Upgrade
पहल टाइम्स
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन
No Result
View All Result
पहल टाइम्स
No Result
View All Result
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
  • विशेष
  • ईमैगजीन
Home विश्व

कैसे काम करता है एंटी बैलेस्टिक मिसाइल डिफेंस सिस्टम, जिस काम करेंगे भारत-इजरायल

पहल टाइम्स डेस्क by पहल टाइम्स डेस्क
February 22, 2026
in विश्व
A A
India missile
11
SHARES
355
VIEWS
Share on FacebookShare on Whatsapp

नई दिल्ली। दुनिया में जंग का तरीका तेजी से बदल रहा है. अब सिर्फ मिसाइलें ही नहीं, बल्कि दुश्मन को रोकने के लिए और भी नई-नई तकनीक का इस्तेमाल हो रहा है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इजरायल दौरे से पहले एक बड़ी रक्षा डील की चर्चा है, जिसमें एंटी बैलिस्टिक मिसाइल डिफेंस सिस्टम और लेजर हथियार शामिल हो सकते हैं. अगर यह समझौता होता है, तो भारत की हवाई सुरक्षा पहले से कहीं ज्यादा मजबूत हो सकती है. अब सवाल है, यह सिस्टम आखिर काम कैसे करता है?

एंटी बैलिस्टिक मिसाइल डिफेंस सिस्टम क्या है?

इन्हें भी पढ़े

tariff war

अमेरिका ने लगाया 10 फीसदी ग्लोबल टैरिफ, भारत पर क्या होगा असर?

February 21, 2026
ukraine- russia war

रूस-यूक्रेन की चार साल, दोनों देशों के 25 लाख से ज्यादा सैनिक हुए शहीद

February 21, 2026
India joins Pax Silica

पैक्स सिलिका में शामिल हुआ भारत, जानिए कैसे और कहां होगा फायदा?

February 20, 2026
india-us trade deal

वेनेजुएला से सस्ता तेल और अमेरिका से बड़ी ट्रेड डील, क्या है भारत का मास्टरप्लान? 

February 20, 2026
Load More

एंटी बैलिस्टिक मिसाइल डिफेंस सिस्टम, जिसे संक्षेप में ABMD कहा जाता है, एक ऐसी बहु-स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था है जो दुश्मन की बैलिस्टिक मिसाइलों को हवा में ही मार गिराने के लिए बनाई जाती है. बैलिस्टिक मिसाइलें लंबी दूरी तय करती हैं और ऊंचाई पर जाकर फिर तेज रफ्तार से लक्ष्य की ओर गिरती हैं. इनको रोकना तकनीकी रूप से बेहद चुनौतीपूर्ण काम है.

इस सिस्टम में आमतौर पर तीन मुख्य हिस्से होते हैं- लंबी दूरी के रडार, कमांड एंड कंट्रोल सेंटर और इंटरसेप्टर मिसाइलें. रडार दुश्मन की मिसाइल को लॉन्च होते ही ट्रैक करता है. कमांड सेंटर खतरे का आकलन करता है और इंटरसेप्टर मिसाइल को दागने का आदेश देता है. इंटरसेप्टर हवा में जाकर दुश्मन की मिसाइल से टकराकर उसे नष्ट कर देता है. इसे हिट टू किल तकनीक भी कहा जाता है.

भारत पहले से ही अपना दो-स्तरीय बैलिस्टिक मिसाइल डिफेंस कार्यक्रम विकसित कर रहा है, जिसमें ऊंचाई पर रोकने के लिए अलग और निचली परत में रोकने के लिए अलग इंटरसेप्टर बनाए गए हैं. अब इजरायल के साथ संभावित सहयोग इस क्षमता को और मजबूत कर सकता है.

भारत-इजरायल रक्षा सहयोग

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 25-26 फरवरी को इजरायल दौरे पर रहेंगे. इस दौरान भारत और इजराइल के बीच एंटी बैलिस्टिक मिसाइल डिफेंस सिस्टम के संयुक्त विकास पर बड़ा समझौता होने की संभावना जताई जा रही है. इसके अलावा लॉन्ग रेंज स्टैंड-ऑफ मिसाइल, एडवांस ड्रोन और लेजर आधारित हथियारों के जॉइंट डेवलपमेंट पर भी बातचीत हो सकती है.

भारत पहले ही इजरायल के साथ कई रक्षा प्रोजेक्ट्स पर काम कर चुका है. ऐसे में यह नया कदम भारत की एयर डिफेंस रणनीति को नई दिशा दे सकता है.

