नई दिल्ली। दिल्ली नगर निगम के मुख्यालय सिविक सेंटर से विदेश में किए जा रहे साइबर हमले से निगम अधिकारियों की चिंता बढ़ गई है। दो-तीन महीने से लगातार ऐसी रिपोर्ट आ रही है कि कोई एमसीडी के नेटवर्क का इस्तेमाल कर साइबर हमलों को अंजाम दे रहा है।
सर्वर पर बढ़ाई इंटरनेट सुरक्षा: MCD प्रवक्ता
सूत्रों के मुताबिक एमसीडी के आइटी विभाग को इस संंबंध में अलर्ट मिला है जिसके बाद निगम ने इस साइबर हमलों को लेकर निगम के नेटवर्क और सर्वर की सुरक्षा बढ़ा दी है।
निगम का सूचना व प्रौद्योगिकी विभाग साइबर हमला करने वाले आइपी एड्रेस का पता निकालकर कंप्यूटरों की जांच कर रहा है। हालांकि, एमसीडी के प्रवक्ता ने इस तरह के हमलों से अनभिज्ञता जाहिर की, लेकिन उन्होंने यह जरुर कहा है कि हमने अपने सर्वर और इंटरनेट की सुरक्षा बढ़ाई है।
सूत्रों के मुताबिक अकेले नवंबर में यूरोपीय देश नीदरलैंड्स में दो सौ से ज्यादा साइबर हमले हुए हैं। इसको लेकर एमसीडी के आइटी विभाग को इसका अलर्ट मिला था। सूत्र बताते हैं कि हमलों में उन विभागों का इस्तेमाल किया जा रहा है, जहां वाई-फाई की सुविधा है। इसी नेटवर्क का प्रयोग कर इन हमलों को किया गया है। हैरानी की बात है कि कई विभागों के अध्यक्ष के कार्यालय से इन साइबर हमलों को अंजाम दिया जा रहा है।
सर्वर की बढ़ाई सुरक्षा
एक अधिकारी ने नाम न उजागर करने की शर्त पर बताया कि हमें इस संबंध अलर्ट मिला था। इसके बाद हमने अपने स्तर पर जांच की है। साथ ही साइबर हमलों को अंजाम देने वाले आइपी एड्रेस को ब्लॉक भी किया गया है। एहतियातन सर्वर की सुरक्षा भी बढ़ा दी गई है। इतना ही नहीं हमने उन कंप्यूटरों, वाई-फाई नेटवर्क से जुड़े मोबाइल और की जांच की है जिनसे यह हमले हुए हैं। हमने कर्मचारियों और अधिकारियों को भी सुरक्षित और सतर्क रहने के लिए कहा है ताकि कोई अनहोनी न हो सके।
इस मामले में दिल्ली पुलिस की साइबर सेल को कोई लिखित या मौखिक शिकायत नहीं मिली है। साइबर सेल के अधिकारियों का कहना है कि शिकायत मिलेगी तो हम नियमानुसार एमसीडी का सहयोग करेंगे। उल्लेखनीय है कि दिल्ली नगर निगम का मुख्यालय वर्ष 2011 से सिविक सेंटर में संचालित है। यह दिल्ली की सबसे ऊंची इमारतों में शुमार है। इसमें चार ब्लाक हैं। ए ब्लाक में निगम के महापौर और चुने हुए प्रतिनिधि बैठते हैं जबकि ई ब्लाक में अधिकारी बैठते हैं। इसके साथ ही निगम ने दो ब्लाक आयकर विभाग को पट्टे पर दे रखे हैं। यहां पर फिलहाल निगम के करीब 10 हजार कर्मचारियों के साथ ही अधिकारियों की प्रतिदिन आवाजाही रहती है।
ई-मेल पर अटैच फाइल डाउनलोड करने से हैक होने की भी है संभावना
दिल्ली नगर निगम के सूत्रों के मुताबिक संभावना है कि कोई बाहरी हैकर एमसीडी के नेटवर्क का उपयोग कर सायबर हमलों को अंजाम दे रहा हो या फिर हैकरों के गुट में निगम का कोई कर्मी शामिल हो।
निगम का आइटी विभाग इसी जांच में लगा है। इसलिए विभिन्न विभागों के कंप्यूटरों की जांच की जा रही है। ताकि निष्कर्ष तक पहुंचा जा सके। वहीं, एमसीडी सूत्रों के अनुसार कुछ ऐसी फाइलें भी डाउनलोड होने की संभावना है कि जिनके डाउनलोड होने से या क्लिक होने से निगम के इंटरनेट का उपयोग कर इस हमले की कोशिश हैकरों ने की हो।






