राजगढ़: कोविड-19 एक बार फिर टेंशन बढ़ा रहा है. मध्य प्रदेश में इसकी वापसी के संकेत मिल रहे हैं. 2020-21 तक तबाही मचा चुका कोरोना की चर्चा फिर से राजगढ़ में होने लगी है. दरअसल 2 दिन पहले जिला चिकित्सालय राजगढ़ में नॉर्मल लक्षण के मरीज का लगभग 80 प्रतिशत लंग्स संक्रमित हो गया. उन्होंने आईसीयू में भर्ती किया गया. अब डॉक्टर ने भी कोरोना की पुष्टि की हेै. वहीं जिला चिकित्सालय में पदस्थ डॉ. सुधीर कलावत ने बताया कि 10 से 12 ऐसे लक्षण वाले मरीज आए हैं जिन्हें ऑब्जरवेशन में रखा गया है. वहीं जिले में कई लोग डेंगू, चिकिनगुनिया और वायरल बुखार से भी पीड़ित हैं.
डॉ. कलावत ने बताया कि 2 दिन अस्पताल पहले एक मरीज आया था. उस समय वो सामान्य था, लेकिन 2 दिन ऑब्जरवेशन में रखने के बाद देखा गया कि उनके फेफड़ों में संक्रमण लगातार बढ़ता जा रहा है. उनका CRP भी 100 से उपर था. कोविड स्कोर भी इस मरीज का 5 था, जो करोना की पुष्टि करता है. उन्होंने बताया कि कोविड 5 टिपिकल कोरोना 19 की फाइंडिंग है.
कई मरीजों में मिले लक्षण
जिला चिकित्सालय राजगढ़ के डॉ कलावत के मुताबिक वार्ड में 80 मरीजों के D-Dymer बढ़ा हुआ है. लगभग 200 मरीजों के CRP बड़े हुए है. सभी Covid 19 के दौरान ही देखने को मिलते थे. उन्होंने कहा कि ऐसे लक्षण देखकर कहा जा सकता हे ये टिपिकल कोरोना फाइनडिंग की और इशारा करता है. वहीं उन्होंने ये भी कहा कि फिलहाल, मरीज को आईसीयू में रखा हुआ है क्योंकि जिला अस्पताल ही क्या, पूरे प्रदेश में कहीं रैपिड टेस्ट या आरटीपीसीआर की जांच नहीं है.
सूत्रों के अनुसार राजगढ़ जिले में डी डायमर यानी खुन का थक्का जमने वाले ज्यादा मरीज देखने को मिल रहे है. वही सरकार इसकी जांच करवाने में रुचि नहीं ले रही है. ऐसे मरीज सामने आने के बाद प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग में जरूर चिंता बढ़ गई है.







