Upgrade
पहल टाइम्स
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन
No Result
View All Result
पहल टाइम्स
No Result
View All Result
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
  • विशेष
  • ईमैगजीन
Home राष्ट्रीय

भारतमित्र शिंजो एबे

पहल टाइम्स डेस्क by पहल टाइम्स डेस्क
July 11, 2022
in राष्ट्रीय
A A
1
VIEWS
Share on FacebookShare on Whatsapp

वेद प्रताप वैदिक

जापान के पूर्व प्रधानमंत्री शिंजो एबे की हत्या पर संसार के नेताओं ने जैसी मार्मिक प्रतिक्रियाएं की हैं, वैसी कम ही की जाती हैं। भारत ने तो शनिवार को राष्ट्रीय शोक दिवस घोषित किया है। अब तक कई विदेशी राष्ट्रपतियों और प्रधानमंत्रियों की हत्या की खबरें आती रही हैं लेकिन एबे की हत्या पर भारत की प्रतिक्रिया असाधारण है। इसके कई कारण हैं। एबे ऐसे पहले जापानी प्रधानमंत्री हैं, जो भारत चार बार आए हैं।

इन्हें भी पढ़े

PM modi

El Nino को लेकर केंद्र सरकार अलर्ट, PM मोदी ने मंत्रालयों को आपात योजना बनाने के दिए निर्देश

July 2, 2026
Amit Shah

घुसपैठ पर आर-पार की तैयारी, हाई-लेवल बैठक में तय होगी देशव्यापी कार्रवाई की रणनीति

July 2, 2026
EPFO

लागू हो गई ‘EPF स्कीम 2026’, जानिए क्या बदल गया आपका पीएफ अकाउंट और UAN?

July 2, 2026
Sanae Takaichi India

तकाइची को PM मोदी ने अपनी छोटी बहन बताया, बोले-आपसी भरोसा हमारी सबसे बड़ी रणनीतिक ताकत

July 2, 2026
Load More

उनके दादा प्रधानमंत्री नोबुशुके किशी 1957 में प्रधानमंत्री नेहरु के निमंत्रण पर भारत आए थे। एबे ने ही पहली बार सुदूर पूर्व या पूर्व एशिया क्षेत्र को भारत-प्रशांत क्षेत्र कहा था। यह बात उन्होंने अपनी 2007 की भारत-यात्रा के दौरान हमारी संसद में भाषण देते हुए कही थी। जब वे दुबारा प्रधानमंत्री बने तो उन्होंने ही पहल करके इस नई और मौलिक धारणा को अमली जामा पहनाया। अमेरिका, भारत, जापान और आस्ट्रेलिया का जो चौगुटा बना है, वह उन्हीं की देन है।

भारत और जापान के व्यापारिक, सामरिक और सांस्कृतिक संबंध जितने प्रगाढ़ एबे के शासन-काल में बने हैं, पहले कभी नहीं बने। भारत और जापान के रिश्ते कभी तनावपूर्ण नहीं रहे लेकिन घनिष्टता के बीच एक दीवार थी, उसको पोला करने का श्रेय एबे और अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों को भी है। शीतयुद्ध काल के दौरान जापान तो अमेरिकी गुट का सक्रिय सदस्य रहा है और भारत को सोवियत गुट का अनौपचारिक साथी माना जाता था। इस संकरी गली से हमारे द्विपक्षीय संबंधों को शिंजो एबे ने ही बाहर निकाला।

जापान के साथ भारत के संबंध घनिष्ट होते जा रहे हैं। जापानी कंपनियों का भारत में निवेश तीव्र गति से बढ़ रहा है। जापान की मदद से ही भारत की सबसे तेज चलनेवाली रेल बन रही है। भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और एबे के बीच व्यक्तिगत संबंध इतने आत्मीय हो गए थे कि दोनों एक-दूसरे के देशों और शहरों में भी कई बार आए और गए। यों भी एबे जापानी प्रधानमंत्रियों में अभूतपूर्व और विलक्षण थे। उनके दादा प्रधानमंत्री थे तो उनके पिता विदेश मंत्री रहे हैं। वे स्वयं दो बार प्रधानमंत्री चुने गए।

