साथ भेदभाव हुआ और उनकी कोई सुनवाई नहीं हुई। जबकि कंपनी की शिकायत पर तुरंत एफआईआर दर्ज कर दी गई।
अब डीएसपी की जांच पर टिकी निगाहें
मामले की जांच की जिम्मेदारी डीएसपी आजाक विजय परस्ते को दी जाएगी। अब पुलिस की जांच पर सभी की निगाहें हैं। जांच में घटना के दौरान मौके की वास्तविक स्थिति, दोनों पक्षों की भूमिका, सर्वे से जुड़े दस्तावेज और शिकायतों में लगाए गए आरोपों की पड़ताल की जाएगी। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि घटना के लिए कौन जिम्मेदार है और किन लोगों पर कार्रवाई बनती है।
इनका कहना है –
ग्रामवासी करीब 60-70 की संख्या में आए थे। बजरंग पावर लिमिटेड कंपनी को कोल ब्लॉक आवंटित होना है। कंपनी के अधिकारी सर्वे के लिए गए थे, उसी दौरान यह घटना हुई। ग्राम गिठौरी के जो नागरिक आए हुए हैं उनमें से सुमित्रा जी ने आवेदन दिया है उनका आरोप है कि उनके साथ बदसलूकी हुई है। इस मामले की जांच के लिए डीएसपी आजाक विजय परस्ते को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया है। 3-4 दिन के अंदर जांच पूरी कर ली जाएगी। जो भी विधि की कार्यवाही है वह की जाएगी। जो लोग अपराध में संलिप्त नहीं हैं, उन्हें डरने की जरूरत नहीं है।
-विजय भागवानी, पुलिस अधीक्षक, उमरिया







