पटना: बिहार विधानसभा का मानसून सत्र चल रहा है. मंगलवार को स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार का सत्र में पहला दिन था. पहले दिन ही उन्होंने दो बड़े विधेयक पेश किए, जिसे स्वीकृति मिल गई है. निशांत ने कहा कि पहले दिन मुझे सभी सदस्यों ने शुभकामनाएं दीं. मैं सभी का आभार व्यक्त करता हूं.
स्वास्थ्य विभाग के दो विधेयक स्वीकृत: बिहार के स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार ने बताया कि सदन में आज स्वास्थ्य विभाग के दो महत्वपूर्ण विधेयक पेश किए गए, जिन्हें सर्वसम्मति से स्वीकृति मिल गई है. इस नए कानून के तहत अब अन्य राज्यों के डॉक्टर और नर्सिंग स्टाफ भी बिहार आकर आसानी से प्रैक्टिस कर सकेंगे. जिनके पास वैध सर्टिफिकेट है, वे सीधे काम शुरू कर सकते हैं. इससे राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था और अधिक बेहतर होगी.
डॉक्टरों की पंजीकरण प्रक्रिया सुगम: निशांत कुमार ने स्पष्ट किया कि जिन डॉक्टरों का रजिस्ट्रेशन दूसरे राज्यों या केंद्र में पहले से है, उन्हें अब बिहार में दोबारा पंजीकरण नहीं कराना पड़ेगा. पूर्व में लागू अनिवार्य नियमों को अब पूरी तरह समाप्त कर दिया गया है. डॉक्टरों को केवल अपने पुराने राज्य का प्रमाण पत्र देना होगा, जिसके आधार पर उन्हें सीधे कार्य करने की अनुमति और मान्यता मिल जाएगी.
NOC की पुरानी जटिलता हुई समाप्त: उन्होंने कहा कि दूसरे राज्यों के डॉक्टरों को बिहार में एनओसी और स्वीकृति लेने में पहले काफी परेशानी होती थी. इस जटिल कागजी प्रक्रिया को पूरा करने में कई साल लग जाते थे. अब सरकार ने इस पूरी व्यवस्था को बेहद सरल और सुगम बना दिया है. इसी के तहत नया विधेयक पास किया गया है ताकि डॉक्टरों का कीमती समय बर्बाद न हो.
बिहार की आम जनता को लाभ: कुल मिलाकर स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि राज्य की चिकित्सा सुविधाओं को सुदृढ़ करने के लिए सरकार निरंतर प्रयास कर रही है. दोनों विधेयकों के पास होने से बिहार की आम जनता को सबसे अधिक लाभ मिलेगा. इसके साथ ही अन्य राज्यों से आकर यहाँ सेवा देने के इच्छुक डॉक्टरों को अब किसी भी प्रशासनिक असुविधा या बाधा का सामना नहीं करना पड़ेगा.







