प्रकाश मेहरा
एग्जीक्यूटिव एडिटर
नई दिल्ली: हाल के दिनों में राजधानी दिल्ली में बड़ी संख्या में लोगों, विशेषकर लड़कियों के गायब होने को लेकर सोशल मीडिया पर चिंता और डर का माहौल बनाया जा रहा है। फेसबुक, इंस्टाग्राम और खासतौर पर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) पर कई पोस्ट और वीडियो वायरल हो रहे हैं, जिनमें यह दावा किया जा रहा है कि दिल्ली में लड़कियों के लापता होने की घटनाएं तेजी से बढ़ रही हैं।
हालांकि, दिल्ली पुलिस ने इन दावों को लेकर स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा है कि “सोशल मीडिया पर फैलाया जा रहा यह डर भ्रामक और प्रायोजित (Paid Promotion) हो सकता है।”
डर फैलाने के पीछे पैसों का खेल: दिल्ली पुलिस
दिल्ली पुलिस ने X पर एक आधिकारिक पोस्ट के जरिए बताया कि जब इन वायरल दावों की गहराई से जांच की गई, तो कुछ चौंकाने वाली जानकारियां सामने आईं। पुलिस के अनुसार,
“कुछ लीड्स का पीछा करने पर यह सामने आया है कि दिल्ली में लापता लड़कियों की संख्या में बढ़ोतरी को लेकर जो हंगामा किया जा रहा है, उसे पैसे देकर प्रोमोट किया जा रहा है।”
पुलिस ने साफ शब्दों में कहा कि “पैसों के लालच में समाज में डर और अफवाह फैलाना बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। साथ ही चेतावनी दी गई है कि ऐसे लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी, जो जानबूझकर गलत जानकारी फैलाकर लोगों को गुमराह कर रहे हैं।
सोशल मीडिया यूज़र्स से अपील
दिल्ली पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि वे बिना सत्यापन किसी भी खबर या पोस्ट को शेयर न करें। अफवाहों पर ध्यान देने के बजाय आधिकारिक स्रोतों से जानकारी लें। किसी भी संदिग्ध पोस्ट की जानकारी पुलिस को दें। पुलिस का कहना है कि “वास्तविक मामलों में त्वरित कार्रवाई की जाती है और लापता व्यक्तियों से जुड़े आंकड़े सार्वजनिक रूप से उपलब्ध और पारदर्शी हैं।
अमित मालवीय का आरोप: “पेड कैंपेन चलाया जा रहा है”
इस पूरे मामले पर भाजपा के वरिष्ठ नेता अमित मालवीय ने भी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने X पर एक पोस्ट करते हुए दावा किया कि “दिल्ली में लड़कियों के लापता होने को लेकर सोशल मीडिया पर सुनियोजित पेड कैंपेन चलाया जा रहा है।
मालवीय ने कहा कि “इस तरह के अभियानों का उद्देश्य केवल डर फैलाना और राजनीतिक या सामाजिक अस्थिरता पैदा करना है। उन्होंने भी लोगों से अपील की कि वे तथ्यों की जांच किए बिना किसी भी दावे पर भरोसा न करें।
सोशल मीडिया पर फैल रही कई खबरें भ्रामक
दिल्ली पुलिस और राजनीतिक नेतृत्व दोनों ने स्पष्ट किया है कि सोशल मीडिया पर फैल रही कई खबरें भ्रामक और प्रायोजित हो सकती हैं। ऐसे समय में जिम्मेदार नागरिक होने के नाते यह जरूरी है कि अफवाहों से दूर रहकर केवल प्रमाणिक और आधिकारिक जानकारी पर ही भरोसा किया जाए। डर फैलाने वालों पर पुलिस की नजर है और आने वाले दिनों में इस मामले में सख्त कार्रवाई देखने को मिल सकती है।







