Upgrade
पहल टाइम्स
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन
No Result
View All Result
पहल टाइम्स
No Result
View All Result
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
  • विशेष
  • ईमैगजीन
Home राष्ट्रीय

आपके घर में रखा सोना बचा सकता है इकोनॉमी की जान?

पहल टाइम्स डेस्क by पहल टाइम्स डेस्क
May 29, 2026
in राष्ट्रीय
A A
gold
1
VIEWS
Share on FacebookShare on Whatsapp

नई दिल्ली। ग्लोबल टेंशन के बीच फॉरेक्स रिजर्व बचाने के लिए पीएम मोदी ने कुछ अपीलें कीं. उन्होंने देशवासियों को 1 साल तक सोना न खरीदने को कहा. तभी से गोल्ड को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म है. सभी के मन में यह ख्याल आ रहा है कि आखिर ये सोना कितना ‘सोना’ है. भारतीय परंपरा में सोने के गहने पहनने का चलन बहुत पुराना है. इसका नतीजा यह है कि भारतीय परिवारों के पास करीब 25 हजार टन सोना जमा है. इसमें कुछ घरों में है तो कुछ लॉकर में है.

एक्सपर्ट का मानना है कि ऐसे में अगर सिर्फ और सिर्फ भारतीय लोग ही अपने रिजर्व से 2-3 प्रतिशत सोना बेंच दें को इकोनॉमी को बहुत सहारा मिलेगा. इंपोर्ट बिल में गिरावट आ सकती है. इससे देश का रिजर्व भी सुरक्षित रहेगा. मार्केट में सोना बाहर से भी नहीं मंगाना होगा. यह कैसे होगा. इससे असल में क्या फायदा होगा. सोने में निवेश के अलावा क्या विकल्प हो सकते हैं. आइए इन सभी को डिटेल में समझते हैं.

इन्हें भी पढ़े

NEET

NEET पेपर लीक कैसे हुआ इसकी जवाबदेही तय होनी चाहिए: सुप्रीम कोर्ट

May 29, 2026
घुसपैठ

घुसपैठ के अलावा ‘अन्य कारण’ क्या हैं, जिनसे बदल रही देश की डेमोग्राफी?

May 29, 2026
BJP

बीजेपी ने चार राज्यों में किए बड़े संगठनात्मक बदलाव, जानिए दिल्ली में कमान किसके हाथ ?

May 28, 2026
pm modi

PM मोदी के ऑस्ट्रेलिया दौरे का आधिकारिक ऐलान, US आने का भी मिल चुका है न्योता

May 28, 2026
Load More

भारत में सदियों से लोगों का गोल्ड यानी सोने से खास लगाव रहा है. लेकिन अब चर्चा सिर्फ ज्यादा सोना खरीदने की नहीं, बल्कि पहले से मौजूद गोल्ड को बेहतर तरीके से इस्तेमाल करने की हो रही है. इसका मकसद भारत के बढ़ते इंपोर्ट बिल को कम करना और देश की आर्थिक स्थिति को मजबूत करना है. इसी को ध्यान में रखते हुए सरकार ने भी गोल्ड पर इंपोर्ट ड्यूटी भी 6% से बढ़ाकर 15% कर दी. भारत, चीन के बाद दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा गोल्ड खरीदने वाला देश है. हर साल भारत करीब 600-800 टन सोना इंपोर्ट करता है. भारतीय परिवारों में सोने की भावनात्मक और सांस्कृतिक अहमियत हमेशा से रही है, लेकिन अब एक्सपर्ट्स मानते हैं कि लोगों को यह सोचना चाहिए कि वे गोल्ड को किस तरह रखते और इस्तेमाल करते हैं.

इमोशनल एसेट से प्रोडक्टिव वेल्थ तक

ईटी की रिपोर्ट में Lxme की फाउंडर प्रीति राठी गुप्ता के मुताबिक, भारतीय घरों में काफी सोना लॉकरों में पड़ा रहता है और उसका सही इस्तेमाल नहीं हो पाता. वहीं लोग अच्छे रिटर्न और लंबी अवधि की वेल्थ बनाने के तरीके भी ढूंढ रहे हैं. महिलाओं को सोचना चाहिए कि क्या उनके पास रखा कुछ बेकार पड़ा गोल्ड बेचकर, मोनेटाइज करके या फिजिकल गोल्ड की जगह डिजिटल गोल्ड, गोल्ड ETF या Sovereign Gold Bond जैसे विकल्पों में निवेश करके ज्यादा फायदा लिया जा सकता है. उनका कहना है कि मकसद गोल्ड से भावनात्मक जुड़ाव खत्म करना नहीं, बल्कि अपनी संपत्ति को ज्यादा बेहतर तरीके से काम पर लगाना है.

गोल्ड से इकोनॉमी को ऐसे मिलेगा सपोर्ट?

पिछले कुछ सालों में गोल्ड की कीमतों में तेज उछाल देखने को मिला है. ऐसे में वेल्थ एडवाइजर्स का मानना है कि लोगों को लगातार सोना खरीदने की बजाय थोड़ा प्रॉफिट बुक भी करना चाहिए. इसका सीधा सा मतलब यह है कि लोगों को सिर्फ सोना जमा करके रखना नहीं चाहिए बल्कि उसे बढ़ते रेट के साथ में बेच देना चाहिए.

