नई दिल्ली। जून को विश्व पर्यावरण दिवस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात के सूरत का दौरा किया। यहां लार्सन एंड टुब्रो (L&T) की हजीरा सुविधा का जायजा लिया। 18,000 करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं का शिलान्यास व उद्घाटन भी किया। इस दौरान उन्होंने कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा और कहा कि देश अब ‘परजीवी राजनीति’ को स्वीकार नहीं करेगा। पीएम ने आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को मजबूत करते हुए विपक्ष पर दूसरों पर निर्भर रहने का आरोप लगाया।
यह दौरा महज विकास परियोजनाओं का शुभारंभ नहीं था, बल्कि लोकसभा के बाद स्थानीय निकाय चुनावों में मिली जीत के बाद भाजपा की आक्रामक रणनीति का हिस्सा था। पीएम मोदी ने साफ संदेश दिया कि जनता कांग्रेस के ‘कुशासन और नकारात्मकता’ से तंग आ चुकी है। आइए लानते हैं कि पीएम ने क्या क्या कहा?
कांग्रेस पर सीधा हमला: ‘परजीवी राजनीति नहीं चलेगी’
प्रधानमंत्री ने कहा, ‘कांग्रेस की परजीवी राजनीति अब नहीं चलेगी। ये वो लोग हैं जिन्होंने हमेशा देश को दूसरे देशों पर निर्भर रखा। उनकी वजह से देश वो ऊंचाइयां नहीं पा सका, जिसका वो हकदार था।’ उन्होंने आत्मनिर्भर भारत अभियान का मजाक उड़ाने वालों पर तंज कसा और कहा कि ऐसे निराशावादी लोग देश की प्रगति में बाधक हैं।
पीएम ने जोर दिया कि देश अनिश्चितता और अराजकता पसंद नहीं करता। जनता बार-बार ऐसे तत्वों को जवाब दे रही है।
चुनावी नाकामियां: कर्नाटक, हिमाचल, हरियाणा, पंजाब का जिक्र
मोदी ने विपक्ष की हालिया हारों को रेखांकित किया:
- कर्नाटक में कांग्रेस सरकार के खिलाफ आक्रोश, CM बदलना पड़ा।
- हिमाचल प्रदेश में स्थानीय निकाय चुनावों में कांग्रेस की बुरी हार।
- हरियाणा और पंजाब में भी कांग्रेस को स्पष्ट संदेश मिला।
- गुजरात में भाजपा ने स्थानीय निकाय चुनावों में सभी पुराने रिकॉर्ड तोड़ दिए।
पीएम ने कहा, ‘कांग्रेस 12 साल से अराजकता और असमानता में अवसर ढूंढ रही है, लेकिन जनता उन्हें बार-बार हाशिए पर धकेल रही है।’
विश्व पर्यावरण दिवस पर सूरत का संदेश
5 जून को विश्व पर्यावरण दिवस पर पीएम ने कहा कि एक समय प्लेग जैसी महामारी से प्रभावित सूरत आज स्वच्छता का प्रतीक बन गया है। ‘स्वच्छ शहरों में से एक सूरत’ का जिक्र करते हुए उन्होंने नगर निगम, अधिकारियों और नागरिकों की तारीफ की। इस मौके पर प्रचार-प्रसार के बजाय साइकिल और इलेक्ट्रिक वाहनों का उपयोग किया गया, जो पर्यावरण संरक्षण का प्रतीक था।
गुजरात का हरित ऊर्जा योगदान: 50 GW की उपलब्धि
पीएम मोदी ने गुजरात की प्रगति पर गर्व जताया:
- भारत की कुल नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता: 250 गीगावाट।
- गुजरात का योगदान: 50 गीगावाट (देश का पांचवां हिस्सा)।
- सौर ऊर्जा में गुजरात का उत्कृष्ट प्रदर्शन।
- अब ग्रीन हाइड्रोजन और ग्रीन अमोनिया जैसे नए क्षेत्रों में राज्य अग्रणी भूमिका निभाएगा।
- उन्होंने वैश्विक ऊर्जा संकट का जिक्र करते हुए कहा कि पिछले 12 वर्षों में बनी क्षमता आज देश की ताकत बन रही है।
L&T हजीरा सुविधा का दौरा: आत्मनिर्भर रक्षा निर्माण
