नई दिल्ली : नीट यूजी 2026 परीक्षापत्र लीक मामला में सीबीआई ने रेणुकाई केमिस्ट्री क्लासेस (आरसीसी) के संस्थापक शिवराज रघुनाथ मोटेगांवकर को लातूर से गिरफ्तार किया है. अधिकारियों के मुताबिक, मोटेगांवकर को दिल्ली की एक अदालत में पेश किया जा सकता है.
पीवी कुलकर्णी से पूछताछ में मोटेगांवकर का पेपर लीक मामले में कनेक्शन सामने आया है. इस केस की जांच करने लातूर पहुंची सीबीआई की 28 लोगों की टीम ने मोटेगांवकर से पूरी पूछताछ की. इसके बाद, पुणे में भी उनसे लंबी पूछताछ हुई.
सूत्रों के मुताबिक, ऐसी जानकारी सामने आई है जिससे पता चलता है कि मोटेगांवकर का कथित तौर पर शामिल होना जांच के दौरान, खासकर पी.वी. कुलकर्णी से पूछताछ के दौरान सामने आया. मॉक टेस्ट के कई सवाल फाइनल एग्जाम में आए. खास तौर पर, 3 मई को हुई NEET परीक्षा के बाद, आरसीसी क्लासेस द्वारा अपने छात्रों के साथ किए गए इंटरव्यू में चौंकाने वाले दावे सामने आए.
छात्रों ने साफ तौर पर कहा कि उनके मॉक टेस्ट के कई सवाल फाइनल एग्जाम में हूबहू आए थे. आरसीसी क्लासेस और उसके डायरेक्टर, शिवराज मोटेगांवकर उस समय विवादों में घिर गए जब यह दावा किया गया कि हैरान करने वाले 42 सवाल एकदम मेल खाते थे. इस पूरे मामले की जांच तब तेज हुई जब एक अभिभावक ने इस मामले में शिकायत दर्ज कराई.
इस बीच, खबर है कि मनीषा वाघमारे से पूछताछ के दौरान मोटेगांवकर का नाम भी सामने आया. इसके बाद, सीबीआई ने मोटेगांवकर के ऑफिस से मिले दस्तावेजों, कंप्यूटर और डिजिटल डेटा की पूरी जांच की.
नीट पेपर लीक केस में पुणे में सीबीआई की जांच तेज
NEET पेपर लीक केस की जांच ने रफ्तार पकड़ ली है, और सीबीआई ने पुणे में पूरी जांच शुरू कर दी है. इस केस के सिलसिले में, कई डॉक्टरों और छात्रों को पूछताछ के लिए पुणे में सीबीआई ऑफिस बुलाया गया है. रिपोर्ट के मुताबिक, कल रात से कई लोगों से पूछताछ की गई है. पता चला है कि आरसीसी क्लासेस के डायरेक्टर शिवराज मोटेगांवकर से 11 घंटे तक पूछताछ की गई. इसके अलावा, खबर है कि उन्हें आगे की जांच के लिए दिल्ली ले जाया जाएगा.
इसके अलावा, उन्हें दिल्ली की एक कोर्ट में पेश किया जाना है. इस बीच, कुछ डॉक्टरों और छात्रों से पूछताछ जारी है. सीबीआई अलग-अलग सुरागों का पता लगाने में सक्रिय तौर काम कर रही है. ऐसे में उम्मीद है कि, आगे इस जांच से और भी अहम खुलासे हो सकते हैं.







