Upgrade
पहल टाइम्स
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन
No Result
View All Result
पहल टाइम्स
No Result
View All Result
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
  • विशेष
  • ईमैगजीन
Home राज्य

‘सेंगोल पर झूठ बोल रही कांग्रेस’

पहल टाइम्स डेस्क by पहल टाइम्स डेस्क
June 10, 2023
in राज्य, विशेष
A A
Sengol
22
SHARES
726
VIEWS
Share on FacebookShare on Whatsapp

नई दिल्ली। तमिलनाडु के धार्मिक मठ तिरुवदुथुराई आदिनम ने एक अंग्रेजी अखबार में प्रकाशित उस खबर को शरारतपूर्ण बताया है कि आदिनम इस बात को लेकर स्पष्ट नहीं है कि नए संसद भवन में स्थापित सेंगोल लार्ड माउंटबेटन को सौंपा गया था या नहीं।

आदिनम ने रिपोर्ट को अप्रासंगिक बताया

इन्हें भी पढ़े

खाकर विरोध करो, भूख हड़ताल पर बैठे छात्रों से बोल आए मंत्री, अब घिर गए

August 28, 2026
Deputy CM Samrat Chaudhary

महिला स्टार्टअप के लिए मिलेंगे 3 लाख रुपये, रक्षाबंधन पर बिहार सरकार का तोहफा

August 27, 2026
rishikesh karnprayag rail project

ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल प्रोजेक्ट ने पकड़ी रफ्तार, 2028 तक ब्यासी सेक्शन में दौड़ेंगी ट्रेनें

August 27, 2026
CM Dhami

टपकेश्वर महादेव की भव्य शोभायात्रा में शामिल हुए CM धामी, प्रदेश की खुशहाली की मांगी मन्नत

August 26, 2026
Load More

आदिनम ने इस रिपोर्ट को अप्रासंगिक बताते हुए कहा कि तथ्यों को तोड़-मरोड़कर पेश किया गया है। उन्होंने कहा कि तिरुवदुथुराई आदिनम के कुछ प्रतिनिधि 14 अगस्त, 1947 को सेंगोल सौंपने के लिए दिल्ली पहुंचे थे। यह सेंगोल लार्ड माउंटबेटन को सौंपा गया था। बाद में उनसे लेकर इसका गंगाजल से अभिषेक किया गया। फिर इसे जवाहरलाल नेहरू को सौंपा गया।

जयराम रमेश ने ट्वीट कर किया था दावा

इससे पहले कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने अंग्रेजी अखबार में प्रकाशित तिरुवदुथुराई आदिनम के प्रमुख स्वामी के बयानों को आधार बनाते हुए दावा किया कि सेंगोल कभी लार्ड माउंटबेटन को नहीं सौंपा गया था। न ही सी राजगोपालाचारी से इस बारे में कोई चर्चा की गई थी।

उन्होंने कहा कि जब सेंगोल लार्ड माउंटबेटन को ही नहीं सौंपा गया, तो फिर माउंटबेटन इसे जवाहरलाल नेहरू को कैसे सौंप सकते थे?

नए तथ्यों से साफ हो गया है कि पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू को सत्ता के हस्तांतरण के प्रतीक के रूप में अंग्रेजों द्वारा सेंगोल सौंपने की कहानी झूठी है और भाजपा की ‘फेक फैक्ट्री’ का पर्दाफाश हो गया है।

किशन रेड्डी बोले-  आपकी शरारत सामने आई

इसके जवाब में केंद्रीय संस्कृति मंत्री जी किशन रेड्डी ने कहा कि एक बार फिर गलत जानकारी दी गई। अंग्रेजी अखबार ने शरारतपूर्ण ढंग से आदिनम का हवाला दिया। यह कैसी पत्रकारिता है? रेड्डी ने जयराम से कहा कि आप जैसे नेता यह सोचकर अधिक शरारत करते हैं कि आदिनम का बयान विरोधाभासी हो जाएगा।

कांग्रेस ने उठाए थे सवाल

जयराम रमेश ने अंग्रेजी अखबार में प्रकाशित तिरुवदुथुराई आदिनम के प्रमुख श्री ला श्री अंबालावना देसिका परमाचार्य स्वामीगल के साक्षात्कार का हवाला देते हुए सेंगोल सौंपने को लेकर सवाल उठाए थे। जयराम ने कहा था कि पंडित नेहरू को सेंगोल सौंपने के दौरान की तस्वीर में दिखाई दे रहे प्रसिद्ध नागस्वरम कलाकर टीएन राजारत्नम पिल्लई भी हैं।

