प्रकाश मेहरा
एग्जीक्यूटिव एडिटर
नई दिल्ली: एयर इंडिया ने उड़ानों में कटौती के लिए कई कारण बताए हैं।अहमदाबाद विमान हादसे का प्रभाव 12 जून को एयर इंडिया की फ्लाइट AI171 (अहमदाबाद से लंदन गैटविक) टेकऑफ के कुछ सेकंड बाद ही क्रैश हो गई। इस हादसे में 241 यात्रियों और क्रू मेंबर्स की मौत हुई और केवल एक यात्री (विश्वास कुमार रमेश, ब्रिटिश नागरिक) जीवित बचा। इसके अलावा, जमीन पर लगभग 29-30 लोग भी मारे गए, क्योंकि विमान एक मेडिकल कॉलेज के हॉस्टल पर गिरा।
इस हादसे ने एयर इंडिया की सुरक्षा प्रक्रियाओं पर सवाल उठाए और विमानन नियामक DGCA (डायरेक्टरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन) ने बोइंग 787-8/9 फ्लीट की विशेष सुरक्षा जांच का आदेश दिया। जांच के दौरान, एयर इंडिया के 33 बोइंग 787 विमानों में से 26 की जांच पूरी हो चुकी है और वे सेवा के लिए मंजूर हैं। शेष सात विमानों और बोइंग 777 फ्लीट की जांच भी चल रही है।
सुरक्षा और रखरखाव पर जोर
हादसे के बाद, DGCA ने एयर इंडिया को अपने बोइंग 787 फ्लीट पर अतिरिक्त रखरखाव कार्य करने के निर्देश दिए, खासकर GE Aerospace के GEnx इंजनों की जांच। एयर इंडिया ने स्वेच्छा से बोइंग 777 फ्लीट पर भी सुरक्षा जांच शुरू की, ताकि भविष्य में किसी भी जोखिम से बचा जा सके। इन जांचों के कारण विमानों की उपलब्धता कम हो गई, जिसके चलते उड़ानों को कम करना पड़ा।
मध्य पूर्व में भू-राजनीतिक तनाव: इजरायल-ईरान संघर्ष के कारण मध्य पूर्व के हवाई क्षेत्र में प्रतिबंध और रात के समय उड़ान कर्फ्यू लागू हैं, जिससे उड़ानों के रूट लंबे हो गए और ईंधन लागत बढ़ी। यूरोप और पूर्वी एशिया में हवाई क्षेत्र कर्फ्यू: कई देशों में रात के समय हवाई क्षेत्र बंद रहता है, जिसने उड़ान शेड्यूल को प्रभावित किया। हादसे के बाद, एयर इंडिया के इंजीनियरिंग और कॉकपिट क्रू ने अतिरिक्त सतर्कता बरती, जिसके चलते कुछ उड़ानें रद्द हुईं।
पिछले छह दिनों में रद्द उड़ानें
हादसे के बाद, पिछले छह दिनों (12-18 जून 2025) में एयर इंडिया ने 83 अंतरराष्ट्रीय उड़ानें रद्द कीं। इसमें लंदन, पेरिस, वियना, और दुबई जैसे रूट शामिल हैं। यह कटौती रिजर्व विमानों की उपलब्धता बढ़ाने और अप्रत्याशित समस्याओं से निपटने के लिए की गई।
हादसे के बाद यात्रियों में डर और एयर इंडिया की सेवाओं पर अविश्वास बढ़ा। इसके जवाब में, एयर इंडिया ने बोइंग 787 उड़ानों के लिए किराए में भारी छूट दी, जैसे दिल्ली-पेरिस रूट पर ₹31,000 (एयर फ्रांस के ₹64,000 के मुकाबले)। हालांकि, यह कदम अल्पकालिक है और दीर्घकालिक विश्वास बहाली के लिए सुरक्षा और परिचालन स्थिरता जरूरी है।
क्या पड़ा कटौती का प्रभाव !
