देहरादून : उत्तराखंड में बन रहे नए सरकारी मेडिकल कॉलेजों का संचालन पर सीएम पुष्कर सिंह धामी सरकार की ओर से इसे पूरी तरह प्राइवेट हाथों में दिए जाने की तैयारी है। इन कॉलेजों में डॉक्टर और कर्मचारी से लेकर उपकरण तक की व्यवस्थाएं भी प्राइवेट हेल्थ एजेंसी ही करेगी।
इसकी शुरुआत हरिद्वार मेडिकल कॉलेज से होने जा रही है। उत्तराखंड में अभी तक मेडिकल कॉलेजों में डॉक्टर, कर्मचारी और उपकरण आदि की व्यवस्था सरकार करती थी। कुछ काम आउटसोर्स किए जाने के बावजूद कॉलेजों का संचालन सरकार के हाथों में ही होता था।लेकिन यह व्यवस्था खत्म करने की तैयारी है। इसके तहत सरकार किसी बड़े ग्रुप के साथ करार करेगी और कॉलेज का इंफ्रास्ट्रक्चर बना कर, वहां सभी व्यवस्थाएं जुटाने की जिम्मेदारी उसे सौंप दी जाएगी।
कॉलेज इसलिए दिए जा रहे प्राइवेट हाथों में
स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के लिए अस्पताल व मेडिकल कॉलेज पहले से ही पीपीपी मोड पर दिए जाते रहे हैं। इससे सरकार को अपने स्तर पर कर्मचारी व संसाधन नहीं जोड़ने पड़ते। दूसरी ओर हेल्थ सेक्टर की बड़ी कंपनियों के पास पहले से स्टाफ और अन्य सुविधाएं मौजूद रहती हैं।
हरिद्वार में अगले साल से पढ़ाई की तैयारी
सरकार हरिद्वार मेडिकल कॉलेज अगले सत्र से शुरू करने की तैयारी कर रही है। सरकार ने इसके लिए पद भी मंजूर कर दिए। नेशनल मेडिकल काउंसिल में आवेदन के बाद अगले साल निरीक्षण होगा और कॉलेज में सुविधाएं मिलने पर एनएमसी आदेश कर देगी।
तीन अस्पतालों के संचालन को मिल गई मंजूरी
हरिद्वार मेडिकल कॉलेज को निजी हाथों में देने की प्रक्रिया अभी चल रही है जबकि हर्रावाला कैंसर अस्पताल, हल्द्वानी में 200 बेड के सुपर स्पेशलिटी अस्पताल और हरिद्वार में जच्चा-बच्चा अस्पताल को निजी हाथों में देने को मंजूरी दी जा रही है। राज्य सरकार के प्लानिंग विभाग की ओर से इस संबंध में स्वीकृति दे दी गई है और जल्द ही प्रदेश सरकार टेंडर आदि की प्रक्रिया शुरू कर सकती है।
सचिव स्वास्थ्य डॉ.आर.राजेश कुमार ने बताया कि इन तीनों अस्पतालों को किसी बड़े हेल्थ ग्रुप को देने की प्लानिंग को मंजूरी मिल गई है। उन्होंने कहा, हरिद्वार मेडिकल कॉलेज के संचालन को लेकर भी इसी योजना पर आगे बढ़ा जा रहा है।







