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Home राजनीति

राहुल की जीत से रायबरेली में कांग्रेस ‘बालिक’ बनी

पहल टाइम्स डेस्क by पहल टाइम्स डेस्क
June 9, 2024
in राजनीति, राष्ट्रीय, विशेष
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गौरव अवस्थी


नई दिल्ली। 18वीं लोकसभा चुनाव में पार्टी के प्रदर्शन में बेहतर सुधार के बाद ‘जननायक’ के रूप में देखे जा रहे कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी के नाम यूपी में दूसरी सबसे बड़ी जीत दर्ज करने का रिकॉर्ड दर्ज हुआ है। जीत के मामले में रायबरेली लोकसभा सीट से कांग्रेस को ‘बालिग’ बनाने का श्रेय भी राहुल गांधी को गया है। राहुल गांधी की जीत के साथ ही रायबरेली देश की इकलौती लोकसभा सीट बन गई है, जहां कांग्रेस 18 बार चुनाव जीत चुकी है। इस जीत में 15 आम चुनाव और तीन उपचुनाव शामिल हैं। देश में ऐसा कोई दूसरा उदाहरण मिलना मुश्किल है, जहां एक पार्टी एक सीट से 18 बार जीती हो।

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फिरोज गांधी से हुई थी शुरुआत
रायबरेली के कांग्रेसियों के अनुरोध पर प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू ने अपने दामाद और पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के पति फिरोज गांधी को 1952 में हुए देश के पहले आम चुनाव में प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ाया था। 1957 में दोबारा जीत दर्ज करने के बाद 1960 में फिरोज गांधी का असामयिक निधन हो गया। उनके निधन के बाद हुए उपचुनाव में कांग्रेस के टिकट पर राजेंद्र प्रताप सिंह जीते थे।

इंदिरा गांधी की वजह से चर्चा में आई
लोकसभा क्षेत्रों के परिसीमन में 1962 में रायबरेली सीट अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित हो गई। कांग्रेस ने यहां दो सदस्य सीट से फिरोज गांधी के साथ सांसद रह चुके बैजनाथ कुरील को चुनाव लड़ाया। उन्होंने जनसंघ की तारावती को हराकर कांग्रेस की जीत का रिकॉर्ड कायम रखा। 1967 में रायबरेली सीट सामान्य हो गई और इंदिरा गांधी ने पति की सीट को अपनी कर्मभूमि बनाया। 1967 और 1971 के दो चुनाव उन्होंने लगातार जीते।आपातकाल के बाद 1977 हुए चुनाव में राजनारायण के हाथों हार और 1980 में हुए मिडटर्म पोल में यहां बदला चुकाकर उन्होंने इस्तीफा दे दिया था।

सोनिया गांधी ने जीते पांच चुनाव
इंदिरा गांधी की हत्या के बाद खानदान के अरुण नेहरू और शीला कौल ने दो-दो बार कांग्रेस के टिकट पर रायबरेली की नुमाइंदगी की। वर्ष 1999 में कैप्टन सतीश शर्मा कांग्रेस के टिकट पर ही चुने गए। इसके बाद गांधी परिवार की बहू सोनिया गांधी अमेठी छोड़कर 2004 में रायबरेली से चुनाव लड़ीं। उन्होंने एक उपचुनाव (2006) के साथ पांच बार इस सीट से जीत दर्ज की। इस सीट पर सबसे अधिक वोट शेयर (उपचुनाव में 80.49%) और सर्वाधिक मतों से जीत का रिकॉर्ड अभी तक सोनिया गांधी के नाम ही दर्ज है।

बालिक बनाने का श्रेय राहुल के नाम
सोनिया गांधी के सक्रिय राजनीति से संन्यास लेने के बाद 18वीं लोकसभा के चुनाव में गांधी परिवार ने रायबरेली से राहुल गांधी को चुनाव लड़ने भेजा। राहुल के चुनाव लड़ने के पहले रायबरेली में 20 चुनाव हुए और 17 चुनाव में कांग्रेस जीत चुकी थी। 2024 का चुनाव राहुल गांधी ने 389341 मतों के बड़े अंतर से जीत कर 103 साल पुरानी पार्टी को जीत के मामले में एक ही चुनाव क्षेत्र में बालिग बना दिया। राहुल गांधी की यह जीत रायबरेली से कांग्रेस की 18वीं जीत है।

तीन बार जीत चुके हैं विरोधी नेता
नि:संदेह रायबरेली कांग्रेस का मजबूत किला है। इस किले को पहली बार भारतीय लोकदल के टिकट पर समाजवादी नेता राजनारायण ने इंदिरा गांधी को 1977 में हराकर भेदा था। इंदिरा गांधी और राजीव गांधी की हत्या के बाद गांधी परिवार ने सक्रिय राजनीति से अपने को दूर रखा। इसीलिए वर्ष 1996 और 1998 में अशोक सिंह भाजपा से दो बार सांसद चुने गए। इसके बाद से विपक्ष की सभी कोशिशें बेकार सिद्ध हुई हैं।

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