प्रधानमंत्री ने L&T के AM Naik Heavy Engineering Complex और Armed Systems Complex का दौरा किया। यहां उन्होंने स्वदेशी टैंकों, ड्रोनों और अन्य रक्षा उपकरणों का निरीक्षण किया। हजीरा को देश के प्रमुख समुद्री औद्योगिक केंद्र के रूप में विकसित करने पर जोर दिया गया।
यह दौरा ‘आत्मनिर्भर भारत’ और ‘Make in India’ की सफलता का प्रतीक था।
18,000 करोड़ की परियोजनाएं: इंफ्रास्ट्रक्चर बूस्ट
पीएम ने 12,421 करोड़ रुपये की राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं का उद्घाटन किया, जिसमें वडोदरा-मुंबई एक्सप्रेसवे के पैकेज शामिल हैं। इसके अलावा:
- 4,732 करोड़ रुपये की चार NHAI परियोजनाओं का शिलान्यास।
- धमासिया-बिटाडा, नासरपुर-मालोथा खंडों का चार लेन निर्माण।
- कई पुल, फ्लाईओवर, अंडरपास और रेलवे ओवरब्रिज।
- दमन में 885 करोड़ रुपये की बंदरगाह और पर्यटन परियोजनाएं (वर्चुअल उद्घाटन)
जल प्रबंधन और स्वच्छता अभियान
सूरत के लिए तापी बैराज परियोजना का जिक्र करते हुए पीएम ने जल प्रबंधन को प्राथमिकता बताया। ‘कचरे को धन में बदलने’ वाले जन आंदोलन की सराहना की। सूरत को आने वाले दशकों तक पीने के पानी की स्थायी आपूर्ति सुनिश्चित करने पर जोर दिया।
वैश्विक संकटों के बीच भारत की लचीलापन
पीएम ने कहा कि यह दशक आपदाओं भरा रहा – कोविड, युद्ध और ऊर्जा संकट। फिर भी 140 करोड़ भारतीयों के सामूहिक प्रयास से देश मजबूती से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने भाजपा सरकार पर विकास को सर्वोपरि रखने का दावा किया और जनता के भरोसे पर जोर दिया।
गुजरात का आशीर्वाद: ‘रिकॉर्ड तोड़ समर्थन’
स्थानीय निकाय चुनावों में भाजपा की भारी जीत का जिक्र करते हुए पीएम ने कहा, ‘गुजरात के लोगों ने मुझे भी रिकॉर्ड तोड़ने का मौका दिया।’ उन्होंने 50 वर्ष से अधिक समय तक पार्टी को मिलते आशीर्वाद का उल्लेख किया।
बड़े संदेश: आत्मनिर्भरता और सकारात्मकता
प्रधानमंत्री का पूरा भाषण तीन मुख्य थीम्स पर केंद्रित रहा – आत्मनिर्भरता, विकास और विपक्ष की नकारात्मकता। उन्होंने कहा कि देश अब नकारात्मकता से आगे निकल चुका है। गुजरात को हरित हाइड्रोजन, रिफाइनिंग और सौर ऊर्जा का हब बनाने का संकल्प दोहराया।
राजनीतिक और विकासात्मक महत्व
यह दौरा 2026 के राजनीतिक परिदृश्य में महत्वपूर्ण है। स्थानीय निकाय चुनावों में मिली जीत के बाद भाजपा विपक्ष पर दबाव बनाए रखना चाहती है। कांग्रेस पर ‘परजीवी’ और ‘निराशावादी’ जैसे शब्दों का इस्तेमाल आक्रामक रणनीति को दर्शाता है।
दूसरी तरफ, हजीरा जैसे औद्योगिक केंद्रों का दौरा और बड़ी परियोजनाएं ‘विकास पुरुष’ इमेज को मजबूत करती हैं। गुजरात हमेशा भाजपा का गढ़ रहा है और पीएम इसे और मजबूत करना चाहते हैं।
पर्यावरण दिवस पर इलेक्ट्रिक बसों और साइकिल का उपयोग एक प्रतीकात्मक कदम था, जो जलवायु परिवर्तन से निपटने के भारत के संकल्प को रेखांकित करता है।
प्रधानमंत्री मोदी का गुजरात दौरा विकास, आत्मनिर्भरता और विपक्षी आलोचना का मिश्रण था। 18,000 करोड़ की परियोजनाएं गुजरात को और मजबूत बनाएंगी, जबकि विपक्ष पर हमला आगामी चुनावी रणनीति का संकेत है। देश आत्मनिर्भरता की राह पर आगे बढ़ रहा है और गुजरात इस यात्रा में अग्रणी बना हुआ है।