ईटी की रिपोर्ट में आनंद राठी वेल्थ के जॉइंट CEO फिरोज अजीज ने कहा कि अगर भारतीय परिवार अपने गोल्ड का सिर्फ 2-4% हिस्सा भी बेच दें, तो देश की गोल्ड इंपोर्ट पर निर्भरता काफी कम हो सकती है. उन्होंने कहा कि लोग इक्विटी में प्रॉफिट बुकिंग यानी शेयर बाजार से कमाई की बात करते हैं, लेकिन गोल्ड में भी बड़ी रैली आई है, इसलिए वहां भी मुनाफा निकालना चाहिए.

अगर गोल्ड इंपोर्ट कम हो जाए तो इससे भारत के विदेशी निवेश (FII) के आउटफ्लो का असर भी काफी हद तक संतुलित किया जा सकता है. विदेशी निवेशकों को भरोसा बढ़ेगा तो इकोनॉमी के साथ-साथ रुपये को लेकर भी पॉजिटिव सेंटीमेंट बनेगा. ये सब एक दूसरे से जुड़े हुए हैं. इकोनॉमी की चाल भी सिर्फ एक फैक्टर पर निर्भर नहीं करती है. इसलिए अभी के माहौल में छोटे-छोटे स्टेप्स और सेंटीमेंट उसके लिए फायदेमंद हो सकते हैं.

क्या गोल्ड से बेहतर विकल्प हैं?

एक्सपर्ट्स का कहना है कि गोल्ड मुश्किल समय में अच्छा सेफ्टी एसेट जरूर है, लेकिन लंबे समय में इसके रिटर्न हमेशा दूसरे निवेश विकल्पों से बेहतर नहीं होते. फिरोज अजीज के मुताबिक, 10 साल के आधार पर गोल्ड का औसत रिटर्न करीब 8.5% रहा है, जबकि कई दूसरे एसेट्स भी इतना या इससे ज्यादा रिटर्न दे सकते हैं. उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि Sukanya Samriddhi Yojana जैसी स्कीम भी टैक्स के बाद करीब 8.25% रिटर्न देती रही है.

सेंटिमेंटल सेविंग से स्ट्रैटेजिक इन्वेस्टिंग की तरफ बदलाव

फाइनेंशियल प्लानर्स का कहना है कि अब सवाल यह नहीं है कि भारतीयों को गोल्ड रखना चाहिए या नहीं, बल्कि यह है कि कितना गोल्ड रखना चाहिए और किस फॉर्म में रखना चाहिए. लगातार फिजिकल गोल्ड खरीदने की बजाय निवेशकों को इक्विटी, SIP, म्यूचुअल फंड, रिटायरमेंट प्रोडक्ट्स और दूसरे लॉन्ग टर्म निवेश विकल्पों के साथ बैलेंस बनाकर चलना चाहिए.

कुल मिलाकर अगर साफ शब्दों में कहें तो इसका लब्बोलुआब यही है कि गोल्ड को सिर्फ लॉकर में जमा करके रखना और उसे देखते रहने का कोई खास मलतब नहीं है. पैसा ठीक मिले तो उसे बेच देना उचित है. इससे मार्केट में बाहर से गोल्ड को कम मंगाना होगा और इससे इंपोर्ट बिल पर सीधा असर पड़ेगा.

 

इन्हें भी पढ़ें

  • All
  • विशेष
  • लाइफस्टाइल
  • खेल
fraud

ठगी के मामले में मथुरा बनता नया जामताड़ा

April 15, 2025
Moon

धरतीवासियों से दूर जा रहे हैं ‘चंदा मामा’!

March 1, 2023
court

मथुरा शाही ईदगाह विवाद में हिंदू पक्ष को झटका, मस्जिद को विवादित ढांचा घोषित करने की मांग खारिज !

July 4, 2025
पहल टाइम्स

पहल टाइम्स का संचालन पहल मीडिया ग्रुप्स के द्वारा किया जा रहा है. पहल टाइम्स का प्रयास समाज के लिए उपयोगी खबरों के प्रसार का रहा है. पहल गुप्स के समूह संपादक शूरबीर सिंह नेगी है.

Learn more

पहल टाइम्स कार्यालय

प्रधान संपादकः- शूरवीर सिंह नेगी

9-सी, मोहम्मदपुर, आरके पुरम नई दिल्ली

फोन नं-  +91 11 46678331

मोबाइल- + 91 9910877052

ईमेल- pahaltimes@gmail.com

Categories

  • Uncategorized
  • खाना खजाना
  • खेल
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • दिल्ली
  • धर्म
  • फैशन
  • मनोरंजन
  • यात्रा
  • राजनीति
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • लाइफस्टाइल
  • विशेष
  • विश्व
  • व्यापार
  • साक्षात्कार
  • सामाजिक कार्य
  • स्वास्थ्य

Recent Posts

  • हार्दिक पंड्या क्यों किया MI टीम छोड़ने का फैसला, जानिए
  • ये हैं LIC की 5 सबसे बेहतरीन पॉलिसी, 45 रुपए से बना सकते हैं 25 लाख का फंड
  • NEET पेपर लीक कैसे हुआ इसकी जवाबदेही तय होनी चाहिए: सुप्रीम कोर्ट

© 2021 पहल टाइम्स - देश-दुनिया की संपूर्ण खबरें सिर्फ यहां.

  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन

© 2021 पहल टाइम्स - देश-दुनिया की संपूर्ण खबरें सिर्फ यहां.