Upgrade
पहल टाइम्स
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन
No Result
View All Result
पहल टाइम्स
No Result
View All Result
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
  • विशेष
  • ईमैगजीन
Home राष्ट्रीय

आजादी का वो गुमनाम नायक, जो अंग्रेजों के लिए बने थे सिरदर्द!

पहल टाइम्स डेस्क by पहल टाइम्स डेस्क
May 7, 2023
in राष्ट्रीय, विशेष
A A
Alluri Sitarama Raju
26
SHARES
867
VIEWS
Share on FacebookShare on Whatsapp

अच्युत कुमार द्विवेदी। सात मई 1924… यह वह तारीख है, जिस दिन दक्षिण भारत के प्रसिद्ध स्वतंत्रता सेनानी अल्लूरी सीताराम राजू की अंग्रेजों ने बेरहमी से हत्या कर दी। राजू ने अपना पूरा जीवन जनजातीय लोगों के कल्याण के लिए समर्पित कर दिया। लोग उन्हें ‘जंगल का नायक’ कहते हैं। हर साल आंध्र प्रदेश सरकार उनकी जन्म तिथि चार जुलाई को राज्य उत्सव के रूप में मनाती है।

अल्लूरी सीताराम राजू कौन थे?

इन्हें भी पढ़े

fighter aircraft

छठी पीढ़ी के लड़ाकू विमान कार्यक्रम में शामिल होने की तैयारी में भारत!

August 8, 2026
Mohan Bhagwat

युवाओं के सवालों से संवाद तक: मोहन भागवत ने बताया Gen-Z को समझने का रास्ता

August 8, 2026
Rishabh Pant

ऋषभ पंत ने उत्तराखंड में जमीन खरीदने को लेकर CM धामी से मांगी मदद, मुख्यमंत्री ने दिया भरोसा

August 8, 2026
india-china

नई दिल्ली में भारत-चीन की बड़ी बैठक: किन मुद्दों पर हुई बात?

August 7, 2026
Load More

अल्लूरी सीताराम राजू एक संन्यासी और स्वतंत्रता सेनानी थे। उनका जन्म चार जुलाई 1897 में आंध्र प्रदेश के विशाखापट्टनम में हुआ था। उनके पिता का नाम वेंकटराम राजू था। उनका बचपन अंग्रेजों का अत्याचार सहते हुए बीता। बड़े होने पर उन्होंने अंग्रेजों का डटकर मुकाबला किया। उन्होंने 1922 से लेकर 1924 तक चले राम्पा विद्रोह का नेतृत्व किया।

18 साल की उम्र में बने संन्यासी

सीताराम राजू 18 साल की उम्र में संन्यासी बन गए। उन्हें जंगली जानवरों को वश में करने की क्षमता हासिल थी। इसके अलावा, उन्हें ज्योतिष और चिकित्सा का भी ज्ञान था। यही वजह है कि पहाड़ी और आदिवासी लोगों के बीच वे काफी लोकप्रिय हुए।

अल्लूरी सीताराम राजू क्यों प्रसिद्ध हैं?

अल्लूरी सीताराम राजू अंग्रेजों के खिलाफ राम्पा विद्रोह करने के लिए प्रसिद्ध हैं। अंग्रेजों ने 1982 में मद्रास वन अधिनियम को लागू कर दिया। इस अधिनियम के लागू होने से स्थानीय आदिवासियों के जंगल जाने पर प्रतिबंध लग गया। अभी तक वे खेती करने के लिए जमीन का इंतजाम जंगलों को जला कर करते थे, जिसे पोडु कहा जाता था। राजू बचपन से अंग्रेजों के जुल्म की कहानी सुनते आ रहे थे। इसलिए उन्होंने 25 साल की उम्र में 1922 में रम्पा विद्रोह शुरू कर दिया।

अंग्रेजों को देते थे खुली चुनौती

सीताराम राजू अंग्रेजों को खुली चुनौती देते थे, जिससे अंग्रेज आग-बबूला हो जाते थे। वे राजू को पकड़ने के लिए पुलिस टीम को भेजते थे, लेकिन उनमें से कोई भी वापस नहीं आता था। राजू और उनके साथी सभी पुलिसवालों को मौत के घाट उतार देते थे। राजू और उनके साथियों को जब लड़ाई के लिए हथियार की जरूरत होती, वे अंग्रेजों के पुलिस स्टेशनों पर धावा बोलकर हथियार लूट लेते थे। उनकी मंशा अंग्रेजों को पूर्वी घाट से भगाने की थी।

अल्लूरी सीताराम राजू की मृत्यु कैसे हुई?