उनके मुताबिक केंद्रीय संस्कृति मंत्रालय की वेबसाइट के एक आलेख में कहा गया है कि जब भारत ने स्वतंत्रता प्राप्त की तो तिरुवदुथुराई मठम के पंडारसन्नधि द्वारा राजारत्नम को दिल्ली भेजा गया था, ताकि उनकी ओर से सेंगोल भेंट किया जा सके।

डा पी सुब्बारायण ने उन्हें पंडित नेहरू से मिलवाया और राजारत्नम ने सेंगोल सौंपने से पहले नागस्वरम की धुन भी सुनाई।

सेंगोल के साथ माउंटबेटन की तस्वीर नहीं होने का दिया जवाब

तिरुवदुथुराई आदिनम ने अपने बयान में कहा कि मासिलमणि पिल्लै (96) सेंगोल सौपे जाने की घटना के एक प्रत्यक्षदर्शी हैं। उन्होंने हाल ही में स्पष्ट रूप से उस घटना का वर्णन किया है। उन्होंने याद किया है कि माउंटबेटन को सेंगोल सौंपने की अपनी जिम्मेदारी को आदिनम ने सफलतापूर्वक पूरा किया। आदिनम ने यह काम चक्रवर्ती राजगोपालाचारी की पहल पर किया था।

सेंगोल की व्यवस्था के सिलसिले में मद्रास के जिलाधिकारी भी अगस्त 1947 में आदिनम आए थे। आदिनम ने कहा, हमें इस बात का बहुत दुख है कि मीडिया का एक वर्ग लगातार हमें बदनाम करने का प्रयास कर रहा है। सेंगोल के साथ माउंटबेटन की तस्वीर इसलिए नहीं है, क्योंकि आदिनम के लोग उस समय अपने साथ कैमरा लेकर नहीं चलते थे। वे सेंगोल सौंपने गए थे और अपनी जिम्मेदारी को उन्होंने सफलतापूर्वक निभाया। यह बात कई मीडिया रिकार्ड में दर्ज है।

इन्हें भी पढ़ें

  • All
  • विशेष
  • लाइफस्टाइल
  • खेल

प्रमाणवार्तिक तथा बौद्ध दर्शन न्याय में समन्वित विमर्श समय की मांग : कुलपति प्रो शुक्ल

September 30, 2022
ED

ईडी पर हो रही है राजनीति!

January 6, 2024
court

दिल्ली : वकील पर हमला करने वाले आरोपी को हाई कोर्ट ने अग्रिम जमानत देने से किया इनकार

April 11, 2023
पहल टाइम्स

पहल टाइम्स का संचालन पहल मीडिया ग्रुप्स के द्वारा किया जा रहा है. पहल टाइम्स का प्रयास समाज के लिए उपयोगी खबरों के प्रसार का रहा है. पहल गुप्स के समूह संपादक शूरबीर सिंह नेगी है.

Learn more

पहल टाइम्स कार्यालय

प्रधान संपादकः- शूरवीर सिंह नेगी

9-सी, मोहम्मदपुर, आरके पुरम नई दिल्ली

फोन नं-  +91 11 46678331

मोबाइल- + 91 9910877052

ईमेल- pahaltimes@gmail.com

Categories

  • Uncategorized
  • खाना खजाना
  • खेल
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • दिल्ली
  • धर्म
  • फैशन
  • मनोरंजन
  • यात्रा
  • राजनीति
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • लाइफस्टाइल
  • विशेष
  • विश्व
  • व्यापार
  • साक्षात्कार
  • सामाजिक कार्य
  • स्वास्थ्य

Recent Posts

  • किन सब्जियों को साथ खाने से हो जाती है पथरी? दूर कर लीजिए सारे शक
  • अंतरिक्ष में भारत की ऊंची छलांग! 2030 तक $45 अरब का होगा स्पेस मार्केट
  • ग्रहण मोक्ष के बाद घर और मंदिर में गंगाजल कैसे छिड़कें? जानिए इसका महत्व

© 2021 पहल टाइम्स - देश-दुनिया की संपूर्ण खबरें सिर्फ यहां.

  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन

© 2021 पहल टाइम्स - देश-दुनिया की संपूर्ण खबरें सिर्फ यहां.