पटना : बिहार सबसे अधिक युवा आबादी वाला राज्य है, विडंबना इस बात की है कि बेरोजगारी के मामले में भी बिहार अव्वल है. ऐसे में युवाओं को प्रशिक्षित करने के लिए बिहार सरकार ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को हथियार बनाने का फैसला लिया है. आने वाले 5 सालों में युवाओं को एआई तकनीक से लैस करने की योजना बनाई जा रही है.
हर साल 1 लाख युवाओं को AI का प्रशिक्षण
राज्य में एआई कंपनियों, स्टार्टअप्स और डिजिटल उद्यमों को प्रोत्साहित कर निवेश एवं रोजगार के नए अवसर विकसित करने के लिए सरकार योजना बना रही है. बड़े एआई मॉडल सहित आधुनिक एआई तकनीकों के विकास और नवाचार को बढ़ावा देने के लिए प्रोत्साहन देने को लेकर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने उच्च स्तरीय बैठक की है.
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तकनीक के गुर सीखेंगे युवा
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने अगले पांच वर्षों में पांच लाख विद्यार्थियों को एआई का प्रशिक्षण देने का लक्ष्य रखा गया है, जिससे युवाओं को भविष्य की तकनीकी जरूरतों के अनुरूप तैयार किया जा सके. एआई के विकास के लिए जरूरी तकनीकी सुविधाओं और राज्य सरकार के नेतृत्व में संचालित होने वाले कार्यक्रमों को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया.
बिहार एआई नीति को लेकर समीक्षा बैठक
अगले पांच वर्षों तक बिहार में प्रत्येक वर्ष एक बड़े एआई कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा, जिससे विशेषज्ञों, कंपनियों, स्टार्टअप्स और विद्यार्थियों को एक मंच पर लाया जा सके. मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने आज लोक सेवक आवास स्थित ‘संकल्प’ सभागार में बिहार एआई नीति 2026 (Bihar Artificial Intelligence Policy 2026) को लेकर समीक्षा बैठक की.
युवाओं को मिलेंगे नए अवसर
बैठक में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के क्षेत्र में राज्य को अग्रणी बनाने पर जोर दिया गया. मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में एआई कंपनियों, स्टार्टअप्स और डिजिटल उद्यमों के लिए बेहतर अवसर विकसित किए जाएं, ताकि राज्य नई तकनीक और नवाचार का प्रमुख केंद्र बन सके.
मुख्यमंत्री ने संबंधित विभाग को नीति के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए एक विशेष टीम गठित करने तथा निर्धारित लक्ष्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा करने की दिशा में कार्य करने का निर्देश दिया. बिहार एआई नीति 2026 का उद्देश्य राज्य में नई तकनीक, नवाचार, कौशल विकास और डिजिटल उद्यमिता को बढ़ावा देना है, ताकि बिहार के युवाओं को नए अवसर मिलें और राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिले.







