नई दिल्ली : अल्फाबेट के स्वामित्व वाली कंपनी गूगल ने अपने एआई चैटबॉट बार्ड (Bard) को जारी कर दिया है। इस चैटबॉट को पहले यूजर्स के फीडबैक के लिए जारी किया गया था। लेकिन अब यूजर्स इसका इस्तेमाल कर सकेंगे। गूगल ने अपने एआई टूल को चैटजीपीटी की टक्कर में पेश किया है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, कंपनी फिलहाल आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस मॉडल बार्ड का लिमिटेड एक्सेस ओपन करने जा रही है। बता दें कि यह गूगल का वही एआई चैटबॉट है जिसके एक गलत जवाब से कंपनी को भारी नुकसान झेलना पड़ा था।
पहले इन देशों में होगा शुरू
गूगल अपने एआई चैटबॉट बार्ड को सबसे पहले अमेरिका और ब्रिटेन में शुरू करेगी। इसके बाद इसे अन्य देशों के यूजर्स के लिए जारी किया जाएगा। कंपनी ने अपने ब्लॉग पोस्ट में यह जानकारी दी है। गूगल ने कहा कि हम पहले अमेरिका और ब्रिटेन में बार्ड को जारी कर रहे हैं। और आने वाले समय में दूसरे देशों और भाषाओं में इसे जारी किया जाएगा। कंपनी ने कहा कि अमेरिका और ब्रिटेन में बार्ड एआई का एक्सेस मंगलवार से देना शुरू हो जाएगा।
गूगल सर्च एक्सपीरिएंस होगा बेहतर
कंपनी ने कहा कि बार्ड को लार्ज लैंग्वेज मॉडल (LLM) के लिए एक डायरेक्ट इंटरफेस के लैस किया गया है। इसकी मदद से यूजर्स के गूगल सर्च एक्सपीरिएंस को बेहतर किया गया है। कंपनी ने कहा कि यूजर्स बार्ड के साथ जवाबों को चेक भी कर सकेंगे। इसके लिए यूजर्स अपने सवालों के जवाब के साथ दिए गए मौजूद सोर्स को भी देख सकेंगे और उसकी सत्यता की जांच कर सकेंगे।
बार्ड की एक गलती से गूगल को हुआ था अरबों का नुकसान
गूगल की पैरेंट कंपनी अल्फाबेट को बार्ड की एक गलती से 120 अरब डॉलर यानी करीब 991 हजार 560 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ था। बार्ड के गलत जवाब की वजह से कंपनी के शेयरों में 8 फीसदी से अधिक की गिरावट दर्ज की गई। दरअसल, एक विज्ञापन में बार्ड के सामने एक शख्स ने सवाल किया, “जेम्स वेब स्पेस टेलीस्कॉप की कौन सी नई खोजों के बारे में मैं अपने 9 साल के बच्चे को बता सकता हूं?” इसके बाद बार्ड जल्दी से तीन उत्तर देता है। बार्ड पहले दो उत्तर सही देता है, लेकिन इसका आखिरी उत्तर गलत था।
ओपनएआई ने जारी किया है ChatGPT 4
Microsoft कॉर्प-समर्थित स्टार्टअप ओपनएआई ने हाल ही में ChatGPT का नया वर्जन GPT-4 रोलआउट किया है। यह एक शक्तिशाली आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस मॉडल है, जो पहले से ज्यादा क्रिएटिव, भरोसेमंद और सटीक जानकारी देता है। नए वर्जन को लेकर दावा किया गया है कि यह सवालों के ज्यादा सटीक जवाब दे रहा है। यहां तक की बीमारी के लिए सही दवा भी बता दे रहा है।







