Upgrade
पहल टाइम्स
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन
No Result
View All Result
पहल टाइम्स
No Result
View All Result
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
  • विशेष
  • ईमैगजीन
Home राष्ट्रीय

वैकल्पिक व्यवस्था कहां है?

पहल टाइम्स डेस्क by पहल टाइम्स डेस्क
July 11, 2022
in राष्ट्रीय
A A
1
VIEWS
Share on FacebookShare on Whatsapp

हरिशंकर व्यास

भारतीय जनता पार्टी लंबे समय तक यथास्थितिवादी पार्टी मानी थी लेकिन अब वह वैचारिक स्तर पर अपने यथास्थितिवाद के बावजूद एक डिसरप्टिव फोर्स के तौर पर उभर रही है। वह राजनीति के मौजूदा ढांचे को बदल रही है। भारत में जिस राजनीतिक ढर्रे को सहज रूप से स्वीकार किया गया था उसे वह बदल रही है या बदलने का प्रयास कर रही है। दशकों से जो पार्टियां लोगों के दिल-दिमाग में बैठी हैं उनको खत्म कर रही है और उनकी जगह नई व्यवस्था बनाने की कोशिश कर रही है। पर इसके बड़े खतरे हैं। यह शेर की सवारी की तरह है। अगर गिरे तो खतरा है कि शेर खा जाएगा। ऐसा नहीं है कि देश में जो स्वीकार्य राजनीतिक ढांचा है वह बहुत अच्छा है इसलिए उसमें बदलाव नहीं होना चाहिए। उसमें कई चीजें खराब हैं लेकिन उन्हें बदलने से पहले वैकल्पिक व्यवस्था बनानी होगी।

इन्हें भी पढ़े

PM modi

El Nino को लेकर केंद्र सरकार अलर्ट, PM मोदी ने मंत्रालयों को आपात योजना बनाने के दिए निर्देश

July 2, 2026
Amit Shah

घुसपैठ पर आर-पार की तैयारी, हाई-लेवल बैठक में तय होगी देशव्यापी कार्रवाई की रणनीति

July 2, 2026
EPFO

लागू हो गई ‘EPF स्कीम 2026’, जानिए क्या बदल गया आपका पीएफ अकाउंट और UAN?

July 2, 2026
Sanae Takaichi India

तकाइची को PM मोदी ने अपनी छोटी बहन बताया, बोले-आपसी भरोसा हमारी सबसे बड़ी रणनीतिक ताकत

July 2, 2026
Load More

भाजपा ने भाषा का विवाद शुरू किया लेकिन यह बिना किसी तैयारी के किया गया। एक तो आर्थिक कारणों से, जीएसटी की वजह से, 15वें वित्त आयोग की सिफारिशों की वजह से और कई अन्य कारणों से दक्षिण भारत के देश अपने को अलग-थलग महसूस कर रहे थे। वे अपना एक संघ बना रहे थे और उनके वित्त मंत्रियों की बैठकें हो रही थीं। ऐसे में भाषा का विवाद शुरू हो गया। अगर इस मामले में बहुत सोच-समझ कर कदम नहीं उठाया गया तो आने वाले दिनों में भारत की एकत और अखंडता के लिए बड़ी चुनौती पैदा होगी। इसी तरह हिंदू-मुस्लिम की जो ऐतिहासिक ग्रंथि है वह एक न एक दिन फूटने वाली थी और तब देश में आंतरिक संघर्ष होता लेकिन ऐसा लग रहा है कि भाजपा हिंदू वोटों की राजनीति में उस प्रक्रिया को फास्ट फॉरवर्ड कर रही है। जो काम दो-चार दशक बाद होता उसके लिए पहले ही आधार तैयार किया जा रहा है। लेकिन वह भी बिना तैयारी के है। उसमें भी भाजपा के पास कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं है कि वह कैसे हालात को संभालेगी। भाजपा के नेता जिस कट्टरपंथी राजनीति को आगे बढ़ा रहे हैं उसके भडक़ने पर सुरक्षा या उसे संभालने की क्या व्यवस्था है, वह किसी को पता नहीं है। ऐसा लग रहा है कि बिना किसी तैयारी के भाजपा देश और समाज को संकट में डाल रही है।

