नई दिल्ली। पोस्ट ऑफिस में हर आयु वर्ग के लिए सेविंग स्कीम्स संचालित की जा रही हैं. इनमें छोटी-छोटी बचत के जरिए मोटा फंड जमा किया जा सकता है. जहां सरकार इन स्मॉल सेविंग स्कीम पर जोरदार ब्याज ऑफर कर रही है, जो वहीं निवेश पर सुरक्षा की गारंटी भी देती है.
अगर आप भी बिना रिस्क वाली जगहों पर निवेश की योजना बना रहे हैं और ज्यादा मुनाफा भी कमाना चाहते हैं तो आपके लिए पोस्ट ऑफिस नेशनल सेविंग सर्टिफिकेट यानी Post Office NSC Scheme फायदे का सौदा साबित हो सकती है, क्योंकि इसके निवेश के जरिए सिर्फ ब्याज से ही 4,50,000 रुपये की कमाई की जा सकती है.
1000 रुपये से निवेश की शुरुआत
नेशनल सेविंग सर्टिफिकेट (NSC) पोस्ट ऑफिस की पॉपुलर स्मॉल सेविंग स्कीम के तहत चलाई जाने वाली योजना है. इसे मध्यम वर्ग और रिटायरमेंट की प्लानिंग करने वालों के बीच काफी पसंद की जाती है. इसमें 5 साल के लिए न्यूनतम 1000 रुपये का निवेश कर सकते हैं. अधिकतम निवेश की कोई सीमा नहीं है. यानी जितना ज्यादा निवेश, उतना ही ज्यादा फायदा.
Zero Risk और ब्याज जोरदार
पोस्ट ऑफिस की सेविंग स्कीम्स आज के समय में खासी पॉपुलर होने के पीछे सबसे बड़ी वजह ये है कि ये रिस्क फ्री यानी Zero Risk वाली होती हैं. दरअसल, Post Office Schemes में किए गए किसी भी छोटे-बड़े निवेश पर सुरक्षा की गारंटी खुद सरकार देती है. इनमें लगाया गया पैसा पूरी तरह से सुरक्षित रहता है. इसके अलावा इन योजनाओं में जोरदार ब्याज भी मिल जाता है, जो आपको मोटा फंड जुटाने से लेकर नियमित इनकम तक की गारंटी देता है. PO NSC पर सरकार 7.7% ब्याज ऑफर कर रही है.
Tax छूट का उठा सकते हैं लाभ
Post Office NSC योजना योजना का लाभ सिर्फ भारतीय निवासी ले सकते हैं, कोई एनआरआई, कंपनियां, ट्रस्ट और HUF इसका लाभ नहीं ले सकते हैं. इसमें 2 या 3 लोग मिलकर ज्वाइंट अकाउंट खोल सकते हैं. वयस्क अपने नाम पर या नाबालिग के नाम पर इस योजना को ले सकते हैं.
इसके अलावा इस पोस्ट ऑफिस स्कीम में निवेश करके टैक्स छूट का लाभ भी लिया जा सकता है. इनकम टैक्स एक्ट की धारा 80C के तहत आप इस योजना में निवेश करके सालाना 1.5 लाख रुपये तक टैक्स छूट पा सकते हैं.
ब्याज 4.50 लाख रुपये की कमाई का गणित
नेशनल सेविंग सर्टिफिकेट के तहत 7.7 फीसदी का सालाना ब्याज दिया जाता है. इस हिसाब से अगर कोई नागरिक एनएससी योजना में 10 लाख रुपये का एकमुश्त निवेश करता है, तो उसे 5 साल में सिर्फ ब्याज से ₹4,49,034 मिलेंगे. इसका मतलब है कि पांच साल बाद मिलने वाली कुल रकम ₹14,49,034 (लगभग) होगी.
पहले साल में 77000 रुपये, दूसरे साल में 1 लाख 59929 रुपये, तीसरे साल में 2 लाख 49 हजार 44 रुपये, चौथे साल में 3,45,620 रुपये और पांचवें साल में ब्याज से 4,49,034 रुपये की सिर्फ ब्याज से कमाई होगी.







