नई दिल्ली। अनुराग ठाकुर की यह टिप्पणी INDIA ब्लॉक के नेताओं के सुप्रीम कोर्ट की ओर मार्च करने और चुनाव प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं को लेकर न्यायिक हस्तक्षेप की मांग के बीच आई है. विपक्षी दल मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग भी कर रहे हैं.
‘मांगें नहीं मानी गईं तो न्यायपालिका के खिलाफ सड़क पर उतरेंगे’
अनुराग ठाकुर ने आरोप लगाया कि कांग्रेस और राहुल गांधी न्यायपालिका को डराने की कोशिश कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि विपक्ष का संदेश यह है कि अगर उनकी मांगें नहीं मानी गईं, तो वे न्यायपालिका के खिलाफ भी सड़क पर उतरेंगे.
ठाकुर के मुताबिक, अदालत ने विपक्ष से औपचारिक याचिका दाखिल करने को कहा है. उन्होंने राहुल गांधी पर अदालतों में पहले भी मुश्किलों का सामना करने और कई मौकों पर माफी मांगने का आरोप लगाया.
बीजेपी सांसद ने कहा कि राहुल गांधी को लगता है कि अगर वह सड़क पर उतरकर बार-बार एक ही झूठ बोलेंगे, तो लोग उसे सच मान लेंगे. उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस की रणनीति साफ है. अगर पार्टी और राहुल गांधी सत्ता में नहीं हैं, तो अराजकता फैलाने की कोशिश की जाती है.
‘राहुल गांधी सिर्फ खोखली बातें करते हैं’
ठाकुर ने राहुल गांधी पर बिना तथ्यों के आरोप लगाने और चुनावी हार के बाद संवैधानिक संस्थाओं को निशाना बनाने का आरोप भी लगाया.
उन्होंने कहा, “राहुल गांधी नेता प्रतिपक्ष हैं, लेकिन उन्हें असली तथ्यों की जानकारी नहीं है. उनकी आदत देश में बेवजह हंगामा खड़ा करने की है. राहुल गांधी ‘हवा-हवाई’ नेता हैं. सब कुछ शून्य है, सिर्फ खोखली बातें हैं.”
बीजेपी नेता ने आगे आरोप लगाया कि राहुल गांधी बार-बार किसी न किसी संस्था को निशाना बनाते हैं. कभी चुनाव आयोग, कभी ईवीएम और कभी मुख्य निर्वाचन आयुक्त पर आरोप लगाते हैं. ठाकुर ने कहा कि आरोप लगाने के बाद अदालत में माफी मांगना राहुल गांधी का पुराना रिकॉर्ड रहा है.
उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि धूल राहुल गांधी के अपने चेहरे पर थी, लेकिन वह आईना साफ करते रहे. ठाकुर ने कांग्रेस की चुनावी हार का जिक्र करते हुए भी राहुल गांधी पर निशाना साधा.
चुनाव में धांधली के आरोप पर कांग्रेस को घेरा
अनुराग ठाकुर ने चुनावी धांधली के आरोपों को लेकर कांग्रेस के पुराने चुनावी इतिहास का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि जिस पार्टी और परिवार के सदस्यों पर चुनाव जीतने के लिए धांधली करने और बाद में देश में आपातकाल लगाने के आरोप रहे हैं, वही आज चुनावी अनियमितताओं की बात कर रहे हैं.
बीजेपी सांसद ने 1989 के चुनाव का जिक्र करते हुए राहुल गांधी से सवाल किया कि उस समय कांग्रेस पर कितने मतदान केंद्रों पर कब्जा करने के आरोप लगे थे.
ठाकुर ने 1989 के चुनाव में राजीव गांधी और राजमोहन गांधी के बीच मुकाबले का उल्लेख करते हुए कहा कि राहुल गांधी को देश और आज की युवा पीढ़ी को उस चुनाव के बारे में बताना चाहिए. उन्होंने कांग्रेस पर मतदान केंद्रों पर कब्जा करने का आरोप लगाया. हालांकि, उनके इस दावे के समर्थन में इस बयान में कोई विस्तृत साक्ष्य नहीं दिया गया.
सुप्रीम कोर्ट की ओर मार्च को लेकर बढ़ा राजनीतिक विवाद
अनुराग ठाकुर का बयान ऐसे समय आया है, जब INDIA ब्लॉक के नेताओं ने चुनाव आयोग के खिलाफ अपना विरोध तेज कर दिया है. सोमवार को विपक्षी नेताओं ने नई दिल्ली में सुप्रीम कोर्ट की ओर मार्च किया. विपक्ष चुनावी प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं की जांच और मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहा है.
‘मार्च फॉर डेमोक्रेसी’ में राहुल गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव सहित कई विपक्षी नेता शामिल हुए. मार्च के दौरान मध्य दिल्ली में सुरक्षा बढ़ा दी गई थी. पुलिस ने बैरिकेडिंग की थी और बाराखंभा रोड तथा मंडी हाउस जैसे इलाकों में यातायात प्रभावित हुआ.
प्रदर्शनकारियों ने राष्ट्रीय ध्वज और तख्तियां लेकर चुनाव आयोग के खिलाफ नारेबाजी की. उनका विरोध बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और चुनावी प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं को लेकर था.