अंग्रेजों और राजू के बीच यह लड़ाई दो साल तक चली। आखिरकार 7 मई 1924 को चिंतबल्ली के जंगल में अंग्रेजों ने उन्हें घेर लिया। इसके बाद उन्हें पास के एक गांव में लाया गया और पेड़ से बांधकर उन्हें गोलियों से भून दिया गया। अंग्रेज उनकी मौत के जरिए यह संदेश देना चाहते थे कि उनसे टकराने का अंजाम क्या होता है।

महात्मा गांधी के विचारों से थे प्रभावित

अल्लूरी सीताराम राजू महात्मा गांधी के विचारों से प्रभावित थे। उन्होंने लोगों से खादी पहनने की अपील की। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि केवल बल प्रयोग से देश आजाद हो सकता है, अहिंसा से नहीं। भारत सरकार ने सीताराम राजू पर 1986 में डाक टिकट जारी किया था।

पीएम मोदी ने बताया ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ की भावना का प्रतीक

पिछले साल चार जुलाई 2022 को पीएम मोदी ने आंध्र प्रदेश के भीमावरम में अल्लूरी सीताराम राजू की 125वीं जयंती पर आयोजित समारोह में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने सीतारामा राजू को एक भारत श्रेष्ठ भारत की भावना का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि राजू ने हमारे देश को एकजुट किया। पीएम मोदी ने कहा कि राजू का जीवन हम सभी के लिए प्रेरणास्रोत है। उन्होंने अपना जीवन दूसरों की भलाई के लिए समर्पित कर दिया।

इन्हें भी पढ़ें

  • All
  • विशेष
  • लाइफस्टाइल
  • खेल
Mohan Bhagwat

मोहन भागवत का 75 साल पर ‘साइड हो जाओ’ बयान, क्या है PM मोदी के लिए RSS का संदेश ?

July 11, 2025
Preeti

वेकोलि की प्रीती ने साइकिल से पूर्ण की 700 KM की यात्रा

June 28, 2025
mp suspended new parliament

इस शीतकालीन सत्र से क्या हासिल हुआ?

December 23, 2023
पहल टाइम्स

पहल टाइम्स का संचालन पहल मीडिया ग्रुप्स के द्वारा किया जा रहा है. पहल टाइम्स का प्रयास समाज के लिए उपयोगी खबरों के प्रसार का रहा है. पहल गुप्स के समूह संपादक शूरबीर सिंह नेगी है.

Learn more

पहल टाइम्स कार्यालय

प्रधान संपादकः- शूरवीर सिंह नेगी

9-सी, मोहम्मदपुर, आरके पुरम नई दिल्ली

फोन नं-  +91 11 46678331

मोबाइल- + 91 9910877052

ईमेल- pahaltimes@gmail.com

Categories

  • Uncategorized
  • खाना खजाना
  • खेल
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • दिल्ली
  • धर्म
  • फैशन
  • मनोरंजन
  • यात्रा
  • राजनीति
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • लाइफस्टाइल
  • विशेष
  • विश्व
  • व्यापार
  • साक्षात्कार
  • सामाजिक कार्य
  • स्वास्थ्य

Recent Posts

  • छठी पीढ़ी के लड़ाकू विमान कार्यक्रम में शामिल होने की तैयारी में भारत!
  • साइबर सुरक्षा में उत्तराखंड देश के टाॅप पांच राज्यों में शामिल!
  • उत्तराखंड सरकार का बड़ा फैसला, पुरुषों व महिलाओं को अब समान काम के लिए समान वेतन

© 2021 पहल टाइम्स - देश-दुनिया की संपूर्ण खबरें सिर्फ यहां.

  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन

© 2021 पहल टाइम्स - देश-दुनिया की संपूर्ण खबरें सिर्फ यहां.