लेजर डिफेंस सिस्टम आयरन बीम की ताकत

इजरायल का लेजर डिफेंस सिस्टम आयरन बीम दुनिया के सबसे एडवांस सिस्टम्स में गिना जाता है. इसे दिसंबर 2025 में इजरायली डिफेंस फोर्स में शामिल किया गया है. यह पारंपरिक मिसाइल इंटरसेप्टर से अलग तरीके से काम करता है. सबसे बड़ी बात इसकी रफ्तार है. जहां पारंपरिक मिसाइलों को लक्ष्य तक पहुंचने में कुछ सेकंड लगते हैं, वहीं लेजर बीम प्रकाश की गति से हमला करती है, जो लगभग 3 लाख किलोमीटर प्रति सेकंड मानी जाती है. इसका मतलब है कि जैसे ही खतरा दिखा, तुरंत जवाब मिलेगा.

दूसरी खासियत इसकी लागत है. पारंपरिक इंटरसेप्टर मिसाइलों की कीमत लाखों डॉलर तक हो सकती है, जबकि लेजर सिस्टम में हर शॉट की लागत बहुत कम होती है, क्योंकि इसमें गोला-बारूद नहीं बल्कि बिजली का इस्तेमाल होता है. जब तक पावर सप्लाई है, सिस्टम लगातार काम कर सकता है.

ड्रोन और रॉकेट हमलों से बचाव

आजकल युद्ध में ड्रोन स्वार्म यानी एक साथ कई ड्रोन से हमला बड़ा खतरा बन चुका है. लेजर सिस्टम एक साथ कई छोटे टारगेट को तेजी से निशाना बना सकता है. यह रॉकेट, मोर्टार और छोटे ड्रोन को हवा में ही जला सकता है. इसकी पिनप्वाइंट सटीकता इसे खास बनाती है, क्योंकि यह सीधे लक्ष्य के इंजन या विस्फोटक हिस्से को निष्क्रिय कर देता है. पारंपरिक सिस्टम कई बार छोटे और कम समय में गिरने वाले मोर्टार शेल को रोक नहीं पाते, लेकिन लेजर आधारित सिस्टम इस चुनौती से निपटने में सक्षम माना जाता है.

भारत के लिए क्या मायने?

अगर भारत और इजरायल के बीच यह समझौता होता है, तो भारत की बहु-स्तरीय एयर डिफेंस ढांचा और मजबूत हो सकता है. बैलिस्टिक मिसाइल, ड्रोन और रॉकेट जैसे अलग-अलग खतरों से निपटने के लिए एक इंटीग्रेटेड सिस्टम तैयार किया जा सकता है. बदलते युद्ध के दौर में हथियारों की सिर्फ संख्या नहीं, बल्कि तकनीक अहम है. एंटी बैलिस्टिक मिसाइल डिफेंस और लेजर हथियारों का मेल आने वाले समय में हवाई सुरक्षा का नया मानक तय कर सकता है. भारत के लिए यह सिर्फ एक रक्षा सौदा नहीं, बल्कि भविष्य की सुरक्षा रणनीति में बड़ा कदम साबित हो सकता है.

इन्हें भी पढ़ें

  • All
  • विशेष
  • लाइफस्टाइल
  • खेल

मुड़िया मेला शुरू : तू एक बार आजा श्री गिरिराज महाराज की शरण में, डीएम ने किया श्रमदान

July 5, 2025
india eonomic

भारत ने विभिन्न क्षेत्रों में प्राप्त की हैं असाधारण उपलब्धियां!

February 13, 2025
Congress AAP

कांग्रेस से दोस्ती चाहती है केजरीवाल सरकार!

June 2, 2023
पहल टाइम्स

पहल टाइम्स का संचालन पहल मीडिया ग्रुप्स के द्वारा किया जा रहा है. पहल टाइम्स का प्रयास समाज के लिए उपयोगी खबरों के प्रसार का रहा है. पहल गुप्स के समूह संपादक शूरबीर सिंह नेगी है.

Learn more

पहल टाइम्स कार्यालय

प्रधान संपादकः- शूरवीर सिंह नेगी

9-सी, मोहम्मदपुर, आरके पुरम नई दिल्ली

फोन नं-  +91 11 46678331

मोबाइल- + 91 9910877052

ईमेल- pahaltimes@gmail.com

Categories

  • Uncategorized
  • खाना खजाना
  • खेल
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • दिल्ली
  • धर्म
  • फैशन
  • मनोरंजन
  • यात्रा
  • राजनीति
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • लाइफस्टाइल
  • विशेष
  • विश्व
  • व्यापार
  • साक्षात्कार
  • सामाजिक कार्य
  • स्वास्थ्य

Recent Posts

  • WhatsApp खुद तय समय पर भेजेगा आपका मैसेज, जानिए कैसे
  • भारत बनी वुमेंस एशिया कप की चैंपियन, बांग्लादेश को 46 रनों से हराया
  • दिल्ली : सीएम रेखा गुप्ता से सीधे कैसे कर सकते हैं शिकायत!

© 2021 पहल टाइम्स - देश-दुनिया की संपूर्ण खबरें सिर्फ यहां.

  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन

© 2021 पहल टाइम्स - देश-दुनिया की संपूर्ण खबरें सिर्फ यहां.