कटौती मुख्य रूप से यूरोप (लंदन, पेरिस, फ्रैंकफर्ट, वियना), मध्य पूर्व (दुबई), और पूर्वी एशिया (हांगकांग, टोक्यो) के रूट्स पर होगी, जो वाइडबॉडी विमानों द्वारा संचालित होते हैं। एयर इंडिया रोजाना लगभग 70 अंतरराष्ट्रीय उड़ानें वाइडबॉडी विमानों से संचालित करती है, जिनमें से 15% प्रभावित होंगी।
प्रभावित यात्रियों को मुफ्त रीशेड्यूलिंग या पूर्ण रिफंड का विकल्प दिया जा रहा है। एयर इंडिया वैकल्पिक उड़ानों में यात्रियों को प्राथमिकता दे रही है और नया शेड्यूल जल्द जारी करेगी। यात्री airindia.com या हेल्पलाइन (+91 80627 79200) के जरिए सहायता ले सकते हैं।
वित्तीय और प्रतिष्ठा पर असर
हादसे और उड़ान कटौती से एयर इंडिया की टाटा समूह द्वारा चल रही पुनरुद्धार रणनीति को झटका लगा। किराए में छूट और रद्द उड़ानों के कारण वित्तीय नुकसान हो सकता है, हालांकि टाटा समूह ने प्रत्येक मृतक के परिवार को ₹1 करोड़ मुआवजा देने की घोषणा की है। बोइंग के शेयरों में भी 5% की गिरावट आई, क्योंकि यह बोइंग 787 का पहला घातक हादसा था।
एयर इंडिया ने अहमदाबाद में 400 से अधिक परिवारों को सहायता प्रदान की, जिसमें मृतकों के शव सौंपने और चिकित्सा खर्च वहन करना शामिल है। हादसे की जांच भारत की AAIB (एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो), अमेरिका की NTSB, बोइंग, और GE Aerospace की टीमें कर रही हैं।
हादसे की जांच और निष्कर्ष
फ्लाइट AI171, एक बोइंग 787-8 ड्रीमलाइनर, 12 जून 2025 को 13:38 बजे अहमदाबाद से टेकऑफ करने के 30 सेकंड बाद मेहगनीनगर क्षेत्र में एक मेडिकल कॉलेज पर क्रैश हो गई। विमान केवल 625 फीट की ऊंचाई तक पहुंचा और मेडे कॉल जारी करने के बाद नीचे गिर गया। पायलट कैप्टन सुमीत सभरवाल और को-पायलट क्लाइव कुंदर के पास 10,000 घंटों से अधिक का उड़ान अनुभव था।
इंजन थ्रस्ट, विंग फ्लैप्स, और लैंडिंग गियर: जांच में पाया गया कि लैंडिंग गियर टेकऑफ के बाद बंद नहीं हुआ, जो असामान्य है। रखरखाव रिकॉर्ड दाएं इंजन को मार्च 2025 में और बाएं इंजन को 2023 में सर्विस किया गया था। बर्ड स्ट्राइक को प्राथमिक कारण नहीं माना जा रहा, लेकिन ईंधन दूषितता, मैकेनिकल फेल्योर, या मानवीय त्रुटि की जांच हो रही है। फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर मिल गया है, लेकिन कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर की तलाश जारी है।
DGCA ने क्या कहा ?
DGCA ने कहा कि “बोइंग 787 फ्लीट में कोई “बड़ा सुरक्षा खतरा” नहीं पाया गया, लेकिन रखरखाव में कुछ कमियां थीं, जिन्हें सुधारने के निर्देश दिए गए।
टाटा समूह के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन ने कहा कि “विमान का “क्लीन हिस्ट्री” था और हादसे का कारण जानने के लिए जांच जरूरी है।”
सुरक्षा और विश्वास बहाली
एयर इंडिया ने यात्रियों से माफी मांगी और कहा कि यह कटौती “दर्दनाक लेकिन जरूरी” है। टाटा समूह ने सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए फ्लीट मॉडर्नाइजेशन और प्रशिक्षण पर निवेश बढ़ाने का वादा किया। एयर इंडिया ने पाकिस्तान के हवाई क्षेत्र बंद होने के कारण होने वाले नुकसान के लिए सरकार से $591 मिलियन की सब्सिडी मांगी है। हादसे के बाद किराए में छूट और मुआवजे से वित्तीय बोझ बढ़ सकता है।
जनवरी 2025 में, एयर इंडिया ने 2025 के लिए फ्लीट विस्तार और नए रूट्स (जैसे मनीला, जकार्ता, डलास, और लॉस एंजिल्स) की योजना बनाई थी। हालांकि, हादसे और कटौती ने इन योजनाओं को अस्थायी रूप से प्रभावित किया है।
विश्वास बहाल करने की कोशिश !
एयर इंडिया की 15% अंतरराष्ट्रीय उड़ान कटौती अहमदाबाद हादसे, सुरक्षा जांच, मध्य पूर्व में तनाव, और हवाई क्षेत्र प्रतिबंधों का संयुक्त परिणाम है। यह कदम परिचालन स्थिरता, सुरक्षा, और रिजर्व विमानों की उपलब्धता बढ़ाने के लिए उठाया गया है। हालांकि, इससे यात्रियों को असुविधा और एयर इंडिया की प्रतिष्ठा को नुकसान हुआ है। टाटा समूह और DGCA के साथ मिलकर एयर इंडिया सुरक्षा मानकों को मजबूत करने और विश्वास बहाल करने की कोशिश कर रही है। हादसे की जांच के नतीजे और भविष्य की रणनीति यह तय करेंगे कि क्या एयर इंडिया अपनी पुनरुद्धार योजना को पटरी पर ला पाएगी।







