नई दिल्ली: भारत सरकार ने 2024 में राष्ट्रीय राजमार्गों पर गलत टोल कटने के मामलों में 12.55 लाख रिफंड जारी किए हैं। केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने लोकसभा में जानकारी दी कि 2 करोड़ से अधिक का जुर्माना उन एजेंसियों पर लगाया गया है, जो टोल वसूली में अनियमितताओं के लिए जिम्मेदार पाई गई हैं। आइए जरा विस्तार से इसकी डिटेल्स जानते हैं।
FASTag लेन-देन में सिर्फ 0.03% गड़बड़ी
गडकरी ने बताया कि नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) द्वारा प्रदान किए गए डेटा के अनुसार, 2024 में कुल 410 करोड़ FASTag लेन-देन में से 12.55 लाख मामलों में रिफंड किया गया। यानी कि 0.03% FASTag ट्रांजैक्शन में गड़बड़ी हुई।
गलत टोल वसूली पर भारी जुर्माना
अगर कोई टोल वसूलने वाली एजेंसी गलत तरीके से पैसे काटती है, तो कॉन्ट्रैक्ट के क्लॉज-15 के तहत 30-50 गुना तक जुर्माना लगाया जाता है। इसी तरह, उत्तर प्रदेश STF द्वारा टोल फ्रॉड की जांच के बाद 14 टोल एजेंसियों को ब्लैकलिस्ट कर दिया गया है।
गलत टोल कटने के पीछे ये कारण
कई बार गलत व्हीकल रजिस्ट्रेशन नंबर (VRN) दर्ज होने की वजह से टोल कट जाता है। इसके अलावा कुछ मामलों में FASTag रीडर के बार-बार स्कैन करने से डबल चार्जिंग हो जाती है।
टोल वसूली में पारदर्शिता लाने के प्रयास
गडकरी ने बताया कि NHAI अब हाई-वे टोल प्लाज़ा पर ऑडिट कैमरे लगाने पर विचार कर रहा है। ये कैमरे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद से वाहनों की सही गिनती और वर्गीकरण करेंगे।
20,000 किमी. के हाईवे पर ATMS सिस्टम
सरकार ने 325 राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं पर 20,000 किमी हाईवे के दायरे में एडवांस ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (ATMS) लगाया है, जिससे यातायात को और सुरक्षित और सुगम बनाया जाएगा।
हर 40-60 किमी पर यात्रियों को मिलेगी सुविधा
यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए सरकार राष्ट्रीय राजमार्गों पर 700 वेसाइड एमेनिटी (WSA) सेंटर बनाने की योजना पर काम कर रही है। अभी तक 393 WSA मंजूर किए गए हैं, जिनमें से 94 चालू हो चुके हैं।
EV चार्जिंग स्टेशनों का विस्तार
भारत में अब तक 26,367 सार्वजनिक EV चार्जिंग स्टेशन लगाए जा चुके हैं। 2024-25 में ही 10,019 नए EV चार्जिंग स्टेशन चालू किए गए हैं।
टोल से सरकार ने कमाए 6,661 करोड़
NHAI ने 2024-25 में टोल, ऑपरेट और ट्रांसफर (TOT) मॉडल के जरिए 6,661 करोड़ जुटाए हैं। सरकार अब टोल वसूली को और पारदर्शी बनाने के लिए AI, ऑडिट कैमरे और पेनल्टी सिस्टम को और मजबूत कर रही है। साथ ही यात्रियों को बेवजह टोल चार्ज से बचाने के लिए कड़े नियम लागू किए जा रहे हैं।







