जयपुर। श्रावण शुक्ल चतुर्दशीयुक्त पूर्णिमा पर 11 अगस्त को रक्षाबन्धन का त्योहार मनाया जाएगा। इस बार रक्षाबंधन पर दिनभर भ्रदा का साया रहेगा, ऐसे में सिर्फ दो घंटा 8 मिनट का ही समय ही राखी बांधने के लिए मिलेगा। हालांकि भद्रा रात 8 बजकर 51 मिनट तक रहेगी। इसके बाद रात 8 बजकर 52 मिनट से रात 9 बजकर 48 मिनट तक ही राखी बांधने का श्रेष्ठ समय रहेगा, इस बीच राखी बांधने का श्रेष्ठ मुहूर्त रात 8.52 से 9.15 बजे तक ही आएगा। ऐसे में राखी बांधने के लिए बहनों को कम समय मिलेगा।
हालांकि ज्योतिषाचार्यों का तर्क है कि भद्रा पुच्छ काल में शाम 5 बजकर 7 मिनट से 6 बजकर 19 मिनट तक भी राखी बांधी जा सकेगी। ऐसे में राखी बांधने के लिए दो घंटा 8 मिनट का समय मिल पाएगा। ज्योतिषाचार्य पं. दामोदर प्रसाद शर्मा ने बताया कि रक्षाबंधन का पर्व अपराहन व्यापी व प्रदोष व्यापिनी भद्रा रहित पूर्णिमा में मनाने का विधान है। 11 अगस्त को पूर्णिमा तिथि सुबह 10 बजकर 39 मिनट पर शुरू हो जाएगी, जो अगले दिन 12 अगस्त को सुबह 7 बजकर 05 मिनट तक रहेगी। 12 अगस्त को पूर्णिमा तीन मुहूर्त्त से कम होने के कारण रक्षाबंधन त्योहार 11 अगस्त को मनाया जाएगा। शास्त्रों में उल्लेख है कि पूर्णिमा सूर्योदय से ढाई घंटे तक रहे तो उदयकालीन पूर्णिमा में यह पर्व मनाना चाहिए। 12 अगस्त को पूर्णिमा एक घंटे 6 मिनट तक ही है।
भद्रा काल 11 अगस्त को दिनभर
ज्योतिषाचार्य डॉ. रवि शर्मा ने बताया कि रक्षा बंधन के दिन 11 अगस्त को दिनभर भद्रा का साया रहेगा। इस दिन सुबह 10 बजकर 39 मिनट से भद्रा शुरू हो जाएगी, जो रात 8 बजकर 51 मिनट तक भद्रा रहेगी। ऐसे में रात 8.52 से 9.48 बजे तक ही राखी बांधना श्रेष्ठ रहेगा।
पाताल लोक की भद्रा, इस समय बांध सकेंगे राखी
ज्योतिषाचार्य सुरेश शास्त्री ने बताया कि रक्षा बंधन के दिन प्रदोष काल में राखी बांधना श्रेष्ठ रहता है। इस बार 11 अगस्त को दिनभर भद्रा रहने से प्रदोष काल में सिर्फ रात 8 बजकर 52 मिनट से रात 9 बजकर 48 मिनट तक ही राखी बांधी जाएगी। उन्होंने बताया कि इस दिन चन्द्रमा मकर राशि में रहेगा, ऐसे में भद्रा पाताल लोक की मानी जाएगी, ऐसे में अतिआवश्यक हुआ तो पाताल लोक की भद्रा में राखी बांधी जा सकेगी। भद्रा पुच्छ काल में शाम 5 बजकर 7 मिनट से 6 बजकर 19 मिनट तक भी राखी बांधी जा सकेगी।
रक्षा बंधन को लेकर सज गए बाजार
रक्षा बंधन के त्योहार को लेकर शहर में बाजार सज गए है। नाहरगढ़ रोड, झालानियों का रास्ता व पुरोहितजी का कटले के साथ त्रिपोलिया बाजार में राखी की दुकानें सज गई है। दुकानों पर सुबह से रात तक ग्राहकों की भीड़ लगी रहती है।






