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Home राष्ट्रीय

कोरोना के बाद HMPV बढ़ा रहा टेंशन, इनसे भी खतरनाक हैं ये 10 वायरस

पहल टाइम्स डेस्क by पहल टाइम्स डेस्क
January 9, 2025
in राष्ट्रीय
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नई दिल्ली: भारतीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने लोगों से अपनी सेहत का ध्यान रखने, लगातार हाथ धोने और खांसी, जुखाम पर मास्क पहनने की सलाह दी है। भारत में अभी तक एचएमपीवी के 7 ज्ञात मामले हैं। हम इस आर्टिकल में जानेंगे दुनिया के 10 सबसे खतरनाक वायरस के बारे में…

मारबर्ग वायरस

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यह दुनिया के सबसे खतरनाक वायरस में से एक है। इसका बीमारी से कोई लेना-देना नहीं है। मारबर्ग वायरस एक रक्तस्रावी बुखार वायरस है। इबोला की तरह, मारबर्ग वायरस स्किन, त्वचा और अंगों में ऐंठन और रक्तस्राव का कारण बनता है। इसकी मृत्यु दर 90 प्रतिशत है

इबोला

इबोला वायरस के पांच प्रकार हैं , जिनमें से प्रत्येक का नाम अफ्रीका के देशों और क्षेत्रों के नाम पर रखा गया है। इबोला वायरस सबसे घातक है, जिसकी मृत्यु दर 90 प्रतिशत है। यह वर्तमान में गिनी, सिएरा लियोन और लाइबेरिया और उससे आगे तक फैल रहा है।

हंता वायरस

हंता वायरस कई तरह के वायरस का मिक्स है। इसका नाम एक नदी के नाम पर रखा गया है, जहां 1950 में कोरियाई युद्ध के दौरान अमेरिकी सैनिकों के हंता वायरस से संक्रमित होने की बात सामने आई थी। इसके लक्षणों में फेफड़ों का काम बंद कर देना, बुखार और किडनी फेल होना शामिल हैं।

बर्ड फ्लू वायरस

बर्ड फ्लू की मृत्यु दर 70 प्रतिशत है। यह मुर्गी के साथ सीधे संपर्क से संक्रमित कर सकता है। यही कारण है कि इसके अधिकांश मामले एशिया में दिखाई देते हैं, जहां लोग अक्सर मुर्गियों के करीब रहते हैं।

लासा वायरस

नाइजीरिया में एक नर्स लासा वायरस से संक्रमित होने वाली पहली व्यक्ति थी। यह वायरस चूहों से फैलता है। वैज्ञानिकों का मानना ​​है कि पश्चिमी अफ्रीका में 15 प्रतिशत चूहे इस वायरस को इंसानों तक फैला सकते हैं।

जूनिन वायरस

जूनिन वायरस अर्जेंटीना के रक्तस्रावी बुखार से जुड़ा हुआ है। वायरस से संक्रमित लोगों में सूजन, त्वचा से खून बहना शामिल है। इसके लक्षण इतने सामान्य हो सकते हैं कि बीमारी का पता तक नहीं चल पाता।

क्रीमिया-कांगो बुखार

क्रीमिया-कांगो बुखार वायरस अफ्रीकी देशों में फैलने वाला वायरस है। यह इबोला और मारबर्ग वायरस जैसा ही है। यह टिक नामक कीड़े से फैलता है। संक्रमण के शुरुआती दिनों में, पीड़ित के चेहरे, मुंह में खून निकलने लगता है। यह बेहद जानलेवा बुखार है।

माचुपो वायरस

माचुपो वायरस भी रक्तस्रावी बुखार से जुड़ा है, इसे ब्लैक टाइफस के नाम से भी जाना जाता है। इस संक्रमण के कारण तेज़ बुखार आता है, जिसके साथ भारी रक्तस्राव होता है। यह वायरस एक इंसान से दूसरे इंसान में फैल सकता है।

क्यासानूर वन वायरस

वैज्ञानिकों ने 1955 में भारत के दक्षिण-पश्चिमी तट पर इस वायरस की खोज की थी। वैज्ञानिकों का कहना है चूहे, पक्षी और सूअर इसके इंसानों में फैलने की वजह हो सकते हैं। वायरस से संक्रमित लोग तेज बुखार, तेज सिरदर्द और मांसपेशियों में दर्द से पीड़ित होते हैं। जिसके बाद रक्तस्राव होता है।

डेंगू बुखार

डेंगू बुखार अक्सर बरसात के मौसम में फैलने वाली आम और घातक बीमारी है। यह मच्छरों से इंसानों में फैलता है। इससे हर साल 50 से 100 मिलियन लोग प्रभावित होते हैं।

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