Upgrade
पहल टाइम्स
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन
No Result
View All Result
पहल टाइम्स
No Result
View All Result
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
  • विशेष
  • ईमैगजीन
Home राज्य

आखिर क्या है ताजमहल के 22 कमरों का राज, इससे जल्‍द उठेगा पर्दा?

पहल टाइम्स डेस्क by पहल टाइम्स डेस्क
May 11, 2022
in राज्य
A A
Taj Mahal
1
VIEWS
Share on FacebookShare on Whatsapp

आगरा : ताजमहल… जिसके दीदार के लिए दुनियाभर से लोग आते हैं. मोहब्बत की निशानी के तौर पर मशहूर ताजमहल एक बार फिर सुर्खियों में है. इसकी वजह है ताज में बने 22 कमरे. इलाहाबाद हाईकोर्ट में याचिका दायर हुई है, जिसमें ताजमहल के 22 कमरों को खोलने की मांग की गई है. याचिकाकर्ता का दावा है कि बंद कमरों में हिन्दू देवी-देवताओं की मूर्तियां और शिलालेख मौजूद हैं.

इलाहाबाद हाईकोर्ट में यह याचिका दायर होने के बाद इन 22 कमरों के रहस्य को लेकर चर्चा शुरू हो गई है. आगरा के इतिहासकार राजकिशोर शर्मा राजे के मुताबिक कमरों से ताला खुला तो चौंकाने वाले तथ्य निकलेंगे. राजकिशोर राजे का कहना है कि ताजमहल में मुख्य मकबरे और चमेली फर्श के नीचे बने सभी 22 कमरे कई दशक से बंद हैं. इनका सिर्फ एक बार निरीक्षण वर्ष 1934 में हुआ. इसके प्रमाण के तौर पर राजकिशोर राजे ने 1934 के फोटोग्राग्राफ़ दिखाए.

इन्हें भी पढ़े

black-box train

रेलवे अब बेटियों को भी देगा मुफ्त इलाज और पास, नया आदेश जारी

January 14, 2026
देह व्यापार

होटल में चल रहा था देह व्यापार, आपत्तिजनक सामग्री के साथ 15 गिरफ्तार

January 13, 2026
WCL

वेकोलि के दो दिवसीय दौरे पर रहे कोल इंडिया लिमिटेड के अध्यक्ष श्री बी. साईंराम

January 13, 2026

दिल्ली में 14 जनवरी को होगा राष्ट्रीय उत्तरायणी महोत्सव का भव्य आयोजन

January 12, 2026
Load More

ताजमहल के ऊपर हिन्दू धर्म से जुड़े कई चिह्न
राजे का कहना है कि पिछले 88 साल से ये कमरे सार्वजनिक रूप से नहीं खुले हैं. इतिहासकार राजकिशोर राजे के मुताबिक अगर उस स्थान को खोला जाय तो उसमें प्रमाण मिल सकते हैं कि किसी हिन्दू धर्म से संबंधित है या नहीं… यहां कभी मंदिर था या नहीं. उनकी दलील है कि ताजमहल के ऊपर हिन्दू धर्म से जुड़े कई चिह्न हैं, जिसमें कमल का फूल बना हुआ है, जिसका मुस्लिम धर्म से कोई संबंध नहीं है.

इसके साथ ही वह कहते हैं कि ताजमहल के लाल पत्थर के डिजाइन में सर्प की आकृति है. सापों का इस्लाम से कोई संबंध नहीं है. ऐसे में इसकी काफी संभावना है कि ये राजा जयसिंह का महल में बना मंदिर था. वह बताते हैं कि मानसिंह अकबर के दरबारी और जयपुर के राजा थे. राजा जयसिंह उन्हीं का पोता और उत्तराधिकारी थी. मानसिंह की संपत्ति जयसिंह को मिली थी. वह कहते हैं, ‘जयसिंह से ये संपत्ति शाहजहां ने अपनी पत्नी के मकबरे के लिए ले लिया था और बदले में जय सिंह को 4 इमारतें दी थीं.’

