- मुजफ्फरनगर की पवित्र धरा पर सनातन धर्म की रक्षा व धर्मशत्रुओं के सर्वनाश हेतु होगा 9 दिवसीय मां बगलामुखी महायज्ञ।
- सनातन धर्म के मूल समस्याओं पर योगेश्वर श्रीकृष्ण के दृष्टिकोण को समझने हेतु दो दिवसीय गीता महाकुंभ।
प्रकाश मेहरा
एग्जीक्यूटिव एडिटर
बलरामपुर: शिवशक्ति धाम डासना के पीठाधीश्वर व श्रीपंचदशनाम जूना अखाड़े के महामंडलेश्वर यति नरसिंहानंद गिरी जी महाराज ने राजू सैनी जी के आवास पर एक प्रेस वार्ता का आयोजन किया।प्रेस वार्ता में उनके साथ यति अभयानंद जी, डॉ उदिता त्यागी,संजय धीमान, प्रवीण महादेव, संदीप जिंदल, चाहन सिंह बलियान, डॉ योगेंद्र योगी, पंडित सुनील दत्त शर्मा सहित अनेक लोग उपस्थित थे।

प्रेस वार्ता में क्या बोले यति नरसिंहानंद ?
प्रेस वार्ता में उन्होंने बताया कि “मुजफ्फरनगर की पवित्र धरा पर श्राद्ध पक्ष में 7 सितंबर 2025 से 15 सितंबर 2025 तक सनातन धर्म के की रक्षा और सनातन धर्म के शत्रुओं के समूल विनाश हेतु 9 दिवसीय मां बगलामुखी महायज्ञ का आयोजन किया जाएगा।इस महायज्ञ के उपरांत 13 और 14 सितंबर को दो दिवसीय गीता महाकुंभ का आयोजन किया जाएगा।इस आयोजन में संपूर्ण विश्व से संत महात्मा व गीता मनीषी भाग लेंगे।यह आयोजन गीता के वास्तविक अर्थों को सम्पूर्ण विश्व के समक्ष रखने और संपूर्ण विश्व को मानवता की रक्षा करने को प्रेरित करेगा।
सनातन धर्म का संपूर्ण अस्तित्व खतरे में !
प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए महामंडलेश्वर यति नरसिंहानंद गिरी जी महाराज ने कहा कि “इस समय सनातन धर्म का संपूर्ण अस्तित्व खतरे में है।हर तरफ से सनातन धर्म और सनातन धर्म के मानने वालों पर आक्रमण किया जा रहा है और हमें मिटाने की हर संभव कोशिश की जा रही है।जैसे जैसे महाविनाश के षड्यंत्र गहन होते जा रहे हैं और शत्रु प्रबल होते जा रहे हैं,वैसे वैसे हम सनातन के मानने वालों की बुद्धि भ्रष्ट होती जा रही है।
सम्पूर्ण विनाश बिल्कुल सामने खड़ा: यति नरसिंहानंद गिरी
उन्होंने कहा कि “हम एकता की ओर चलने के स्थान पर तेजी से एक दूसरे के विरुद्ध षड्यंत्र रचने में लग गए हैं।आज स्थिति ये है कि सनातन धर्म की रक्षा के लिए संघर्ष करने को हमारे पास ना तो कोई धर्मगुरु है,ना ही कोई नेता है और ना ही कोई संगठन है। आज लुटेरों और ठगो के संगठित गिरोहों के समक्ष हिन्दू समाज बिल्कुल निरीह बकरे की तरह कटने को तैयार खड़ा है।अब तो केवल मां और महादेव ही हमे बचा सकते हैं अन्यथा अब सम्पूर्ण विनाश बिल्कुल सामने खड़ा हो गया है।
शत्रु विनाश और सद्बुद्धि की सबसे प्रचंड शक्ति
उन्होंने कहा कि “मां बगलामुखी सनातन धर्म में शत्रु विनाश और सद्बुद्धि की सबसे प्रचंड शक्ति है।अब हम सब उन्हीं की शरण में चलकर उनसे सनातन धर्म और हमारे परिवार सहित अस्तित्व की रक्षा और हमारे धर्म के शत्रुओं के विनाश की प्रार्थना करेंगे। हम मां बगलामुखी की सुप्त शक्तियों के जागरण हेतु सम्पूर्ण विश्व में इस प्रकार के आयोजन करेंगे और धर्म को बचा कर रहेंगे।







