नई दिल्ली। दिल्ली शराब नीति मामले में गुरुवार को दिल्ली हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान बड़ा घटनाक्रम सामने आया। मामले की सुनवाई कर रहीं जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा ने कहा कि आदेश तैयार किया जा रहा है और अदालत शाम 5 बजे दोबारा बैठेगी, जहां फैसला सुनाया जाएगा। कोर्ट की इस टिप्पणी के बाद पूरे मामले पर राजनीतिक और कानूनी हलकों की नजरें टिक गई हैं।
केजरीवाल-सिसोदिया समेत कई नाम जुड़े
यह मामला दिल्ली शराब नीति केस से जुड़ी सीबीआई की अपील और ईडी की याचिका से संबंधित है। जिन प्रतिवादियों की ओर से जवाब दाखिल नहीं किया गया, उनमें आम आदमी पार्टी (AAP) प्रमुख अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया और दुर्गेश पाठक के नाम भी शामिल बताए जा रहे हैं। कोर्ट ने जवाब दाखिल न करने के मुद्दे को गंभीरता से लिया है।
जज के खिलाफ टिप्पणियों पर नाराजगी
सुनवाई के दौरान अदालत ने उन आरोपों और टिप्पणियों पर भी कड़ा रुख दिखाया, जिन्हें न्यायपालिका और जज के खिलाफ अपमानजनक माना गया। जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा ने संकेत दिए कि अदालत की गरिमा पर सवाल उठाने वाले मामलों को हल्के में नहीं लिया जाएगा और इसी को देखते हुए अवमानना की कार्यवाही शुरू करने का फैसला लिया गया है।
बड़े एक्शन की तैयारी में हाई कोर्ट
इससे पहले हाईकोर्ट ने संकेत दिए थे कि मामले में एमिकस क्यूरी नियुक्त किया जा सकता है, लेकिन अब अदालत ने सीधे अवमानना की प्रक्रिया शुरू करने का निर्णय लिया है। ऐसे में शाम 5 बजे आने वाला आदेश बेहद अहम माना जा रहा है, क्योंकि इससे मामले की आगे की कानूनी दिशा तय हो सकती है।







