नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ईंधन बचाने और सार्वजनिक परिवहन को अपनाने की अपील के बाद दिल्ली की रेखा गुप्ता सरकार ने ‘मेट्रो मंडे’ अभियान शुरू किया था. यह अभियान अभी भी लोगों को अधिक से अधिक मेट्रो और अन्य सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करने के लिए प्रेरित करने की दिशा में जारी है. इसका उद्देश्य ईंधन की बचत, प्रदूषण में कमी और दिल्ली में बेहतर यातायात व्यवस्था को बढ़ावा देना है.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों से वैश्विक परिस्थितियों के बीच ईंधन की बचत, ऊर्जा संरक्षण और टिकाऊ जीवनशैली अपनाने का आह्वान किया था. इसी संदेश को आगे बढ़ाते हुए रेखा गुप्ता सरकार ने दिल्ली में मेरा भारत, मेरा योगदान अभियान के तहत मेट्रो मंडे’ की शुरुआत की.
अभियान के शुभारंभ पर मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कश्मीरी गेट से आईटीओ तक मेट्रो से यात्रा की और इसके बाद दिल्ली सचिवालय पहुंचने के लिए इलेक्ट्रिक फीडर बस का उपयोग किया. उनके साथ कई मंत्री और वरिष्ठ अधिकारी भी सार्वजनिक परिवहन से अपने कार्यालय पहुंचे.
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता लगातार दिल्लीवासियों से अपील कर रही हैं कि वे सप्ताह में अधिक से अधिक बार मेट्रो, बस और अन्य सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करें. उनका कहना है कि इससे न केवल देश का ईंधन बचेगा, बल्कि दिल्ली में ट्रैफिक और वायु प्रदूषण कम करने में भी मदद मिलेगी.
रेखा गुप्ता सरकार ने ईंधन बचाने के लिए कई अन्य कदम भी प्रस्तावित किए हैं. इनमें सरकारी कर्मचारियों के लिए सप्ताह में दो दिन वर्क फ्रॉम होम, सरकारी अधिकारियों की विदेश यात्राओं पर एक वर्ष की रोक और नागरिकों से सप्ताह में एक दिन ‘नो व्हीकल डे’ मनाने की अपील शामिल है.
सरकार का कहना है कि इन पहलों के जरिए दिल्ली में सार्वजनिक परिवहन के उपयोग को बढ़ावा दिया जा रहा है. निजी कंपनियों और संस्थानों से भी कर्मचारियों के लिए लचीली कार्य व्यवस्था अपनाने का आग्रह किया गया है, ताकि सड़कों पर वाहनों का दबाव कम हो सके.
हाल के दिनों में संसद सत्र और सुरक्षा कारणों से कुछ मेट्रो स्टेशनों पर अस्थायी प्रतिबंध लगाए गए, लेकिन ‘मेट्रो मंडे’ अभियान सरकार की सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देने की व्यापक पहल का हिस्सा बना हुआ है.
रेखा गुप्ता सरकार का मानना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ऊर्जा संरक्षण के संदेश को जनभागीदारी से सफल बनाया जा सकता है. सरकार का लक्ष्य है कि अधिक से अधिक लोग निजी वाहनों की जगह मेट्रो और अन्य सार्वजनिक परिवहन अपनाएं, जिससे ईंधन की बचत के साथ दिल्ली को स्वच्छ और बेहतर बनाया जा सके.







