नई दिल्ली। बंगाल विधानसभा चुनाव में बीजेपी की जीत के बाद सियासी घमासान और तेज हो गया है। कांग्रेस ने बीजेपी पर ‘वोट चोरी’ और चुनावी गड़बड़ी के आरोप लगाए, तो केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने इसका जोरदार जवाब देते हुए कांग्रेस और राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला। कोलकाता में बीजेपी विधायक दल की बैठक को संबोधित करते हुए शाह ने कहा कि कांग्रेस लगातार हार से बौखला गई है और अब चुनाव प्रक्रिया को ही बदनाम करने की कोशिश कर रही है।
बता दें कि पश्चिम बंगाल चुनाव में बीजेपी को मिली बंपर जीत कांग्रेस नेता राहुल गांधी के गले नहीं उतर रही है। दो दिन पहले राहुल गांधी ने दावा किया है कि संसद में हर छठा सांसद (बीजेपी का) वोट चोरी से जीता है। उन्होंने कहा है कि अगर निष्पक्ष चुनाव होंगे तो बीजेपी 140 सीटें भी नहीं जीत पाएगी। राहुल के आरोपों पर ही अमित शाह ने पलटवार किया है।
कई साल से कांग्रेस पार्टी कई जगह चुनाव नहीं जीत रहे हैं। अभी भी उनको मालूम पड़ गया कि चुनाव जीतना असंभव है तो चुनाव की प्रक्रिया को ही बदनाम कर दो इसलिए कांग्रेस के नेता राहुल गांधी अपनी हार को छिपाने के लिए कभी EVM, कभी वोट चोरी, कभी मतदाता सूची, कभी SIR ये सब कीचड़ उछालने का प्रयास हो रहा है।
‘कभी EVM, कभी वोटर लिस्ट पर सवाल’
अमित शाह ने कहा कि कांग्रेस कई वर्षों से देश के अलग-अलग राज्यों में चुनाव नहीं जीत पा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि हार के बाद कांग्रेस नेताओं ने कभी ईवीएम, कभी मतदाता सूची और कभी एसआईआर जैसे मुद्दों पर सवाल उठाकर लोकतांत्रिक प्रक्रिया को कटघरे में खड़ा करने का प्रयास किया। शाह ने कहा कि जनता का जनादेश स्वीकार करने के बजाय विपक्ष लगातार बहाने ढूंढ रहा है।
‘1967 से तमिलनाडु में कांग्रेस का सीएम नहीं’
गृह मंत्री ने कांग्रेस पर पलटवार करते हुए कहा कि अगर हर हार को ‘वोट चोरी’ कहा जाए, तो फिर कांग्रेस को यह बताना चाहिए कि तमिलनाडु में 1967 से उसका मुख्यमंत्री क्यों नहीं बन पाया। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल में 49 साल, महाराष्ट्र में 12 , सिक्किम में 42 साल, नागालैंड में 33 साल, बिहार में 36 साल, गुजरात में 30 साल और ओडिशा में 26 साल से कांग्रेस सत्ता से बाहर है। शाह ने तंज कसते हुए कहा कि अगर ये सब वोट चोरी है, तो फिर कांग्रेस के सहयोगी दल भी उसी ‘चोरी’ में शामिल हैं, क्योंकि वे सभी इंडी गठबंधन का हिस्सा हैं।
‘कांग्रेस को आत्मचिंतन की जरूरत’
अमित शाह ने अपने संबोधन में कहा कि कांग्रेस को चुनावी हार पर आत्मचिंतन करने की जरूरत है, न कि लोकतांत्रिक संस्थाओं पर सवाल उठाने की। उन्होंने कहा कि बीजेपी की जीत जनता के भरोसे और विकास की राजनीति की जीत है। शाह के इस बयान के बाद बंगाल की सियासत में आरोप-प्रत्यारोप का दौर और तेज हो गया है, वहीं कांग्रेस ने भी बीजेपी पर लोकतंत्र को कमजोर करने के आरोप दोहराए हैं।







