नई दिल्ली: ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, जब सूर्यदेव मकर राशि से निकलकर कुंभ राशि में प्रवेश करते हैं, तब कुंभ संक्रांति का पर्व मनाया जाता है। साल 2026 में 13 फरवरी को कुंभ संक्रांति मनाई जाएगी। इस दिन पूजा-पाठ का खास महत्व होता है। वहीं, साथ में अगर कुछ खास उपाय भी कर लिया जाए, तो सूर्यदेव की कृपा बरसने लगती है।
सकारात्मक ऊर्जा के उपाय
कुम्भ संक्रांति के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करना बहुत शुभ माना जाता है। अगर संभव हो तो नहाने के पानी में थोड़ा सा गंगाजल मिला लें। इससे शरीर ही नहीं, मन भी शुद्ध होता है। मान्यता है कि इस दिन किया गया स्नान पुराने पापों और नकारात्मक ऊर्जा को दूर करता है और नई सकारात्मक शुरुआत देता है। कुम्भ संक्रांति नई सोच और बदलाव का प्रतीक है। इस दिन घर की बेकार या पुरानी चीजें दान कर दें या हटा दें। ऐसा करने से नकारात्मक ऊर्जा बाहर जाती है और जीवन में नई सकारात्मक चीजों के लिए जगह बनती है।
स्वास्थ्य सुधार के उपाय
कुंभ संक्रांति के दिन सूर्य देव की पूजा खास मानी जाती है। तांबे के लोटे में साफ पानी, थोड़ा सा रोली और अक्षत डालकर सूर्य को अर्घ्य दें। अर्घ्य देते समय मन ही मन सूर्य मंत्र या ऊं सूर्याय नमः बोलें। इससे स्वास्थ्य अच्छा रहता है, आत्मविश्वास बढ़ता है और जीवन में स्थिरता आती है।
शनि दोष के उपाय
कुम्भ संक्रांति पर तिल और गुड़ का दान बहुत फलदायी माना गया है। आप काले तिल, गुड़, तिल से बनी मिठाई या तिल का तेल जरूरतमंद को दे सकते हैं। ऐसा करने से शनि दोष कम होता है और जीवन में चल रही परेशानियों में धीरे-धीरे राहत मिलती है।
आर्थिक तंगी से निपटने के उपाय
कुंभ संक्रांति पर किसी भूखे को खाना खिलाना बहुत बड़ा पुण्य माना जाता है। अगर बाहर जाकर संभव न हो तो घर पर ही किसी जरूरतमंद को भोजन करा सकते हैं। मान्यता है कि इससे घर में सुख-शांति बनी रहती है और आर्थिक तंगी धीरे-धीरे दूर होती है।
ग्रह दोष शांति के उपाय
कुंभ संक्रांति के दिन पानी की बर्बादी से बचना चाहिए। साथ ही, अगर हो सके तो प्याऊ लगवाएं या किसी को पानी पिलाएं। कुम्भ राशि जल तत्व से जुड़ी है, इसलिए इस दिन जल दान करने से ग्रह दोष शांत होते हैं और मानसिक शांति मिलती है।
मन शांति के उपाय
कुम्भ संक्रांति के दिन थोड़ी देर शांत बैठकर मंत्र जप या ध्यान करना बहुत लाभकारी होता है। ऊं नमः शिवाय या ऊं नमो नारायणाय जैसे सरल मंत्रों का जप कर सकते हैं। इससे मन की उलझनें कम होती हैं और अंदर से सुकून महसूस होता है।







