नई दिल्ली। भारतीय मौसम विभाग के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, 8 मई 2026 तक कई इलाकों में तापमान ने नए रिकॉर्ड बनाए हैं। महाराष्ट्र के विदर्भ क्षेत्र में अकोला में 46.9 डिग्री सेल्सियस तक पारा चढ़ा, जो देश का सबसे ऊंचे तापमान में से एक रहा। इसके बाद अमरावती, वर्धा और यवतमाल जैसे शहरों में भी 45-46 डिग्री के आसपास गर्मी दर्ज की गई। हालांकि उत्तर भारत के राज्यों में गर्मी से थोड़ी राहत देखी जा रही है, लेकिन देश के बाकी हिस्सों में भीषण गर्मी देखने को मिल रही है। दूसरी ओर बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल में बेमौसम बारिश भी दर्ज की जा रही है।
दिल्ली, राजस्थान, गुजरात और दक्षिण भारत के कुछ हिस्सों में भी दिन के तापमान सामान्य से ऊपर रहा। हालांकि, मई की शुरुआत में आंधी-बारिश से कुछ राहत मिली, लेकिन रात के तापमान में बढ़ोतरी ने लोगों की टेंशन बढ़ा दी है।
9 मई के बाद सुपर अल-नीनो का खतरा
विश्व मौसम विज्ञान संगठन (WMO) और अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि 9 मई के बाद मौसम में बड़ा बदलाव आ सकता है। प्रशांत महासागर में समुद्री सतह का तापमान तेजी से बढ़ रहा है, जिससे सुपर अल-नीनो जैसी स्थिति बन सकती है। यह 140 साल में सबसे मजबूत अल-नीनो हो सकता है।
अल-नीनो क्या है?
जब प्रशांत महासागर का पानी सामान्य से 2 डिग्री या उससे ज्यादा गर्म हो जाता है, तो इसे सुपर अल-नीनो कहते हैं। इससे पूरी दुनिया का मौसम प्रभावित होता है। भारत में इससे गर्मी बढ़ती है और मानसून की हवाएं कमजोर पड़ सकती हैं।
दक्षिण में मानसून पर पड़ेगा असर
IMD ने 2026 के दक्षिण-पश्चिम मानसून को नीचे सामान्य (92% LPA) रहने का अनुमान लगाया है। अल-नीनो सक्रिय होने पर सूखे की आशंका बढ़ जाती है। मई-जुलाई के बीच 61% संभावना है कि अल-नीनो पूरी तरह सक्रिय हो जाए। ऐसे में सलाह दी जाती है कि, भीषण गर्मी से बचाव के लिए दोपहर 12 बजे से 4 बजे तक बाहर निकलने से बचें। खूब पानी पिएं और ORS का इस्तेमाल करें।
ग्लोबल वार्मिंग के कारण यह खतरा और बढ़ गया है। वैज्ञानिकों का कहना है कि 2026 सबसे गर्म सालों में से एक हो सकता है। IMD और स्थानीय प्रशासन लगातार निगरानी कर रहे हैं। हीटवेव अलर्ट वाले इलाकों में सतर्क रहें। आने वाले दिनों में अचानक तूफान और बेमौसम बारिश भी संभव है।





