नई दिल्ली। मोबाइल में नेटवर्क ठीक से न आए, कॉल बार-बार कटे या इंटरनेट की स्पीड धीमी हो, तो परेशानी सिर्फ फोन चलाने में नहीं, बल्कि रोजमर्रा के कामों में भी होती है. ऐसे में BSNL यूजर्स के लिए कंपनी की नई तैयारी अहम हो सकती है. BSNL अपने 4G नेटवर्क का विस्तार करने के साथ 5G की दिशा में भी आगे बढ़ने की तैयारी कर रही है. इसके अलावा नेटवर्क की जानकारी देने, शिकायत दर्ज करने और साइबर सिक्योरिटी बेहतर बनाने के लिए भी नई पहल की जा रही हैं.
4G नेटवर्क के बाद 5G की तैयारी
BSNL अपने स्वदेशी यानी भारत में तैयार किए गए 4G नेटवर्क को आगे बढ़ा रही है. कंपनी का फोकस नेटवर्क का दायरा बढ़ाने और अपनी टेलीकॉम सर्विस को मजबूत करने पर है. इसी के साथ 5G की तैयारी भी चल रही है. हालांकि, अभी 5G सर्विस शुरू होने की कोई पक्की तारीख इस जानकारी में नहीं दी गई है. इसलिए यूजर्स को फिलहाल 5G शुरू होने का इंतजार करना होगा.
नेटवर्क नहीं चले तो क्या करें?
BSNL अपने वाणी चैटबॉट को बेहतर बनाने पर भी काम कर रही है. इसका मकसद यूजर्स को उनके इलाके के नेटवर्क की स्थिति से जुड़ी जानकारी देना और आवाज के जरिए शिकायत दर्ज करने की सुविधा देना है. आसान भाषा में समझें, तो यूजर को नेटवर्क की परेशानी बताने के लिए सिर्फ लिखकर मैसेज करने पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा.
हालांकि, ये सुविधाएं अपग्रेड की जा रही हैं. इन्हें हर यूजर के लिए पूरी तरह उपलब्ध मानना सही नहीं होगा. नेटवर्क की स्थिति जानने और शिकायत दर्ज करने से समस्या का पता लगाने में मदद मिल सकती है, लेकिन इससे नेटवर्क की परेशानी तुरंत ठीक होने की गारंटी नहीं मिलती.
साइबर ठगी से बचाने के लिए नई तैयारी
BSNL ने साइबर सिक्योरिटी कंपनी Saptang Labs के साथ मिलकर नेटवर्क की सुरक्षा बेहतर बनाने की पहल की है. इसमें AI और मशीन लर्निंग की मदद से नेटवर्क ट्रैफिक को समझने और संदिग्ध गतिविधियों का पता लगाने पर काम किया जाएगा. इसका मकसद साइबर खतरे पहचानने और उन पर तेजी से कार्रवाई करने में मदद करना है. हालांकि, ऐसी व्यवस्था होने का मतलब यह नहीं कि हर तरह की ऑनलाइन ठगी से पूरी सुरक्षा मिल जाएगी.
सरकारी मैसेज का जवाब देना भी होगा आसान
Bharat Sandesh नाम का डिजिटल कम्युनिकेशन प्लेटफॉर्म भी इस पहल का हिस्सा है. इसके जरिए सरकारी विभाग लोगों को उनकी भाषा में वेरिफाइड यानी सत्यापित मैसेज भेज सकते हैं. लोग इन मैसेज का जवाब टेक्स्ट, आवाज या AI चैटबॉट की मदद से दे सकते हैं. यह प्लेटफॉर्म ViH Messenger की तकनीक और BSNL नेटवर्क का इस्तेमाल करता है. इसका मकसद सरकारी विभागों और आम लोगों के बीच डिजिटल बातचीत को आसान बनाना है.
Fujitsu के साथ तेज नेटवर्क की दिशा में काम
BSNL और जापान की कंपनी Fujitsu ने All-Photonics Network यानी APN विकसित करने की दिशा में काम करने की इच्छा जताई है. इसमें BSNL के डार्क फाइबर का इस्तेमाल करने की योजना है. इसका उद्देश्य बड़े शहरों में बड़े डिजिटल नेटवर्क और क्लाउड सेवाओं की जरूरतों को पूरा करना है. यह अभी आम मोबाइल यूजर्स के लिए शुरू हो चुकी सर्विस नहीं है, बल्कि आगे की तैयारी से जुड़ी पहल है.
Jio और Airtel के बीच BSNL की जगह क्या होगी?
इन सभी पहलों से पता चलता है कि BSNL सिर्फ 5G की तैयारी ही नहीं, बल्कि नेटवर्क, सिक्योरिटी और डिजिटल सर्विस को भी बेहतर बनाने पर ध्यान दे रही है. Jio और Airtel के अलावा एक और टेलीकॉम विकल्प तलाश रहे यूजर्स के लिए BSNL पर नजर रखना उपयोगी हो सकता है. लेकिन असल अनुभव इस बात पर निर्भर करेगा कि उनके इलाके में BSNL का नेटवर्क कितना अच्छा है और नई सुविधाएं कब तक उपलब्ध होती हैं.
फिलहाल सबसे अहम बात यही है कि BSNL अपने नेटवर्क को मजबूत करने और नई तकनीक अपनाने की दिशा में आगे बढ़ रही है. अब देखना होगा कि ये तैयारियां यूजर्स तक कब पहुंचती हैं और रोजमर्रा की मोबाइल सर्विस में कितना फर्क ला पाती हैं.