उन्होंने पहली बार 2006 से 2007 तक और दूसरी बार 2012 से 2020 तक प्रधानमंत्री पद को सुशोभित किया था। इतने लंबे समय तक कोई जापानी नेता इस पद पर नहीं रह सका। उनका सबसे बड़ा योगदान जापान को सच्चा स्वतंत्र और संप्रभु राष्ट्र बनाने की इच्छा में था। द्वितीय महायुद्ध की ज्यादतियों के कारण जापानी संविधान पर मित्र-राष्ट्रों ने जो सैन्य-बंधन लगाए थे, उन्हें तुड़वाने की सबसे ताकतवर गुहार एबे ने ही लगाई थी।

इस काम में उन्हें पूरी सफलता नहीं मिल पाई लेकिन अन्य राष्ट्रों के साथ सैन्य-सहयोग के कई नए आयाम उन्होंने पहली बार खोल दिए। वे 1904 में बिगड़े जापान-रूसी संबंधों को भी सुधारना चाहते थे। उन्होंने चीन की आक्रामकता के विरुद्ध जबर्दस्त मोर्चेबंदी की लेकिन उसके साथ ही वे चीन और जापान के आपसी संबंधों को मर्यादित बनाए रखने में सफल रहे। ऐसे भारत के परम मित्र को हार्दिक श्रद्धांजलि!

इन्हें भी पढ़ें

  • All
  • विशेष
  • लाइफस्टाइल
  • खेल
world-population

सबसे बड़ी आबादी बिना गिनती के!

April 26, 2023
boundaries

सीमा लांघता वन विभाग : नगर पालिका क्षेत्र में बाउंड्रीवाल..!

January 20, 2026
RSS

सेक्युलर-सोशलिस्ट इमरजेंसी का अध्याय हटा दिया जाए ?, अंबेडकर का संविधान बचाओ’ पर RSS Vs कांग्रेस ?

June 28, 2025
पहल टाइम्स

पहल टाइम्स का संचालन पहल मीडिया ग्रुप्स के द्वारा किया जा रहा है. पहल टाइम्स का प्रयास समाज के लिए उपयोगी खबरों के प्रसार का रहा है. पहल गुप्स के समूह संपादक शूरबीर सिंह नेगी है.

Learn more

पहल टाइम्स कार्यालय

प्रधान संपादकः- शूरवीर सिंह नेगी

9-सी, मोहम्मदपुर, आरके पुरम नई दिल्ली

फोन नं-  +91 11 46678331

मोबाइल- + 91 9910877052

ईमेल- pahaltimes@gmail.com

Categories

  • Uncategorized
  • खाना खजाना
  • खेल
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • दिल्ली
  • धर्म
  • फैशन
  • मनोरंजन
  • यात्रा
  • राजनीति
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • लाइफस्टाइल
  • विशेष
  • विश्व
  • व्यापार
  • साक्षात्कार
  • सामाजिक कार्य
  • स्वास्थ्य

Recent Posts

  • चीन ने कबाड़ प्‍लेन बेचकर नेपाल को लगाया अरबों का चूना, अब खुलेगी पोल
  • केंद्र सरकार ने Meta को नोटिस भेजा, WhatsApp के नए Username फीचर शुरू करने पर लगाई रोक
  • चीनी ऐप से हैक हो रहे ई-रिक्शा, चालक और सवारियों के लिए बड़ा खतरा

© 2021 पहल टाइम्स - देश-दुनिया की संपूर्ण खबरें सिर्फ यहां.

  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन

© 2021 पहल टाइम्स - देश-दुनिया की संपूर्ण खबरें सिर्फ यहां.