भारतीय जनता पार्टी के नेता इस बात का जश्न मना रहे हैं कि पंजाब में शिरोमणि अकाली दल बहुत कमजोर हो गई है। हाल में संगरूर लोकसभा सीट पर हुए उपचुनाव के नतीजों पर भाजपा के नेता इस बात की खुशी मना रहे हैं कि उनके उम्मीदवार को अकाली दल से ज्यादा वोट मिले। भाजपा का उम्मीदवार चौथे स्थान पर रहा, जबकि अकाली दल का उम्मीदवार पांचवे स्थान पर रहा। भाजपा के लिए भले यह जश्न की बात हो लेकिन देश के लिए चिंता की बात यह है कि अकाली दल के कमजोर होने के साथ ही कट्टरपंथी संगठन मजबूत हो गए हैं और संगरूर सीट पर अकाली दल अमृतसर के नेता सिमरनजीत सिंह मान जीत गए, जिन्होंने जीतने के बाद कहा कि यह संत जनरैल सिंह भिंडरावाले की शिक्षा का नतीजा है। उन्होंने अपना चुनाव ही गुरु ग्रंथ साहिब के बेअदबी के मुद्दे पर लड़ा था। सोचें, एक तरफ ग्रंथ साहिब की बेअदबी को मुद्दा बना कर सिख कट्टरपंथी नेता जीत रहा है तो दूसरी ओर पैगंबर की बेअदबी का मुद्दा बना कर मुस्लिम कट्टरपंथी किसी का गला काट रहे हैं। बिना सोचे-समझे और बिना वैकल्पिक व्यवस्था बनाए मौजूदा राजनीतिक व्यवस्था का ढांचा नष्ट करने का प्रयास देश के लिए बहुत घातक हो सकता है।

इन्हें भी पढ़ें

  • All
  • विशेष
  • लाइफस्टाइल
  • खेल
सीएम धामी

ऑपरेशन सिंदूर की सफलता पर सीएम धामी ने ‘एक संवाद : वीर सैनिकों के साथ‘ कार्यक्रम में किया प्रतिभाग

May 30, 2025
वामपंथ और दक्षिणपंथ

दुनिया में वामपंथ पर भारी क्यों पड़ रहा है दक्षिणपंथ?

February 25, 2025
Jhandewala Devi Temple

झण्डेवाला देवी मंदिर में धूम-धाम से मनाया गोवर्धन पूजन पर्व

November 16, 2023
पहल टाइम्स

पहल टाइम्स का संचालन पहल मीडिया ग्रुप्स के द्वारा किया जा रहा है. पहल टाइम्स का प्रयास समाज के लिए उपयोगी खबरों के प्रसार का रहा है. पहल गुप्स के समूह संपादक शूरबीर सिंह नेगी है.

Learn more

पहल टाइम्स कार्यालय

प्रधान संपादकः- शूरवीर सिंह नेगी

9-सी, मोहम्मदपुर, आरके पुरम नई दिल्ली

फोन नं-  +91 11 46678331

मोबाइल- + 91 9910877052

ईमेल- pahaltimes@gmail.com

Categories

  • Uncategorized
  • खाना खजाना
  • खेल
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • दिल्ली
  • धर्म
  • फैशन
  • मनोरंजन
  • यात्रा
  • राजनीति
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • लाइफस्टाइल
  • विशेष
  • विश्व
  • व्यापार
  • साक्षात्कार
  • सामाजिक कार्य
  • स्वास्थ्य

Recent Posts

  • चीन ने कबाड़ प्‍लेन बेचकर नेपाल को लगाया अरबों का चूना, अब खुलेगी पोल
  • केंद्र सरकार ने Meta को नोटिस भेजा, WhatsApp के नए Username फीचर शुरू करने पर लगाई रोक
  • चीनी ऐप से हैक हो रहे ई-रिक्शा, चालक और सवारियों के लिए बड़ा खतरा

© 2021 पहल टाइम्स - देश-दुनिया की संपूर्ण खबरें सिर्फ यहां.

  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन

© 2021 पहल टाइम्स - देश-दुनिया की संपूर्ण खबरें सिर्फ यहां.