ताजमहल के सामने हिन्दू महासभा ने बांटी मिठाई
उधर कोर्ट में याचिका दायर होते ही ताजमहल के सामने हिन्दू महासभा ने खुशी जाहिर करते हुए मिठाई बांटी. हिंदू महासभा के कार्यकर्ता ताजमहल को तेजोमहालय बता रहे हैं. हिन्दू महासभा के नेता संजय जाट कहते हैं, ‘महासभा इसको तेजोमहालय मानता है. हम लोग मानते हैं कि यहां पर शिव मंदिर है और जो याचिका दायर की गई है उसे हमारी जीत का पहला कदम मानते हैं. हमारी लड़ाई आगे भी जारी रहेगी. हम लोगों ने यहां पर खुशी में लड्डू वितरण किया है.’

वहीं ताजमहल में 20 साल से बतौर गाइड काम कर रहे नितिन सिंह ने बताया कि ASI के रिकॉर्ड में 22 कमरों का जिक्र जरूर है, लेकिन आज तक उन्होंने उन कमरों को नहीं देखा है, क्योंकि वहां जाने की किसी को इजाजत नहीं है. हालांकि नितिन का ये भी कहना है कि ताजमहल में ऐसी बहुत जगह हैं, जो बंद हैं वहां पर्यटक क्या गाइड को भी नहीं जाने की इजाजत है. ऐसा इस धरोहर को बचाए रखने के लिए किया गया है.

कहां से शुरू हुआ विवाद
बता दें कि ताजमहल को लेकर ये सारा विवाद एक किताब के बाद शुरू हुआ. इतिहासकार पीएन ओक ने अपनी किताब दी ट्रू स्टोरी ऑफ ताज (The True Story of Taj) में पहली बार उन 22 कमरों का ज़िक्र किया और दावा किया था ताजमहल पहले तेजोमहालया नाम का शिव मंदिर था, जिसे शाहजहां से तुड़वाकर मकबरे की शक्ल दे दी. हालांकि कई इतिहास उनकी इस किताब को बेहद भ्रामक करार देते हैं.

इन्हें भी पढ़ें

  • All
  • विशेष
  • लाइफस्टाइल
  • खेल
Interim budget session

अंतरिम बजट सत्र की शुरुआत, किसानों को होगा सीधा लाभ

January 31, 2024
PM Modi hoisted the saffron flag

अयोध्या के शिखर पर लहराया धर्म की विजय, PM मोदी ने फहराया केसरिया ध्वज

November 25, 2025

सामाजिक विषमता मापने के जरूरी तरीके हमें चाहिए!

November 22, 2023
पहल टाइम्स

पहल टाइम्स का संचालन पहल मीडिया ग्रुप्स के द्वारा किया जा रहा है. पहल टाइम्स का प्रयास समाज के लिए उपयोगी खबरों के प्रसार का रहा है. पहल गुप्स के समूह संपादक शूरबीर सिंह नेगी है.

Learn more

पहल टाइम्स कार्यालय

प्रधान संपादकः- शूरवीर सिंह नेगी

9-सी, मोहम्मदपुर, आरके पुरम नई दिल्ली

फोन नं-  +91 11 46678331

मोबाइल- + 91 9910877052

ईमेल- pahaltimes@gmail.com

Categories

  • Uncategorized
  • खाना खजाना
  • खेल
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • दिल्ली
  • धर्म
  • फैशन
  • मनोरंजन
  • यात्रा
  • राजनीति
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • लाइफस्टाइल
  • विशेष
  • विश्व
  • व्यापार
  • साक्षात्कार
  • सामाजिक कार्य
  • स्वास्थ्य

Recent Posts

  • रेलवे अब बेटियों को भी देगा मुफ्त इलाज और पास, नया आदेश जारी
  • क्यों श्री कृष्ण ने उत्तरायण को बताया मोक्ष का द्वार?
  • दिल्ली : मोबाइल झपटमारी गिरोह का सरगना गिरफ्तार, पुलिस की दबिश जारी

© 2021 पहल टाइम्स - देश-दुनिया की संपूर्ण खबरें सिर्फ यहां.

  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन

© 2021 पहल टाइम्स - देश-दुनिया की संपूर्ण खबरें सिर्फ यहां.