Upgrade
पहल टाइम्स
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन
No Result
View All Result
पहल टाइम्स
No Result
View All Result
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
  • विशेष
  • ईमैगजीन
Home विश्व

भारत के ल‍िए संजीवनी बना ईरान-अमेरिका सीजफायर!

पहल टाइम्स डेस्क by पहल टाइम्स डेस्क
April 9, 2026
in विश्व
A A
iran-us ceasefire
25
SHARES
821
VIEWS
Share on FacebookShare on Whatsapp

नई दिल्ली:  ईरान और अमेरिका के बीच 14 दिनों के सीजफायर से भारत को तात्कालिक तौर पर बड़ा फायदा मिलने जा रहा है. पश्चिम एशिया में तनाव कम होने से न केवल भारत की ऊर्जा जरूरतों का संकट टला है, बल्कि खाड़ी देशों में रहने वाले करोड़ों भारतीयों की सुरक्षा को लेकर भी सरकार अब पहले से अधिक आश्वस्त है. विदेश मंत्रालय के सूत्रों की मानें तो यह 14 दिन भारत के लिए ‘ऑपरेशनल’ तौर पर बेहद महत्वपूर्ण हैं.

भारत के लिए सबसे बड़ी चिंता का विषय फारस की खाड़ी और होर्मुज में फंसे उसके मालवाहक जहाज थे. युद्ध की स्थिति में होर्मुज के पश्चिम में स्थित फारस की खाड़ी एक डेथ ट्रैप बन गई थी. भारत के 16 जहाज वहां फंसे हुए थे, जिन पर लगातार हमले का खतरा मंडरा रहा था. अब इस 14 दिनों के सीजफायर ने एक सेफ कॉर‍िडोर द‍िया है. उम्मीद है कि इन द‍िनों में ये सभी 16 भारतीय जहाज सुरक्षित रूप से भारतीय तटों पर पहुंच जाएंगे.

इन्हें भी पढ़े

india-us trade deal

भारत-अमेरिका के बीच व्यापार समझौते पर तेज हुई वार्ता!

June 22, 2026
India-Russia

चीन की दादागिरी खत्म करने का मास्टरप्लान, रूस संग ये डील है गेमचेंजर!

June 21, 2026
trump

खत्म हो चुका है ईरान, एक पैसा भी नहीं मिलेगा…तेहरान के साथ डील पर ट्रंप का बड़ा बयान

June 19, 2026
donald trump

G7 के मंच से ट्रंप की दो टूक चेतावनी, ईरान के साथ डील फेल हुई तो फिर बरसाएंगे बम

June 17, 2026
Load More

LPG और कच्चे तेल की आपूर्ति

भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए भारी मात्रा में खाड़ी देशों पर निर्भर है. सरकार के मुताब‍िक- सीजफायर की वजह से LPG यानी रसोई गैस की सप्‍लाई में बाधा आ रही थी, वह अब फिर से पटरी पर लौट आएगी. जहाजों की बेरोकटोक आवाजाही से भारत में ईंधन की कीमतों और स्टॉक पर पड़ने वाला दबाव कम होगा.

1 करोड़ भारतीयों की सुरक्षा

खाड़ी के देशों में लगभग एक करोड़ भारतीय रहते हैं. पिछले 40 दिनों की जंग के दौरान 8 भारतीयों की मौत ने सरकार की चिंता बढ़ा दी है. सीजफायर के कारण उन देशों के हवाई मार्ग फिर से खुल गए हैं, जो युद्ध की वजह से ‘नो फ्लाई जोन’ बन चुके थे. इससे खाड़ी देशों से भारतीयों की भारत वापसी हो पाएगी.

युद्ध के साये में जी रहे भारतीय प्रवासियों और उनके परिवारों के लिए यह 14 दिन किसी बड़े सुकून से कम नहीं हैं. भारत की प्राथमिकता अब यह है कि इस सीजफायर को स्थायी शांति में बदला जाए ताकि भविष्य में किसी भारतीय नागरिक को अपनी जान न गंवानी पड़े.

ईरान के भीतर वर्तमान में लगभग 7500 भारतीय मौजूद हैं. संघर्ष विराम का सबसे बड़ा रणनीतिक लाभ इन्हीं भारतीयों को सुरक्षित निकालने में मिलेगा.

