नई दिल्ली: इजरायल ने ईरान और लेबनान के खिलाफ जारी युद्ध अपने रणनीति बदल दिए हैं. ये युद्ध जंग के मैदान में अपने सैनिकों को उतार कर नहीं बल्कि कमांड सेंटर से लड़ी जा रही है. दरअसल, न्यूज18 इंडिया के कमांड सेंटर से इस जंग की एनालिसिस से पता चला कि इस जंग में इजरायल के पास दो ऐसे अचूक ‘ब्रह्मास्त्र’ हैं. ये ब्रह्मास्त्र गाजा से लेकर लेबनान-ईरान तक तबाही मचा रहे हैं.
दरअसल, हम बात कर रहे हैं इजरायल के सबसे खतरनाक और घातक अनमैन्ड एरियल व्हीकल (UAV) यानी ड्रोन्स ‘हर्मेस 450’ (Hermees 450) और हर्मेस 900 (Hermes 900) की. इजरायल अपने दुश्मनों पर पैनी नजर रखने और पिनपॉइंट (सटीक) स्ट्राइक करने के लिए इन्हीं पर सबसे ज्यादा निर्भर है.
क्या है हर्मेस 450, दुश्मनों को कैसे करता है टारगेट; इसके बारे में सबकुछ-
- हर्मेस 450 को इज़राइली रक्षा बलों (IDF) का वर्कहॉर्स (सबसे ज्यादा काम आने वाला हथियार) कहा जाता है.
- यह ड्रोन लगातार 20 घंटे तक हवा में मंडरा सकता है. इसकी सबसे बड़ी ताकत दुश्मन के इलाके में घुसकर उसकी हर गतिविधि की पल-पल की ‘लाइव निगरानी’ करना है.
- यह केवल एक स्पाई ड्रोन नहीं है. जरूरत पड़ने पर यह अपने साथ खतरनाक ‘स्पाइक मिसाइल’ (Spike Missiles) लेकर उड़ सकता है और चंद सेकंड में टारगेट को नेस्तनाबूद कर सकता है.
हर्मेस 900 खासियत
- 30 हजार फीट से 300 किलो तक बम-मिसाइल बरसाने की मद्दा रखता है-
- हर्मेस-900 अपने हर्मेस-450 का का बड़ा, एडवांस और ज्यादा विनाशकारी रूप है.
- इसकी ताकत का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि यह 30,000 फीट की अत्यधिक ऊंचाई से उड़ान भरता है. लगातार 30 घंटे से ज्यादा समय तक दुश्मन के आसमान में मंडरा सकता है. यह अपने साथ 300 किलोग्राम तक के भारी बम और मिसाइलें ले जाने में सक्षम है.
- इसमें सैन्य विशेषज्ञों के मुताबिक, इस ड्रोन में लगे एडवांस्ड रडार और इलेक्ट्रो-ऑप्टिकल सेंसर इतने शक्तिशाली हैं कि वे दीवारों के पार (Through-wall capabilities) छिपकर बैठे दुश्मनों और उनके हथियारों को भी स्कैन कर सकते हैं.
दुश्मन को इसकी भनक तक नहीं लगती
इन दोनों इजरायली ड्रोन्स की सबसे खौफनाक खासियत इनका लगभग ‘साइलेंट’ (बेआवाज़) होना है. आसमान में उड़ते समय इनके इंजनों की आवाज जमीन तक नहीं पहुंचती. लेबनान की पहाड़ियों या गाज़ा के घनी आबादी वाले इलाकों में बैठे दुश्मन को इस बात का पता ही नहीं चलता कि वह किसी के निशाने पर है, और अचानक आसमान से एक मिसाइल आकर सब कुछ राख कर देती है.
ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर पैनी नजर
खुफिया रिपोर्टों के अनुसार, इज़राइल इन बेआवाज़ शिकारियों का उपयोग ईरान के खिलाफ बेहद आक्रामक रूप से कर रहा है. ईरान के भीतर मिसाइलों की आवाजाही और उसके संवेदनशील परमाणु कार्यक्रम से जुड़ी हर गुप्त गतिविधि पर नजर रखने के लिए इन्हीं ड्रोन्स का इस्तेमाल किया जा रहा है. कुल मिलाकर, हर्मेस सीरीज़ के ये ड्रोन इज़राइल की सुरक्षा की वह अदृश्य आंख हैं, जो मौत बनकर दुश्मनों पर टूटते हैं.







