नाहन (सिरमौर)। आजादी की 75वीं वर्षगांठ के मौके पर हिमाचल प्रदेश के सिरमौर प्रशासन ने 75 अमृत सरोवर बनाकर जिले को प्रदेश का सिरमौर बना दिया है। स्वतंत्रता दिवस से पूर्व सिरमौर प्रशासन ने इस योजना को परवान चढ़ाया। मंडी जिला 73 अमृत सरोवर बनाकर प्रदेश में दूसरे और चंबा जिला 61 सरोवर बनाकर तीसरे स्थान पर रहा। दरअसल, सभी जिलों को स्वतंत्रता दिवस तक 75 अमृत सरोवर बनाने का लक्ष्य मिला था। इस योजना को सिरे चढ़ाने में सिरमौर नंबर एक पर रहा है। हालांकि, सिरमौर जिले में कुल 135 सरोवर बनाए जाएंगे। शेष सरोवर बनाने का कार्य अगले साल पूरा किया जाएगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जल संरक्षण अभियान के तहत हिमाचल प्रदेश के 10 जिलों में अमृत सरोवर बनाने का काम शुरू किया गया था।
आंकड़ों के मुताबिक चौथे स्थान पर रहे शिमला जिला में 60, पांचवें स्थान पर हमीरपुर जिला में 41, किन्नौर जिला में 39, कांगड़ा में 38, कुल्लू में 29, बिलासपुर में 23 सरोवर अभी तक बनाए जा चुके हैं। जबकि, लाहौल स्पीति में अभी एक सरोवर नहीं बना है। इसके अलावा प्रदेश के दो जिलों ऊना व सोलन को इस योजना में शामिल नहीं किया गया है। उपायुक्त सिरमौर आरके गौतम ने कहा कि अमृत सरोवर योजना को सिरे चढ़ाने में सिरमौर प्रदेश में पहले स्थान पर रहा है। स्वतंत्रता दिवस पर शहीदों के परिवार के सदस्य या पंचायत के वरिष्ठ नागरिक इन सरोवरों पर तिरंगा फहराएंगे।
जिले में तैयार किए गए अमृत सरोवर 500 वर्ग मीटर से लेकर 5000 वर्ग मीटर तक बनाए गए हैं, जिस पर पांच लाख रुपये से लेकर 30 लाख का खर्च आया है। इन अमृत सरोवरों का निर्माण मनरेगा के तहत किया गया है। अमृत सरोवरों में पांच लाख लीटर से 10 लाख लीटर पानी भंडारण की क्षमता है। भविष्य में इन अमृत सरोवरों में मत्स्य पालन और सिंचाई उपयोग के लिए इस पानी का प्रयोग किया जाएगा। इसके साथ ही पर्यटन क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए इन अमृत सरोवरों को विकसित किया जाएगा।
पच्छाद में सबसे ज्यादा बनाए सरोवर
उपायुक्त सिरमौर आरके गौतम ने बताया कि जिला सिरमौर में सबसे अधिक पच्छाद विकास खंड ने 27 अमृत सरोवरों का निर्माण किया गया है। नाहन में 11, पांवटा में 13, संगड़ाह में 8, राजगढ़ में 7, तिलोरधार मेहें 5 व शिलाई विकास खंड में 4 अमृत सरोवरों का निर्माण किया गया है।