नया रूट बना आर्मेनिया और अजरबैजान

विदेश मंत्रालय के मुताबिक, ईरान के दक्षिणी हिस्से में बड़ी संख्या में भारतीय मछुआरे और नाविक फंसे हुए थे. युद्ध के कारण वे देश के उत्तरी हिस्से तक नहीं पहुंच पा रहे थे, जहां से निकलना आसान होता है. अब संघर्ष विराम के बाद स्थितियां बदल गई हैं: दक्षिणी ईरान में फंसे भारतीय अब सड़क मार्ग से उत्तर की ओर बढ़ सकते हैं. भारतीय दूतावास ने निर्देश जारी किए हैं कि लोग जल्द से जल्द समन्वय स्थापित करें. अब इन भारतीयों को आर्मेनिया और अजरबैजान के रास्ते सुरक्षित भारत वापस लाया जा सकता है.

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, भारत इस स्थिति पर बारीकी से नजर बनाए हुए है. भारतीय दूतावास लगातार ईरान में फंसे नागरिकों के संपर्क में है. सरकार की प्राथमिकता है कि संघर्ष विराम के इस समय का अधिकतम लाभ उठाकर हर एक भारतीय को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया जाए. मछुआरों और नाविकों के लिए विशेष कोऑर्डिनेशन डेस्क काम कर रही है ताकि उन्हें भौगोलिक चुनौतियों और युद्ध के मलबे से बचाकर निकाला जा सके.

चुनौतियां बरकरार, लेकिन उम्मीद कायम

भले ही यह 14 दिन भारत को बड़ी राहत दे रहे हैं, लेकिन रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यह केवल एक ‘पॉज बटन’ है, ‘स्टॉप बटन’ नहीं. पश्चिम एशिया की चुनौतियां अभी भी जटिल हैं. भारत के लिए चुनौती यह है कि अगर 14 दिन बाद फिर से संघर्ष शुरू होता है, तो वह अपने रणनीतिक हितों की रक्षा कैसे करेगा?

इन्हें भी पढ़ें

  • All
  • विशेष
  • लाइफस्टाइल
  • खेल
india-Iran

ईरान पर अमेरिकी हमले के बाद भारत और अरब देशों का रुख… कूटनीति, संयम और क्षेत्रीय स्थिरता पर जोर!

June 22, 2025
PM Modi BJP leaders meeting

कर्नाटक-हिमाचल में हार, पीएम मोदी ने बीजेपी नेताओं को किया चौकन्ना?

August 9, 2023

रोजगार पर गहरी मार

January 28, 2023
पहल टाइम्स

पहल टाइम्स का संचालन पहल मीडिया ग्रुप्स के द्वारा किया जा रहा है. पहल टाइम्स का प्रयास समाज के लिए उपयोगी खबरों के प्रसार का रहा है. पहल गुप्स के समूह संपादक शूरबीर सिंह नेगी है.

Learn more

पहल टाइम्स कार्यालय

प्रधान संपादकः- शूरवीर सिंह नेगी

9-सी, मोहम्मदपुर, आरके पुरम नई दिल्ली

फोन नं-  +91 11 46678331

मोबाइल- + 91 9910877052

ईमेल- pahaltimes@gmail.com

Categories

  • Uncategorized
  • खाना खजाना
  • खेल
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • दिल्ली
  • धर्म
  • फैशन
  • मनोरंजन
  • यात्रा
  • राजनीति
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • लाइफस्टाइल
  • विशेष
  • विश्व
  • व्यापार
  • साक्षात्कार
  • सामाजिक कार्य
  • स्वास्थ्य

Recent Posts

  • ITR जमा करने के बाद दोबारा क्यों भरना पड़ रहा है फॉर्म?
  • इंटरनेशनल क्रिकेट में सबसे ज्यादा छक्के, लेकिन इस टीम के खिलाफ एक भी सिक्स नहीं लगा पाए रोहित
  • NEET के बाद अब UGC NET में भी री-एग्जाम, क्या है पूरा मामला?

© 2021 पहल टाइम्स - देश-दुनिया की संपूर्ण खबरें सिर्फ यहां.

  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन

© 2021 पहल टाइम्स - देश-दुनिया की संपूर्ण खबरें सिर्फ यहां.