लखनऊ। पारंपरिक औजारों के स्थान पर एआई के इस्तेमाल से अब किसी भी वाहन की कमियों को दूर किया जा सकेगा। यह भी पता चलेगा कि कौन सा माडल आने वाले समय में युवाओं की सबसे अधिक पसंद होगा। अब तो इसका खाका पहले से युवाओं के जेहन में होगा।
आफलाइन से दूर अब स्मार्ट क्लास में आनलाइन परीक्षा के साथ गुणवत्ता में सुधार होगा। चारबाग के राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (जीआईटीआई) में यह सब होगा। यह अपनी तरह का प्रदेश का पहला संस्थान होगा, जिसमें एआई आधारित तकनीकों का इस्तेमाल किया जाएगा।
आदर्श प्रशिक्षण संस्थान के रूप में विकसित होने वाले इस संस्थान में विद्यार्थियों को नई तकनीकों के अनुरूप प्रशिक्षण देने के लिए स्मार्ट कक्षाएं, अत्याधुनिक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआइ) लैब, इलेक्ट्रिक व्हीकल (ईवी) तकनीक की प्रयोगशाला और डिजिटल शिक्षण सुविधाओं का लाभ होगा। संस्थान के व्यापक जीर्णोद्धार का कार्य शुरू हो गया है और पुरानी प्रयोगशालाओं व भवनों का नवीनीकरण शुरू हो गया है। जुलाई से प्रवेश प्रक्रिया शुरू होने के साथ ही दाखिले शुरू होंगे।
शिक्षा की गुणवत्ता के साथ बढ़ेंगे रोजगार के अवसर
नई व्यवस्था लागू होने से प्रशिक्षुओं को पारंपरिक ट्रेडों के साथ-साथ एआइ, ऑटोमेशन, रोबोटिक्स और इलेक्ट्रिक वाहनों जैसी आधुनिक तकनीकों का व्यावहारिक प्रशिक्षण मिलेगा। इससे विद्यार्थी बदलती औद्योगिक आवश्यकताओं के अनुरूप कौशल हासिल कर सकेंगे और उन्हें रोजगार के बेहतर अवसर प्राप्त होंगे। आने वाले वर्षों में एआइ और ईवी सेक्टर में कुशल तकनीशियनों की मांग तेजी से बढ़ेगी, जिसे देखते हुए पहल युवाओं के लिए लाभकारी साबित होगी।
हर ट्रेड की लैब होगी आधुनिक
संस्थान में स्मार्ट क्लासरूम के माध्यम से डिजिटल कंटेंट, इंटरैक्टिव शिक्षण और आधुनिक उपकरणों की सहायता से हर ट्रेड में प्रशिक्षण दिया जाएगा। अत्याधुनिक प्रयोगशालाओं में विद्यार्थियों को वास्तविक औद्योगिक वातावरण जैसा अनुभव मिलेगा। इससे उनका तकनीकी ज्ञान और व्यावहारिक दक्षता दोनों मजबूत होंगे। फिटर, टर्नर, सीट मेटल, मोटर मैंकेनिक, इलेक्ट्रिकल, इलेक्ट्रानिक्स, कंप्यूटर, रेफ्रिजरेशन व एसी ट्रेड समेत सभी ट्रेडों में आए बदलाव के अनुसार लैब को संवारा जाएगा।
अपनी तरह का प्रदेश का पहला सरकारी आईटीआई
प्रधानाचार्य जीआईटीआई चारबाग, प्रदीप कुमार चौहान ने बताया कि अपनी तरह का प्रदेश का पहला सरकारी आईटीआई होगा, जहां आधुनिक तकनीकों पर आधारित प्रशिक्षण की समग्र व्यवस्था विकसित की जा रही है। सरकार का उद्देश्य औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों को उद्योगों की वर्तमान और भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार करना है, जिससे युवाओं को गुणवत्तापूर्ण तकनीकी शिक्षा और रोजगारपरक प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जा सके। चारबाग का जीआइटीआइ का मॉडल प्रदेश के लिए आदर्श होगा। अनुदेशकों का प्रयास भी शैक्षिक माहौल को खास बनाएगा।
58 वर्ष पुराना है चारबाग की राजकीय आईटीआई
राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई), लखनऊ एक प्रमुख सरकारी वोकेशनल ट्रेनिंग केंद्र है। यह संस्थान 1968 में स्थापित हुआ था। यह छात्रों को इलेक्ट्रीशियन, फिटर, वेल्डर, कोपा (COPA) और मैकेनिक जैसे 16 तकनीकी ट्रेडों में एक से दो वर्षीय प्रशिक्षण प्रदान करता है।







